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राजस्व लोक अदालत शिविर में 217 मामलों का निस्तारण, ग्रामीणों को राहत

भास्कर संवाददाता | पोकरण (आंचलिक) राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए राजस्व लोक अदालत शिविर में हर आदमी को सभी...

Danik Bhaskar | Jun 07, 2018, 05:50 AM IST
भास्कर संवाददाता | पोकरण (आंचलिक)

राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए राजस्व लोक अदालत शिविर में हर आदमी को सभी योजनाओं को लाभ मिल रहा है। ग्रामीणों के लिए यह शिविर ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहा है। वहीं शिविर में हर दिन सफलता की कहानी साबित हो रही है जिसमें कई वर्षों से लंबित पड़े प्रकरणों का निस्तारण कर ग्रामीणों को मालिकाना हक व न्याय दिया जा रहा है। जिसके चलते ग्रामीणों में शिविर के प्रति काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। शिविर प्रभारी एवं एसडीएम रेणु सैनी ने बताया कि ग्राम पंचायत नेडान में आयोजित राजस्व लोक अदालत शिविर में 217 प्रकरणों का निस्तारण कर ग्रामीणों को राहत पहुंचाई गई। सैनी ने बताया कि शिविर में धारा 136 के 1 प्रकरण, धारा 88 के प्रकरणों का निस्तारण किया। सैनी ने बताया कि पोकरण तहसीलदार द्वारा 30 नामान्तरणकरण, 52 खाता दुरूस्ती, 8 बंटरवारनामा, 82 राजस्व नकलें, 45 अन्य प्रकरणों का निस्तारण कर ग्रामीणों राहत पहुंचाई गई।

शिविर में 34 वर्ष बाद मिला मालिकाना हक : शिविर प्रभारी एवं एसडीएम रेणु सैनी ने बताया कि ग्राम पंचायत जालोडा पोकरणा में आयोजित राजस्व लोक अदालत शिविर में एक सफलता की कहानी साबित हुई। सैनी ने बताया कि जालोडा पोकरणा के निवासी गोपालसिंह का नाम राजस्व रिकार्ड में कई वर्षों से गोपसिंह पुत्र भंवरसिंह का चल रहा था। गोपालसिंह का नाम राजस्व रिकार्ड में गोपसिंह गलत दर्ज होने के कारण प्रार्थी को किसी प्रकार की सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा था। प्रार्थी को न्याय के लिए कई वर्षों तक कार्यालयों के चक्कर काटने के बाद भी उन्हें कोई न्याय मिला था। शिविर प्रभारी सैनी ने बताया कि गोपालसिंह ने शिविर में रिकार्ड शुद्धि के लिए प्रार्थना पत्र पेश किया। जिस पर शिविर प्रभारी ने स्वयं ने उसकी सरकारी दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान गोपालसिंह का नाम सही पाया गया। सैनी ने संबंधित तहसीलदार को रिकार्ड शुद्धि के आवेदन भरवाकर शिविर स्थल पर ही गोपालसिंह का नाम राजस्व रिकार्ड में दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्हें 34 वर्ष के बाद अपना जमीन का हक मिला। शिविर में नेडान सरपंच भैरूसिंह, बीडीओ नारायणलाल सुथार, पोकरण तहसीलदार हनुमानराम चौधरी, सहायक प्रशासनिक अधिकारी सत्यनारायण पणिया, सवाईसिंह भदड़िया, डिस्कॉम के सहायक अभियंता हनुमानाराम चौधरी व अन्य अधिकारी मौजूद थे।