पोकरण

  • Home
  • Rajasthan News
  • Pokran News
  • राजस्व लोक अदालत शिविर में कानसिंह को 41 वर्ष बाद मिला जमीन का हक
--Advertisement--

राजस्व लोक अदालत शिविर में कानसिंह को 41 वर्ष बाद मिला जमीन का हक

भास्कर संवाददाता | पोकरण (आंचलिक) पंचायत समिति सांकड़ा के ग्राम पंचायत ऊजला के अटल सेवा केन्द्र में सोमवार को...

Danik Bhaskar

Jun 05, 2018, 05:55 AM IST
भास्कर संवाददाता | पोकरण (आंचलिक)

पंचायत समिति सांकड़ा के ग्राम पंचायत ऊजला के अटल सेवा केन्द्र में सोमवार को राजस्व लोक अदालत शिविर आयोजित किया गया। शिविर में कई वर्षों से लंबित पड़े प्रकरणों का निस्तारण कर ग्रामीणों को राहत पहुंचाई गई। राजस्व लोक अदालत शिविर में एक सफलता की कहानी साबित हुई। जिससे गांव के ग्रामीणों में खुशी देखने को मिली। शिविर प्रभारी एवं एसडीएम रेणु सैनी ने बताया कि सोमवार को आयोजित राजस्व लोक अदालत शिविर में एक सफलता की कहानी साबित हुई। जिसमें 41 वर्ष बाद पीड़ित परिवार को मालिकाना हक मिला। सैनी ने बताया कि ऊजला निवासी कानसिंह पुत्र भैरूदान का नाम राजस्व रेकर्ड में कई वर्षों से गलत नाम अंकित हो जाने के कारण कानसिंह को राजस्व संबंधी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। कानसिंह को राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का भी लाभ नहीं मिल रहा था। सैनी ने बताया कि शिविर में कानसिंह उपस्थित होकर अपनी पीड़ा बताई जिसे पर सैनी ने बारीकी से राजस्व रेकर्ड की जांच की जांच के दौरान कानसिंह का नाम कानदानसिंह पाया गया। सैनी ने कानसिंह के सभी सरकारी दस्तावजों की जांच की गई तो सरकारी दस्तावेज में कानसिंह नाम सही पाया गया। सैनी ने पोकरण तहसीलदार को कई वर्षों से राजस्व रेकर्ड में चल रहा है कानदानसिंह के स्थान पर कानसिंह करने के आदेश दिए। जिस पर पोकरण तहसीलदार ने आरआई व पटवारी को राजस्व रेकर्ड में गलत नाम कानदानसिंह के स्थान पर कानसिंह राजस्व रेकर्ड में दर्ज कर पीड़ित को राहत पहुंचाई। सैनी ने कानसिंह को 41 वर्ष के बाद न्याय दिया गया। जिस पर कानसिंह सहित कई ग्रामीणों ने शिविर प्रभारी सैनी व राजस्व अधिकारियों को आभार जताया। शिविर प्रभारी एवं एसडीएम रेणु सैनी ने बताया कि राजस्व लोक अदालत शिविर में धारा 53 के 1 प्रकरण, धारा 212 के 1 प्रकरण, धारा 136 के 3 प्रकरणों का निस्तारण कर ग्रामीणों को राहत पहुंचाई गई। सैनी ने बताया कि पोकरण तहसीलदार द्वारा 27 नामान्तरकरण, 57 खाता दुरुस्ती, 4 बंटरवानामा, 79 राजस्व नकलें, 40 अन्य प्रकरणों का निस्तारण किया गया। शिविर में पोकरण तहसीलदार हनुमानराम चौधरी, बीडीओ नारायण सुथार, बिजली विभाग के सहायक अभियंता हनुमानराम चौधरी, सरपंच विनोद कुमार पालीवाल, सहायक प्रशासनिक अधिकारी सत्यनारायण पणिया, सवाईसिंह भदडिया, आरआई अर्जुनसिंह सहित कई विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। शिविर में सभी विभागीय अधिकारियों द्वारा शिविर में उपस्थित होकर शिविर में आए लोगों की समस्याएं सुनकर समाधान किया।

