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30 गांवों 90 ढाणियों में पेयजल सप्लाई ठप

भीखोड़ाई | सात दिनों से लगातार दिन रात चल रही धूल भरी आंधी थमने का नाम नहीं ले रही है। जिसके चलते क्षेत्र के 20 गांवों...

Danik Bhaskar | Jun 18, 2018, 05:35 AM IST
भीखोड़ाई | सात दिनों से लगातार दिन रात चल रही धूल भरी आंधी थमने का नाम नहीं ले रही है। जिसके चलते क्षेत्र के 20 गांवों में सड़कों पर रेत जमा होने के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है तो ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बसें टैक्सी या अन्य वाहन गांवों तक नहीं जाने के कारण आपातकालीन समय में ऊंट गाड़ी का सहारा लेने को मजबूर है। बावजूद सार्वजनिक निर्माण विभाग सड़कों पर जमा रेत नहीं हटा रहा है। उल्लेखनीय है लगातार आंधियों के चलते कई जगह तो किलोमीटर तक सड़कें रेत में दफन हो गई है। सात दिनों से लगातार आंधियों के चलते बिजली के पोल गिरने तार टूटने एवं फाल्ट के कारण बिजली सप्लाई बंद होने के कारण जलदाय विभाग के 12 बूस्टिंग स्टेशन से 30 गांवों 90 ढाणियों में पेयजल सप्लाई बंद होने के कारण पीने के पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। वहीं दूसरी ओर गांवों में सड़कों पर रेत जमा होने के कारण जलदाय विभाग के टैंकर भी गांवों ढाणियों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।

बिजली, पानी, सड़क महकमे के अधिकारी नहीं है गंभीर

जगह जगह गिरे बिजली पोल एवं टूटे तार तो दूसरी ओर गांवों ढाणियों में सूखे जीएलआर पशु कुंड तो सड़कों पर जमा रेत के चलते आवागमन बंद ग्रामीण परेशान है। लेकिन क्षेत्र में कहीं पर भी बिजली पानी सड़क महकमे के अधिकारी जायजा लेकर व्यवस्था दुरूस्त करते हुए दिखाई नहीं दे रहे हैं। जिसके चलते आमजन में प्रशासन के खिलाफ रोष बढ़ रहा है।


भीखोड़ाई | सात दिनों से लगातार दिन रात चल रही धूल भरी आंधी थमने का नाम नहीं ले रही है। जिसके चलते क्षेत्र के 20 गांवों में सड़कों पर रेत जमा होने के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है तो ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बसें टैक्सी या अन्य वाहन गांवों तक नहीं जाने के कारण आपातकालीन समय में ऊंट गाड़ी का सहारा लेने को मजबूर है। बावजूद सार्वजनिक निर्माण विभाग सड़कों पर जमा रेत नहीं हटा रहा है। उल्लेखनीय है लगातार आंधियों के चलते कई जगह तो किलोमीटर तक सड़कें रेत में दफन हो गई है। सात दिनों से लगातार आंधियों के चलते बिजली के पोल गिरने तार टूटने एवं फाल्ट के कारण बिजली सप्लाई बंद होने के कारण जलदाय विभाग के 12 बूस्टिंग स्टेशन से 30 गांवों 90 ढाणियों में पेयजल सप्लाई बंद होने के कारण पीने के पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। वहीं दूसरी ओर गांवों में सड़कों पर रेत जमा होने के कारण जलदाय विभाग के टैंकर भी गांवों ढाणियों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।