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बीलिया में घटते जलस्तर के कारण 75 में से 70 नलकूप सूखे

भास्कर संवाददाता | पोकरण (आंचलिक) बीलिया कस्बे सहित आस पास क्षेत्रों में ट्यूबवैलों में जलस्तर में दिन ब दिन...

Danik Bhaskar | Jun 17, 2018, 05:30 AM IST
भास्कर संवाददाता | पोकरण (आंचलिक)

बीलिया कस्बे सहित आस पास क्षेत्रों में ट्यूबवैलों में जलस्तर में दिन ब दिन गिरावट हो रही है तथा 75 में से 70 ट्यूबवैलों मेें नाम मात्र का पानी होने के कारण पूर्ण रूप से बंद पड़े हंै। जिसके कारण इन ट्यूबवैलों के जरिए खेती करने वाले किसानों की हालत खराब हो रही है।

गत 20 वर्ष पूर्व पानी की आपूर्ति बहुत अच्छी थी और 150 फुट की खुदाई पर ही किसानों को भरपूर पानी मिल जाता था। जिसके चलते किसानों द्वारा अच्छी खेती की जाती थी। लेकिन आज हालात बिल्कुल विपरीत है। क्षेत्र में लगे नलकूपों में घट रहे जल स्तर के कारण किसानों का खेती करना तो दूर पीने के पानी मिल पाना भी मुश्किल हो गया है। 93 वर्षीय शंकरलाल माली ने बताया कि एक समय था जब कस्बे में पानी की प्रचुरता के चलते पोकरण पोढी थारा भाग, गधा भी पालर पिये नाम से स्थानीय कहावत प्रचलित थी। मगर आज हालत ठीक उसके विपरीत है। पानी के अभाव के चलते सैकड़ों किसानों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।

बीलिया कस्बे तथा आस पास के क्षेत्रों में वर्तमान में 75 ट्यूबवैल खुदे हुए हैं। इन ट्यूबवैल के जरिए सैकड़ों बीघा भूमि में खेती होती थी। 20 वर्ष पूर्व इन ट्यूबवैल में 150 फुट पर प्रचुर मात्रा में पानी का भण्डार होने के कारण किसान आराम से खेती करके अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। आज हालत यह है कि ट्यूबवैलों का पानी 500 फुट से भी अधिक नीचे चले जाने के कारण किसानों को खेती के लिए आवश्यक पानी भी मिलना मुश्किल हो गया है।

एक हजार से पंद्रह सौ फीट पर निकलता पानी : किसानों ने बताया कि आज के युग में खेती में ट्यूबवैल खुदवाने के लिए एक हजार से पंद्रह सौ फीट पर पानी निकलता है तथा वह भी नाममात्र का। फसलों के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलने से किसानों की स्थिति दिनों दिन दयनीय होती जा रही है।

समस्या

ट्यूबवैलों में पानी घटने के कारण किसानों की स्थिति हो रही खराब, खेती तो दूर अब पीने का भी पानी नसीब नहीं

पोकरण (आंचलिक) बीलिया कस्बे में घटते जल स्तर के कारण सुखे नलकूप ।