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अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सदन ने लिया प्रस्ताव

पंचायत समिति की बैठकों में अधिकारियों के नहीं आने पर अब कार्रवाई होगी। पंचायत समिति सांकड़ा के सभागार में शनिवार...

Danik Bhaskar | Jul 01, 2018, 05:55 AM IST
पंचायत समिति की बैठकों में अधिकारियों के नहीं आने पर अब कार्रवाई होगी। पंचायत समिति सांकड़ा के सभागार में शनिवार को आयोजित साधारण सभा में इस आशय का प्रस्ताव लिया गया। सरपंच संघ के अध्यक्ष मदनसिंह व मंजूरदीन मेहर, पंचायत समिति सदस्य अर्जुनराम ओड व भैरूसिंह ने सदन को अवगत करवाया कि बैठक में हर बार अधिकारियों की अनुपस्थिति रहती है। उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सदन में प्रस्ताव लिया। इस पर प्रधान अमतुल्लाह मेहर ने सदन में ही अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया तथा प्रधान के आदेशानुसार अनुपस्थित रहने वाले आयोजना विभाग, कृषि विभाग, रसद विभाग, पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना विभाग, पोकरण फलसूंड पेयजल योजना के अधिकारियों के खिलाफ प्रस्ताव लेकर जिला कलेक्टर को लिखा गया। पंचायत समिति सांकड़ा की साधारण सभा में पंचायत समिति सांकड़ा के 19 पंचायत समिति सदस्यों में से 10 पंचायत समिति सदस्य उपस्थित हुए। इसी प्रकार 44 सरपंचों में से 17 सरपंच ही उपस्थित हुए।

बैठक में जिला प्रमुख अंजना मेघवाल के मुख्य आतिथ्य एवं प्रधान अमतुल्लाह मेहर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। जैसे ही बीडीओ नारायण सुथार ने गत बैठक की कार्रवाई शुरू की सरपंचों ने विरोध करना शुरू कर दिया। इस दौरान आधे घंटे तक अधिकारियों व सरपंचों के बीच कहासुनी चलती रही। अधिकारियों व सरपंचों के बीच चल रही है कहासुनी को लेकर जिला प्रमुख अंजना मेघवाल ने सरपंचों को चुप रहने को कहा तो सभी सरपंचों ने विरोध दर्ज करवाते हुए कहा कि हम अपनी बात सदन को बताकर रहेंगे। जिला प्रमुख अंजना मेघवाल ने कहा सभी अधिकारियों को कर्तव्य व निष्ठा के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने जलदाय विभाग के अधिकारियों को पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में टैंकरों सेपानी की सप्लाई कराने को कहा। इसी प्रकार दीनदयाल उपाध्याय योजना के सभी गांव में बिजली सुविधा जोड़ने के निर्देश दिए। इसी प्रकार प्रधान अमतुल्लाह मेहर ने सदन को अवगत करवाया कि ग्राम पंचायत गोमट में पंचायत समिति सांकड़ा द्वारा बनाई गई दुकानों को ग्राम पंचायत सरपंच द्वारा आवंटित कर दी गई है, जो नियम विरूद्ध है। प्रधान ने आवंटित की गई दुकानों को खाली करवाने के लिए बैठक में प्रस्ताव लेने के निर्देश दिए। प्रधान ने सभी अधिकारियों को अनुपालना के अनुसार प्रगति रिपोर्ट लाने के निर्देश दिए।

जनता के काम नहीं होते, हम क्या जवाब दें : मदनसिंह

बैठक में सरपंच संघ के अध्यक्ष मदनसिंह राजमथाई, नेडान सरपंच भैरूसिंह, पंचायत समिति सदस्य अर्जुनराम ओड व गोमट सरपंच मंजूरदीन मेहर ने अधिकारियों की कार्यशैली पर विरोध किया। सरपंच मेहर ने सदन का अवगत करवाया कि हर बैठक में अधिकारी नहीं आते हैं, जिससे बैठक में कोई विकास कार्य को लेकर कोई चर्चा नहीं होती है। आखिर हम जनता को क्या जवाब दें। सरपंच संघ के अध्यक्ष मदनसिंह राठौड़ ने अधिकारियों की कार्यशैली पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि बैठक में अधिकारी नहीं आते है तो बैठक का कोई औचित्य नहीं है।

