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पांच वर्षों से नहीं आ रहा है जीएलआर में पानी

भास्कर संवाददाता | पोकरण (आंचलिक) उपखंड क्षेत्र के भणियाणा के धुंधवालों की ढाणी पिछले पांच वर्ष से जीएलआर में...

Danik Bhaskar | Jul 04, 2018, 02:05 AM IST
भास्कर संवाददाता | पोकरण (आंचलिक)

उपखंड क्षेत्र के भणियाणा के धुंधवालों की ढाणी पिछले पांच वर्ष से जीएलआर में पानी की सप्लाई नहीं होने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण सवाईराम ने बताया कि जलदाय विभाग द्वारा धुंधवालों की ढाणी लाखों रुपए खर्च कर जीएलआर का निर्माण करवाया गया था लेकिन पिछले पांच वर्ष से जीएलआर में पानी के अभाव सुखी पड़ी है। उन्होंने बताया कि जीएलआर के अलावा कोई पेयजल की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने जीएलआर में पानी पहुंचाने के लिए जलदाय विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को सूचित किया गया लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसके चलते ग्रामीणों में जलदाय विभाग के खिलाफ दिनों दिन रोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों महंगे दामों में पानी का टैंकर मंगवाकर प्यास बुझानी पड़ रही है। उन्होंने जलदाय विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि तत्काल जीएलआर में पेयजल सप्लाई सुचारू कर आमजन को राहत पहुंचाई जाएं। इसी प्रकार पुरोहितसर गांव में पिछले कई वर्षों से जीएलआर में पानी की सप्लाई नहीं होने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में जलदाय विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को कई बार अवगत करवाया गया लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिसके कारण ग्रामीणों में जलदाय विभाग के प्रति दिनों दिन रोष बढ़ता जा रहा है।

पाइप लाइन से जोड़ने बाद भी सूखी पड़ी है गांवों की जीएलआर

पोकरण (आंचलिक) | ग्राम पंचायत मड़वा के आस-पास गांव व ढाणियों जलदाय विभाग द्वारा बनाई गई जीएलआर पिछले चार माह से सुखी होने के कारण जीएलआर के पास पशु मंडरा रहे है। वहीं ग्रामीणों द्वारा जीएलआर में पानी नहीं आने के कारण ग्रामीणों को महंगे दामों पर पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि मड़वा गांव के आस-पास क्षेत्र में पिछले चार माह से जलदाय विभाग द्वारा बनाई गई एक भी जीएलआर में पानी नहीं पहुंचने के कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत मड़वा के जिम्मेदारों की ढाणी, जमालदीन की ढाणी, बंगोलाई नाडी, तंवरों की ढाणी, बेलदारों की ढाणी, मदरसे की ढाणी, सुथारों की ढाणी, रायलों की ढाणी मदरसा, मुसलमानों का बास मड़वा में पिछले चार माह से जीएलआर सुखी पड़ी है। उन्होंने बताया कि जलदाय विभाग द्वारा इन जीएलआर को पाइप लाइन से जोड़ देने के बाद भी जीएलआर में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। जिसके कारण यह जीएलआर पानी के अभाव में क्षतिग्रस्त हो रही है। उन्होंने बताया कि इस भीषण गर्मी में जीएलआर में पानी नहीं आने के कारण ग्रामीणों सहित पशुधन को भी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जलदाय विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को सूचित किया गया लेकिन उनके द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अगर एक सप्ताह में इन जीएलआर में पानी की सप्लाई नहीं की गई तो ग्रामीणों द्वारा जलदाय विभाग के आगे धरना व विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी जलदाय विभाग की होगी।

भास्कर संवाददाता | पोकरण (आंचलिक)

उपखंड क्षेत्र के भणियाणा के धुंधवालों की ढाणी पिछले पांच वर्ष से जीएलआर में पानी की सप्लाई नहीं होने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण सवाईराम ने बताया कि जलदाय विभाग द्वारा धुंधवालों की ढाणी लाखों रुपए खर्च कर जीएलआर का निर्माण करवाया गया था लेकिन पिछले पांच वर्ष से जीएलआर में पानी के अभाव सुखी पड़ी है। उन्होंने बताया कि जीएलआर के अलावा कोई पेयजल की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने जीएलआर में पानी पहुंचाने के लिए जलदाय विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को सूचित किया गया लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसके चलते ग्रामीणों में जलदाय विभाग के खिलाफ दिनों दिन रोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों महंगे दामों में पानी का टैंकर मंगवाकर प्यास बुझानी पड़ रही है। उन्होंने जलदाय विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि तत्काल जीएलआर में पेयजल सप्लाई सुचारू कर आमजन को राहत पहुंचाई जाएं। इसी प्रकार पुरोहितसर गांव में पिछले कई वर्षों से जीएलआर में पानी की सप्लाई नहीं होने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में जलदाय विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को कई बार अवगत करवाया गया लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिसके कारण ग्रामीणों में जलदाय विभाग के प्रति दिनों दिन रोष बढ़ता जा रहा है।