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एक दमकल के भरोसे है पोकरण, िसर्फ 5,500 लीटर पानी की क्षमता, हर साल करोड़ों की हानि

भास्कर संवाददाता | पोकरण (आंचलिक) क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लगातार आगजनी की घटना का दौर चल रहा है। ऐसे में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 12, 2018, 05:45 AM IST

एक दमकल के भरोसे है पोकरण, िसर्फ 5,500 लीटर पानी की क्षमता, हर साल करोड़ों की हानि
भास्कर संवाददाता | पोकरण (आंचलिक)

क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लगातार आगजनी की घटना का दौर चल रहा है। ऐसे में कहीं सूखी घास में आग लग रही है तो कहीं रहवासी झोंपों में अचानक आग लग रही है। आगजनी की लगातार हो रही घटनाओं को लेकर जहां लोगों में भय व्याप्त है वहीं दूसरी ओर अभी तक प्रशासन द्वारा आगजनी की घटनाओं को लेकर सतर्क नहीं हुआ है। जिसके चलते आग लगने का दौर जारी है। आगजनी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए हजारों एकड़ में फैले भूभाग में मात्र एक अग्निशमन वाहन है और वह भी पर्याप्त नहीं है। क्षेत्र में लगी आग को बुझाने में प्रशासन द्वारा अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। नगरपालिका के पास अग्निशमन वाहन की क्षमता मात्र 5,500 लीटर की है। उपखंड क्षेत्र पोकरण व भणियाणा में अग्निशमन वाहन के नाम पर मात्र एक वाहन ही है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में आगजनी होती है तो अग्निशमन वाहन आगजनी की घटना के कई घंटों बाद मौके पर पहुंच पाता है। इसके साथ ही ढाणियों में आगजनी होने पर यह अग्निशमन वाहन नहीं पहुंच पाता है। कच्चे मार्गों में रेत जमा होने के कारण न तो वाहन पहुंच पाता है और न ही आगजनी की घटना पर समय पर काबू पाया जा सकता है। जिसके चलते आग पर काबू पाने के लिए विभाग को मजबूरन सीमा सुरक्षा बल तथा आर्मी के टैकरों को बुलाना पड़ रहा है। आग से हर साल करोड़ों का नुकसान हो रहा है। अग्निशमन वाहन की सुविधा व इसकी क्षमता को बढ़ाने के संबंध में कई बार बैठकों में मुद्दा उठाया जाता है लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

पोकरण (आंचलिक) . एक अग्निशमन के भरोसे है पोकरण विधान सभा क्षेत्र।

नहीं है कोई उपकरण

आग पर काबू पाने के लिए उपखंड में मात्र एक अग्निशमन वाहन ही उपलब्ध है। इस संबंध में अन्य और कोई साधन नहीं होने के कारण हर छोटी मोटी आग के दौरान अग्निशमन वाहन को भेजना पड़ रहा है। ऐसे में उपकरणों की वृद्धि को लेकर न तो विभाग द्वारा कोई कदम उठाया जा रहा है और न ही कोई कार्रवाई की जा रही है।

मुख्यालय से ग्रामीण क्षेत्रों की दूरी ग्रामीण क्षेत्र

दूरी लगने वाला समय

पोकरण से नोख 159 किमी. 2 घंटे

पोकरण से नाचना 80 किमी. 1 घंटा

पोकरण से फलसूंड 80 किमी. 1 घंटा

पोकरण से सांकड़ा 50 किमी. 1 घंटा

पोकरण से भणियाणा 45 किमी. 1 घंटा

पोकरण से लाठी 45 किमी. 1 घंटा

दमकल की मांग की है

क्षेत्र में आगजनी की घटना सोच का विषय है। अग्निशमन वाहनों के संबंध में जिला कलेक्टर से मांग की गई है लेकिन अभी तक कोई स्वीकृति नहीं आई है। जिसके कारण नगरपालिका के अधिकारियों द्वारा सहयोग कर इस अग्निशमन वाहन को भेजना पड़ रहा है। रेणु सैनी, एसडीएम पोकरण

वन विभाग के पास भी नहीं है आग पर काबू पाने के उपकरण

नाचना नहरी क्षेत्र में वन विभाग की जमीन पर कई बार भीषण आगजनी की घटना घटित हो गई। इस संबंध में वन विभाग के अधिकारियों को भी सूचित किया गया। लेकिन वन विभाग के पास आगजन की घटना से निपटने के लिए किसी प्रकार के कोई संयत्र नहीं होने के कारण पोकरण से अग्निशमन वाहन को मंगवाना पड़ा। जिसके कारण दोपहर में लगी आग पर देर शाम तक जाकर काबू पाया गया।

तहसीलों पर होनी चाहिए अग्निशमन

उपखंड अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र में पोकरण, नाचना तथा भणियाणा तीन तहसील लगती है। ऐसे में पोकरण से यह दोनों तहसील काफी दूर है। जिसके कारण इन क्षेत्रों में आग लगने के कारण अग्निशमन वाहन को घटना स्थल पर पहुंचने में दो से तीन घंटे लगते हैं। जब तक अग्निशमन पहुंच पाए तब तक आग से सबकुछ नष्ट हो जाता है। अगर तीनों तहसील में अग्निशमन हो तो आगजनी की घटना पर काबू पाया जा सकता है।

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