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महंगाई के विरोध में कांग्रेस का जैसलमेर बंद रहा बेअसर बंद करवाने आए कांग्रेसियों को व्यापारियों ने लौटाया

भास्कर संवाददाता | जैसलमेर पोकरण पेट्रोल व डीजल के बढ़ते दाम व बढ़ती महंगाई को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को भारत बंद...

Danik Bhaskar | Sep 11, 2018, 06:15 AM IST
भास्कर संवाददाता | जैसलमेर पोकरण

पेट्रोल व डीजल के बढ़ते दाम व बढ़ती महंगाई को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को भारत बंद का आह्वान किया था। कांग्रेस का यह दांव जैसलमेर में उल्टा पड़ गया। यहां सवर्ण व ओबीसी वर्ग ने बंद के आह्वान के बाद से ही बंद नहीं करने के प्रयास शुरू कर दिए थे। बंद से एक दिन पूर्व व्यापारियों ने पंपलेट लगाकर कांग्रेस नेताओं से पूछा कि वे 6 सितंबर को कहां थे, अब क्यों आए हो…।

जिस तरह से विरोध देखने को मिल रहा था उससे अंदाजा लग गया था कि बंद का असर नहीं रहेगा। ऐसा ही हुआ। जैसलमेर शहर में सभी बाजार दिन भर खुले रहे। व्यापारियों ने अपने अपने प्रतिष्ठान खुले रहे। हालांकि इस दौरान कुछ एक दुकानें बंद रही वह भी कांग्रेस विचारधारा रखने वालों की।

बंद का विरोध देखते हुए कांग्रेसियों ने भांप लिया था कि बाजार बंद करवाना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में सुबह साढ़े नौ बजे ही बाजार में कांग्रेसियों ने रैली निकाल दी। इस दौरान अधिकतर दुकानें बंद थीं। गौरतलब है कि जैसलमेर का बाजार सुबह 10 बजे के बाद ही खुलता है। कांग्रेस की रैली के दौरान कार्यकर्ताओं की कुछ व्यापारियों से बातचीत भी हुई। व्यापारियों ने उन्हें साफ शब्दों में कहा कि वे कांग्रेस के आह्वान पर बंद नहीं रखेंगे।

6 सितंबर को साथ नहीं देने पर फूटा सवर्णों और ओबीसी वर्ग का गुस्सा

पोकरण में दुकानें खोलकर जताया कांग्रेस का विरोध

पोकरण | पाेकरण में भी बंद बेअसर रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा बंद का बार-बार आह्वान के बाद भी दुकानों को खोलकर विरोध जताया। व्यापारियों ने कहा कि 6 सितंबर को एससी-एसटी बिल में संशोधन के विरोध में जब स्वर्ण जाति द्वारा विरोध दर्ज करवाते हुए भारत बंद रखा गया था, तब किसी भी राजनीतिक पार्टी ने उनका समर्थन नहीं किया गया। ऐसे में हम किसी भी किसी का समर्थन नहीं करेंगे। इसी के चलते सोमवार को बंद के आह्वान के बाद भी व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों को खोलकर बंद का विरोध किया। नाचना पोकरण, रामदेवरा, भणियाणा, भीखोड़ाई, फलसूंड, सांकड़ा, नोख आदि गांवों में दुकानदारों ने बंद का विरोध करते हुए अपने प्रतिष्ठानों को खोला। वहीं लाठी, देवीकोट, रामगढ़ कस्बे का आधा बाजार बंद सफल रहा। सोमवार सुबह सभी कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता कस्बे के मुख्य बाजार के चौराहे पास एकत्रित हुए और वहां सांकेतिक रूप से एक वसुंधरा का पुतला रखकर महंगाई के विरोध में नारेबाजी करते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

बंद रहा बेअसर, शहर के बाजार रहे खुले

फतेहगढ़ में बंद का असर नहीं, प्रधानमंत्री का पुतला फूंका

उपखंड मुख्यालय में सोमवार को कांग्रेस के बंद के आह्वान का असर देखने को नहीं मिला। कुछ दुकानों को छोड़कर सभी दुकानें दिन भर खुली रहीं। व्यापारियों ने कांग्रेस के बंद का पुरजोर विरोध किया। इस दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई को लेकर उपखंड कार्यालय के आगे प्रदर्शन किया और पीएम नरेन्द्र मोदी का पुतला फूंका। यहां चंगेज खान, नेमाराम, अलीशेर खान, पठान खान, इस्माइल खान आदि मौजूद थे।

शहर में कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

महंगाई के विरुद्ध राष्ट्रव्यापी आह्वान को लेकर जिलाध्यक्ष गोविंद भार्गव की अध्यक्षता में सुबह 8 बजे सत्यदेव व्यास पार्क में कांग्रेसी एकत्र हुए। यहां से मुख्य बाजार के हनुमान चौराहे पेट्रोल पंप पहुंचे और प्रदर्शन किया। रैली में जिलाध्यक्ष गोविंद भार्गव, जिला प्रमुख अंजना मेघवाल, प्रदेश कांग्रेस सचिव उम्मेदसिंह तंवर, प्रदेश उपाध्यक्ष युवा कांग्रेस एवं प्रधान अमरदीन फकीर, पूर्व सभापति अशोक तंवर,युवा अध्यक्ष विकास व्यास, वरिष्ठ नेता जनक सिंह, सुमार खान, पूर्व प्रधान मूलाराम चौधरी, गिरीश व्यास, धर्मेंद्र आचार्य, सवाई सिंह पिथला आिद मौजूद रहे।