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ऋण के लिए 162 पशुपालकों ने आवेदन किए बैंक ने केवल दस फाइलें ली, 152 वापस की

भास्कर संवाददाता | पोकरण (आंचलिक) राज्य सरकार व पशु पालन विभाग द्वारा पशुपालकों को लाभान्वित करने के लिए विभिन्न...

Danik Bhaskar | Feb 01, 2018, 02:45 PM IST
भास्कर संवाददाता | पोकरण (आंचलिक)

राज्य सरकार व पशु पालन विभाग द्वारा पशुपालकों को लाभान्वित करने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं संचालित की जा रही है। पशुपालकों को समय-समय पर योजनाओं की जानकारी नहीं होने के कारण पशुपालक राज्य सरकार व केन्द्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से वंचित हो रहे है। उपखंड क्षेत्र के पशुपालकों केन्द्र व राज्य सरकार चलाई योजनाओं लाभ नहीं मिल पा रहा है।

162 आवेदन हुए, बैंक ने 152 आवेदन लौटाए केवल: पोकरण तहसील क्षेत्र के पशुपालकों ने प्रधानमंत्री डेयरी फार्म योजना के तहत ऋण के लिए आवेदन किए गए थे। लेकिन अभी तक पशुपालकों को ऋण नहीं मिलने के कारण पशुपालकों द्वारा किए आवेदनों पर धुल चढ़ने लगी है। लेकिन पशुपालन विभाग द्वारा पशुपालकों द्वारा किए गए आवेदनों की जांच कर संबंधित बैंक अधिकारियों को सौंप दी। उसके बाद बैंक अधिकारियों द्वारा इस पर कोई कार्रवाई नहीं करके वापिस पशुपालन विभाग को सौंप दिए। पशुपालकों द्वारा भरे गए आवेदनों पर धूल चढ़ने लगी है। पशुपालकों द्वारा भरे गए आवेदनों पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होने के कारण पशुपालकों में पशुपालन विभाग व बैंक अधिकारियों के प्रति दिनों दिन रोष बढ़ता जा रहा है। पशुपालन विभाग द्वारा 162 आवेदनों में मात्र 10 आवेदन बैंक अधिकारियों ने लिए तथा 152 आवेदन फार्म संबंधित विभाग को वापिस लौटा दिए। जिसके कारण पशुपालकों को संचालित योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

लाखों रुपए खर्च किए लेकिन नहीं मिला ऋण

पशुपालकों ने बताया कि पशुपालन विभाग द्वारा शुरू की गई योजना के तहत पोकरण तहसील के 162 पशुपालकों ने लाखों रुपए खर्च कर ऋण के लिए आवेदन किया गया था। लेकिन बैंक अधिकारियों द्वारा ऋण स्वीकृत नहीं करने के कारण पशुपालकों द्वारा खर्च किए लाखों रुपए का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पशुपालकों ने बताया कि प्रत्येक आवेदन पर तीन हजार रुपए से अधिक राशि खर्च करने के बावजूद भी पशुपालकों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पाया गया। जिसके कारण पशुपालकों के खर्च किए गए रुपयों का अभी तक लाभ नहीं मिल रहा है।



भास्कर संवाददाता | पोकरण (आंचलिक)

राज्य सरकार व पशु पालन विभाग द्वारा पशुपालकों को लाभान्वित करने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं संचालित की जा रही है। पशुपालकों को समय-समय पर योजनाओं की जानकारी नहीं होने के कारण पशुपालक राज्य सरकार व केन्द्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से वंचित हो रहे है। उपखंड क्षेत्र के पशुपालकों केन्द्र व राज्य सरकार चलाई योजनाओं लाभ नहीं मिल पा रहा है।

162 आवेदन हुए, बैंक ने 152 आवेदन लौटाए केवल: पोकरण तहसील क्षेत्र के पशुपालकों ने प्रधानमंत्री डेयरी फार्म योजना के तहत ऋण के लिए आवेदन किए गए थे। लेकिन अभी तक पशुपालकों को ऋण नहीं मिलने के कारण पशुपालकों द्वारा किए आवेदनों पर धुल चढ़ने लगी है। लेकिन पशुपालन विभाग द्वारा पशुपालकों द्वारा किए गए आवेदनों की जांच कर संबंधित बैंक अधिकारियों को सौंप दी। उसके बाद बैंक अधिकारियों द्वारा इस पर कोई कार्रवाई नहीं करके वापिस पशुपालन विभाग को सौंप दिए। पशुपालकों द्वारा भरे गए आवेदनों पर धूल चढ़ने लगी है। पशुपालकों द्वारा भरे गए आवेदनों पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होने के कारण पशुपालकों में पशुपालन विभाग व बैंक अधिकारियों के प्रति दिनों दिन रोष बढ़ता जा रहा है। पशुपालन विभाग द्वारा 162 आवेदनों में मात्र 10 आवेदन बैंक अधिकारियों ने लिए तथा 152 आवेदन फार्म संबंधित विभाग को वापिस लौटा दिए। जिसके कारण पशुपालकों को संचालित योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।


बैंक अधिकारी नहीं दे रहे है स्पष्ट जवाब

पशुपालकों ने बैंक अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए बताया कि पशुपालन विभाग द्वारा पशुपालन विभाग द्वारा बैंक जमा करवाए गए आवेदन फार्मों लेकर बैंक अधिकारी किसी प्रकार का संतुष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा है। जिसके कारण पशुपालकों द्वारा जमा करवाए गए आवेदनों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। जिसके कारण पशुपालकों द्वारा भरे गए आवेदन फार्म इन दिनों कार्रवाई नहीं हो पा रही है। पशुपालकों ने बताया कि बैंक अधिकारियों द्वारा इस संबंध किसी प्रकार जवाब नहीं देने के कारण पशुपालकों द्वारा अपने ऋण के लिए बैंक के अधिकारियों के पीछे चक्कर काटने के लिए मजबूर हो रहे है। पशुपालकों ने बताया कि यदि बैंक अधिकारी आवेदनों की त्रुटि बताते है तो उनको सही भी कर सकते है। लेकिन बैंक अधिकारियों द्वारा इस आवेदनों पर कोई कार्रवाई नहीं पा रही है।