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खाद्य सुरक्षा सूची में नहीं जुड़ रहे गरीब तबके लोगों के नाम

लाठी | लाठी गांव में खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ अपात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ पहुंचाया जा रहा है और पात्र गरीब...

Danik Bhaskar | Jun 11, 2018, 05:35 AM IST
लाठी | लाठी गांव में खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ अपात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ पहुंचाया जा रहा है और पात्र गरीब परिवार योजना से वंचित रह रहे है जिसके कारण गरीब लोगों को महंगे दाम पर अनाज राशन खरीदना पड़ रहा है। खाद्य सुरक्षा योजना के तहत मापदंड को अनदेखी कर रईसजादों को इसका लाभ पहुंचाया जा रहा है । इसमें स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत है

ये है पात्रता के मापदंड : खाद्य सुरक्षा योजना 2013 के पात्रता के नियम के अनुसार बीपीएल परिवार, स्टेट बीपीएल परिवार, अंत्योदय परिवार, अन्नपूर्णा योजना के लाभार्थी, भूमिहीन कृषक, सीमांत कृषक, जनजाति, घुमंतू परिवार, पेंशन धारी परिवार, कम आय वाले परिवार, बंधुआ मजदूर, पुनर्वास परिवार, श्रम विभाग पंजीकृत परिवार, एकल महिलाएं, कुली, त्रासदी ग्रस्त परिवार, कचरा बीनने वाले परिवार, लघु कृषक, आदि पात्र है। परंतु स्थानीय निकाय प्रशासन की गलतियों की वजह से आज लाठी पंचायत के गरीब पात्र परिवारों के साथ अन्याय हो रहा है।

अपात्र परिवार योजना का लाभ उठा रहे है लाभ : जब योजना शुरू की गई तब स्थानीय प्रशासन ने लक्ष्य को पूरा करने के लिए नियमों को ध्यान में ना रखते हुए अपात्र परिवारों को भी सूची में जोड़ दिया था तथा स्थानीय भृष्ट प्रशासन की वजह से गरीब लोग योजना से वंचित है। अमीर रईसजादे, जमीन जायदाद के मालिक वो स्थानीय प्रशासन को खरीद कर योजनाओं का लाभ उठाते है। गरीब आम जनता में जागरूकता का अभाव होने के कारण नेता बिचौलिया उनका गलत फायदा उठा रहे है जनता को गुमराह करते है।

गत 17 दिसम्बर 2017 को को आयोजित रात्रि चौपल में जिला कलेक्टर के समक्ष उठाई आवाज पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई जिला कलेक्टर महोदय के द्वारा दिए निर्देश की हो रही अवहेलनागत 17 दिसम्बर 2017 को ज़िला कलेक्टर कैलाशचंद मीणा तथा पोकरण विधायक शैतानसिंह राठौड़ व एसडीएम रेणु सैनी की अध्यक्षता मे ग्राम पंचायत लाठी में आयोजित रात्रि चौपाल में धर्मेंद्र पंवार एवं अन्य लोगों ने मांग की थी लाठी गांव में कई ऐसे निर्धन और गरीब परिवार है जिनका खाद्य सुरक्षा की सूची में नाम भी नहीं है और कई धनी वर्ग गरीबों का हक छीन रहे है।