भास्कर संवाददाता | पोकरण

पंचायत समिति की बैठकों में अधिकारियों के नहीं आने पर अब कार्रवाई होगी। पंचायत समिति सांकड़ा के सभागार में शनिवार को आयोजित साधारण सभा में इस आशय का प्रस्ताव लिया गया। सरपंच संघ के अध्यक्ष मदनसिंह व मंजूरदीन मेहर, पंचायत समिति सदस्य अर्जुनराम ओड व भैरूसिंह ने सदन को अवगत करवाया कि बैठक में हर बार अधिकारियों की अनुपस्थिति रहती है। उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सदन में प्रस्ताव लिया। इस पर प्रधान अमतुल्लाह मेहर ने सदन में ही अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया तथा प्रधान के आदेशानुसार अनुपस्थित रहने वाले आयोजना विभाग, कृषि विभाग, रसद विभाग, पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना विभाग, पोकरण फलसूंड पेयजल योजना के अधिकारियों के खिलाफ प्रस्ताव लेकर जिला कलेक्टर को लिखा गया। पंचायत समिति सांकड़ा की साधारण सभा में पंचायत समिति सांकड़ा के 19 पंचायत समिति सदस्यों में से 10 पंचायत समिति सदस्य उपस्थित हुए। इसी प्रकार 44 सरपंचों में से 17 सरपंच ही उपस्थित हुए।

बैठक में जिला प्रमुख अंजना मेघवाल के मुख्य आतिथ्य एवं प्रधान अमतुल्लाह मेहर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। जैसे ही बीडीओ नारायण सुथार ने गत बैठक की कार्रवाई शुरू की सरपंचों ने विरोध करना शुरू कर दिया। इस दौरान आधे घंटे तक अधिकारियों व सरपंचों के बीच कहासुनी चलती रही। अधिकारियों व सरपंचों के बीच चल रही है कहासुनी को लेकर जिला प्रमुख अंजना मेघवाल ने सरपंचों को चुप रहने को कहा तो सभी सरपंचों ने विरोध दर्ज करवाते हुए कहा कि हम अपनी बात सदन को बताकर रहेंगे। जिला प्रमुख अंजना मेघवाल ने कहा सभी अधिकारियों को कर्तव्य व निष्ठा के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने जलदाय विभाग के अधिकारियों को पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में टैंकरों सेपानी की सप्लाई कराने को कहा। इसी प्रकार दीनदयाल उपाध्याय योजना के सभी गांव में बिजली सुविधा जोड़ने के निर्देश दिए। इसी प्रकार प्रधान अमतुल्लाह मेहर ने सदन को अवगत करवाया कि ग्राम पंचायत गोमट में पंचायत समिति सांकड़ा द्वारा बनाई गई दुकानों को ग्राम पंचायत सरपंच द्वारा आवंटित कर दी गई है, जो नियम विरूद्ध है। प्रधान ने आवंटित की गई दुकानों को खाली करवाने के लिए बैठक में प्रस्ताव लेने के निर्देश दिए। प्रधान ने सभी अधिकारियों को अनुपालना के अनुसार प्रगति रिपोर्ट लाने के निर्देश दिए।

सरपंचों ने सदन के सामने रखा समस्याओं का अंबार

बैठक में पंचायत समिति सांकड़ा के सभी सरपंचों ने अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों में आने वाली समस्याओं को लेकर जिला प्रमुख, प्रधान व अधिकारियों के बीच रखी। सरपंच के संघ अध्यक्ष मदनसिंह राठौड़, पंचायत समिति सदस्य अर्जुनराम ओड व मंजूरदीन मेहर ने समस्याओं को लेकर अधिकारियों के सामने बातचीत की गई तो अधिकारियों ने किसी प्रकार का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। सरपंच संघ के अध्यक्ष मदनसिंह राठौड़ ने ग्राम पंचायत राजमथाई में आंगनबाड़ी केन्द्र में कार्यकर्ता लगाने, राजमथाई में क्षतिग्रस्त पड़ी सड़कों की मरम्मत करने, कई गांवों में पंडित दीनदयाल योजना के तहत बिजली कनेक्शन देने, वन विभाग की भूमि हुए अतिक्रमण को हटाने, गांव का पैसा गांव में लगाने तथा दूसरे गांव में नहीं लगाने की मांग की। इसी प्रकार पंचायत समिति सांकड़ा के सदस्य अर्जुनराम ओड ने ग्राम पंचायत में पशु चिकित्सालय खोलने तथा एक पशुचिकित्सक की नियुक्ति करने की मांग की। इसी प्रकार गोमट सरपंच मंजूरदीन मेहर ने अधिकारियों को नाकारा पड़े हैंडपंपों को बंद करने, हैंडपंपों की मरम्मत करने के बाद भी हैंडपंपों में पानी नहीं आ रहा है। हैंडपंपों की मरम्मत के लिए लाखों रुपए बर्बाद हो रहे है। इसके साथ ही मेहर ने मर्ज की स्कूलों के खाली पड़े भवनों को उपयोग करने के लिए संबंधित ग्राम पंचायत के अधीन रखने तथा उनका उपयोग करने का आह्वान किया।