विधायक व एसडीएम ने सुनी ग्रामीणों की जनसमस्याएं

ऊजला में आयोजित राजस्व लोक अदालत शिविर में क्षेत्रीय विधायक शैतानसिंह राठौड़ व एसडीएम रेणु सैनी ने लोगों की समस्याएं सुनी तथा समस्याओं को सुनकर संबंधित अधिकारियों को समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। विधायक राठौड़ ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को केन्द्र व राज्य सरकार की सभी योजनाओं का लाभ लेने के आह्वान किया। राठौड़ ने सभी ग्रामीणों को केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ लेकर लाभान्वित हुए । राठौड़ ने सभी लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का आह्वान किया। एसडीएम ने शिविर का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को शिविर में आने वाले उपभोक्ताओं की शिकायतों को पूर्ण रूप से ध्यान से सुने तथा उनका समस्या का समाधान करने का प्राथमिक से लेने के निर्देश दिए। सैनी ने शिविर में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिविर में हर आदमी की पीड़ा को सुनकर समझे तथा उनका हाथोहाथ समाधान करने के निर्देश दिए।

भास्कर संवाददाता | पोकरण (आंचलिक)

पंचायत समिति सांकड़ा के ग्राम पंचायत ऊजला के अटल सेवा केन्द्र में सोमवार को राजस्व लोक अदालत शिविर आयोजित किया गया। शिविर में कई वर्षों से लंबित पड़े प्रकरणों का निस्तारण कर ग्रामीणों को राहत पहुंचाई गई। राजस्व लोक अदालत शिविर में एक सफलता की कहानी साबित हुई। जिससे गांव के ग्रामीणों में खुशी देखने को मिली। शिविर प्रभारी एवं एसडीएम रेणु सैनी ने बताया कि सोमवार को आयोजित राजस्व लोक अदालत शिविर में एक सफलता की कहानी साबित हुई। जिसमें 41 वर्ष बाद पीड़ित परिवार को मालिकाना हक मिला। सैनी ने बताया कि ऊजला निवासी कानसिंह पुत्र भैरूदान का नाम राजस्व रेकर्ड में कई वर्षों से गलत नाम अंकित हो जाने के कारण कानसिंह को राजस्व संबंधी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। कानसिंह को राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का भी लाभ नहीं मिल रहा था। सैनी ने बताया कि शिविर में कानसिंह उपस्थित होकर अपनी पीड़ा बताई जिसे पर सैनी ने बारीकी से राजस्व रेकर्ड की जांच की जांच के दौरान कानसिंह का नाम कानदानसिंह पाया गया। सैनी ने कानसिंह के सभी सरकारी दस्तावजों की जांच की गई तो सरकारी दस्तावेज में कानसिंह नाम सही पाया गया। सैनी ने पोकरण तहसीलदार को कई वर्षों से राजस्व रेकर्ड में चल रहा है कानदानसिंह के स्थान पर कानसिंह करने के आदेश दिए। जिस पर पोकरण तहसीलदार ने आरआई व पटवारी को राजस्व रेकर्ड में गलत नाम कानदानसिंह के स्थान पर कानसिंह राजस्व रेकर्ड में दर्ज कर पीड़ित को राहत पहुंचाई। सैनी ने कानसिंह को 41 वर्ष के बाद न्याय दिया गया। जिस पर कानसिंह सहित कई ग्रामीणों ने शिविर प्रभारी सैनी व राजस्व अधिकारियों को आभार जताया। शिविर प्रभारी एवं एसडीएम रेणु सैनी ने बताया कि राजस्व लोक अदालत शिविर में धारा 53 के 1 प्रकरण, धारा 212 के 1 प्रकरण, धारा 136 के 3 प्रकरणों का निस्तारण कर ग्रामीणों को राहत पहुंचाई गई। सैनी ने बताया कि पोकरण तहसीलदार द्वारा 27 नामान्तरकरण, 57 खाता दुरुस्ती, 4 बंटरवानामा, 79 राजस्व नकलें, 40 अन्य प्रकरणों का निस्तारण किया गया। शिविर में पोकरण तहसीलदार हनुमानराम चौधरी, बीडीओ नारायण सुथार, बिजली विभाग के सहायक अभियंता हनुमानराम चौधरी, सरपंच विनोद कुमार पालीवाल, सहायक प्रशासनिक अधिकारी सत्यनारायण पणिया, सवाईसिंह भदडिया, आरआई अर्जुनसिंह सहित कई विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। शिविर में सभी विभागीय अधिकारियों द्वारा शिविर में उपस्थित होकर शिविर में आए लोगों की समस्याएं सुनकर समाधान किया।

Click to listen..