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मौसम सूचक यंत्र कमी के कारण किसानों को नहीं मिलती सूचना, बुआई प्रभावित

भास्कर संवाददाता | पोकरण (आंचलिक) उपखंड क्षेत्र में मौसम सूचक यंत्र नहीं होने के कारण किसानों को समय पर सूचनाएं...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 28, 2018, 05:30 AM IST

भास्कर संवाददाता | पोकरण (आंचलिक)

उपखंड क्षेत्र में मौसम सूचक यंत्र नहीं होने के कारण किसानों को समय पर सूचनाएं नहीं मिल पाती और समय पर बुआई नहीं कर पाने के कारण उन्हें करोड़ों रुपए को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

किसानों का कहना है कि क्षेत्र में मौसम सूचक यंत्र नहीं होने के कारण उन्हें फसल के संबंध कोई जानकारी नहीं होने तथा किसानों द्वारा समय-समय पर फसल नहीं होने के कारण किसान फसल बुअाई वंचित रह जाते हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। किसान अपनी समय पर फसल नहीं लेने के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान होता है। उपखंड क्षेत्र के किसानों ने बताया कि गांव एवं ग्राम पंचायत में मौसम सूचक यंत्र नहीं होने के कारण किसानों द्वारा समय पर फसल बुअाई नहीं कर पाते है, जिसके चलते किसानों को पर्याप्त मात्रा में फसल पैदावार नहीं होती है। जिसके चलते किसानों हर समय आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। मौसम सूचक यंत्र के अभाव में किसानों द्वारा किस समय फसल बुअाई करने, किस समय पर फसल पैदावार करने के संबंध किसानों जानकारी नहीं होने के कारण किसान हर समय बुअाई करने के लिए वंचित हो रहे है।

इन जगहों पर है अतिआवश्यक मौसम सूचक यंत्र

उपखंड क्षेत्र के कई गांव है जो खेती एवं नलकूप बाहुल्य होने के कारण यहां पर मौसम सूचक यंत्र आवश्यक है। जहां पर हर समय नलकूपों एवं खेतों में फसल की बुवाई करते है जिससे किसानों को समय समय पर फसल की बुवाई करने के लिए जानकारी मिलती है तो किसान अपने समय पर फसल की बुवाई कर फसल पैदावार ले सके। किसानों बताया कि ग्राम हरियार, लोहारकी, चांदसर, बरडाना, एका, छायण, बीरमदेवरा, बीलिया, थाट, लाठी, सिणला, जलंधरी सहित कई जगहों पर मौसम सूचक यंत्र नहीं होने से किसान अपनी फसल हासिल नहीं कर पता है।

उपखंड क्षेत्र में कहीं पर विभाग द्वारा मौसम सूचक यंत्र लगाए गए है। कृषि विभाग द्वारा किसानों समय-समय पर मौसम तथा फसलों की बुवाई के संबंध में जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है। कहीं जगहों पर खराब पड़े मौसम सूचक यंत्र को जल्द से जल्द ठीक करवाकर किसानों को राहत पहुंचाई जाएगी। मदनसिंह कृषि पर्यवेक्षक, पोकरण

भास्कर संवाददाता | पोकरण (आंचलिक)

उपखंड क्षेत्र में मौसम सूचक यंत्र नहीं होने के कारण किसानों को समय पर सूचनाएं नहीं मिल पाती और समय पर बुआई नहीं कर पाने के कारण उन्हें करोड़ों रुपए को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

किसानों का कहना है कि क्षेत्र में मौसम सूचक यंत्र नहीं होने के कारण उन्हें फसल के संबंध कोई जानकारी नहीं होने तथा किसानों द्वारा समय-समय पर फसल नहीं होने के कारण किसान फसल बुअाई वंचित रह जाते हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। किसान अपनी समय पर फसल नहीं लेने के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान होता है। उपखंड क्षेत्र के किसानों ने बताया कि गांव एवं ग्राम पंचायत में मौसम सूचक यंत्र नहीं होने के कारण किसानों द्वारा समय पर फसल बुअाई नहीं कर पाते है, जिसके चलते किसानों को पर्याप्त मात्रा में फसल पैदावार नहीं होती है। जिसके चलते किसानों हर समय आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। मौसम सूचक यंत्र के अभाव में किसानों द्वारा किस समय फसल बुअाई करने, किस समय पर फसल पैदावार करने के संबंध किसानों जानकारी नहीं होने के कारण किसान हर समय बुअाई करने के लिए वंचित हो रहे है।

उपखंड क्षेत्र में मौसम सूचक यंत्र नहीं होने के कारण किसानों को समय पर फसल की बुवाई नहीं कर पता है जिससे कई किसान फसल बुवाई से वंचित रह जाते हैं जिससे किसानों को लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ता है। जेठाराम सोलंकी, किसान

मौसम सूचक यंत्र होने से किसानों को यह सुविधा

उपखंड क्षेत्र में मौसम सूचक यंत्र होने से बारिश कब आएगी और कब जाने वाली, हवा किस दिशा में चल रही है, किस गति चल रह रही है, फिलहाल मौसम कैसा है, और आने वाले कुछ घंटों में मौसम कैसा रहेगा, मौसम में अचानक बदलाव, वर्तमान में तापमान, मिट्टी व हवा में नमी और बारिश की जानकारी कैसी है, मौसम में आए पल पल बदलाव, दिनभर की न्यूनतम और अधिकतम , बरसात व तापमान कैसा रहेगा, दिनभर में हवा की गति और दिशा में जाएगी। फसल की बुवाई पूर्व से लेकर कटाई फसलों के बारे में जानकारी मिलती है। इस यंत्र से फसलों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकता है।

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