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दस साल पहले वाहनों में रिफ्लेक्टर लगाने के हुए थे आदेश, विभाग ने आज तक सिर्फ औपचारिकता निभाई

भास्कर संवाददाता | पोकरण (आंचलिक) उपखंड क्षेत्र पोकरण व भणियाणा क्षेत्र में चल रहे वाहनों पर रिफ्लेक्टर नहीं लगे...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 05, 2018, 05:50 AM IST

दस साल पहले वाहनों में रिफ्लेक्टर लगाने के हुए थे आदेश, विभाग ने आज तक सिर्फ औपचारिकता निभाई
भास्कर संवाददाता | पोकरण (आंचलिक)

उपखंड क्षेत्र पोकरण व भणियाणा क्षेत्र में चल रहे वाहनों पर रिफ्लेक्टर नहीं लगे होने के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं सामने आ रही है। वहीं परिवहन विभाग द्वारा इस कार्रवाई को लेकर अभी तक सतर्क नहीं हुए है। परिवहन विभाग की लापरवाही के चलते क्षेत्र में आए दिन सड़क दुर्घटनाएं घटित हो रही है, जिसके लिए परिवहन विभाग अभी इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

उपखंड क्षेत्र सहित पूरे जिले में परिवहन विभाग द्वारा वाहनों पर रिफ्लेक्टर नहीं लगने के कारण आए दिन सड़क दुर्घटना घटित हो रही है। वहीं परिवहन विभाग द्वारा लापरवाही के चलते क्षेत्र में चल रहे वाहनों पर रिफ्लेक्टर नहीं लगे होने के कारण प्रतिदिन घटनाएं घटित हो रही है। वाहनों पर रिफलेक्टर नहीं से आने वाले वाहन तेज रोशनी से वाहन कभी कभार आपस में भिड़ जाते है तथा कभी कभार वाहन पीछे से टक्कर भी मार देते है। इससे कई लोगों की अकाल मौत हो जाती है। वाहनों पर रिफ्लेक्टर होते है सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सकता है। वर्ष 2008 में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए केन्द्रीय मोटर वाहन अभियान के तहत रिफ्लेक्टर लगाने का प्रावधान अनिवार्य किया गया था। परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा इसको इस कार्य लेकर कभी भी गंभीरता दिखाई। रिफ्लेक्टर नहीं लगने से दिनों दिन वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। उपखंड क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं से बचने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा भी इस अभियान को हाथ लिया। लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा नाम मात्र का अभियान रहा। वहीं पुलिस प्रशासन द्वारा इस अभियान को कोई गंभीरता ने नहीं लेने के कारण शहर में भी सड़क दुर्घटनाएं घटित होती है। हाल ही पुलिस प्रशासन द्वारा पुलिस प्रशासन गत 30 मार्च 2016 को पशुओं से हो रही दुर्घटनाओं से बचने के लिए अभियान शुरू कर पशुओं के रिफ्लेक्टर लगाए थे। वहीं पुलिस प्रशासन द्वारा मात्र 20 पशुओं से अधिक रिफ्लेक्टर लगाकर अभियान की इतिश्री कर दी। जिसके कारण अाज भी पशुओं के रिफ्लेक्टर नहीं होने के कारण सड़क दुर्घटनाएं घटित हो रही है। इसको लेकर अभी तक पुलिस प्रशासन गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है।

पोकरण (आंचलिक) क्षेत्र में रिफलेक्टर के अभाव में आए दिन हो रही है सड़क दुर्घटनाएं।

कई बार निकले आदेश

केन्द्रीय सरकार ने 12 नवंबर 2008 को सभी परिवहन वाहनों में निर्धारित मानक व डिजाइन के रिफ्लेक्टर लगाना अनिवार्य किया था। उसके बाद विभाग ने 22 फरवरी 2011 को एक ओर आदेश जारी कर सभी परिवहन विभाग के अधिकारियों को जगह-जगह अभियान चलाकर वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने के आदेश दिए गए थे। इसी प्रकार 15 जनवरी 2013 को एक और आदेश में संशोधन करते हुए वाहनों को विभिन्न श्रेणी में बांटते हुए अलग-अलग आकार की रिफ्लेक्टर लगाने के आदेश दिए थे

वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने के लिए कई बार अभियान चलाया गया था। उसके बाद भी वाहन चालकों द्वारा रिफ्लेक्टर नहीं लगाते है उनके खिलाफ कार्रवाई कर वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाए जाएंगें। इसके साथ ही संबंधित हल्के में परिवहन निरीक्षक को भी वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने के निर्देश दिए जा चुके है। टीकूराम, जिला परिवहन अधिकारी, जैसलमेर

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