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खेली में पानी नहीं ,पशुओं के हाल बेहाल

पोकरण (आंचलिक) | ग्राम पंचायत खेतोलाई में बना पशु कुंड में पानी नहीं होने के कारण वहां पर विचरण कर रहे पशुओं के हाल...

Danik Bhaskar | May 29, 2018, 06:00 AM IST
पोकरण (आंचलिक) | ग्राम पंचायत खेतोलाई में बना पशु कुंड में पानी नहीं होने के कारण वहां पर विचरण कर रहे पशुओं के हाल बेहाल हो रहे हैं। वहीं पशुओं को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलने के कारण इस भीषण गर्मी में पशुओं के हाल बेहाल हो रहे हैं। ग्रामीण जितेन्द्र विश्नोई ने बताया कि ग्राम पंचायत खेतोलाई में पशुओं के लिए बना पशु कुंड में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं आने के कारण पशुपालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विश्नोई ने बताया कि इस भीषण गर्मी में पानी नहीं आने से पशुओं के साथ-साथ पशुपालकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि खेतोलाई गांव में पशु बाहुल्य अधिक होने के कारण वहां पर पर्याप्त मात्रा की पानी की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि संबंध में जलदाय विभाग के एक्सईएन को सूचित किया गया लेकिन उनके द्वारा एक बार पानी के टैंकर भेजकर इतिश्री कर दी। विश्नोई ने बताया कि इस पशु खेळी में पानी आते ही दो घंटे में खत्म हो जाता है। पानी के अभाव में कई पशु पशुखेळी के पास मंडरा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस भीषण गर्मी में पशु कुंड में पानी रहना बहुत जरूरी है। नहीं तो पशु मरने की स्थित में आ जाएंगे। उन्होंने जलदाय विभाग के अधिकारियों को जल्द से जल्द पशु कुंड में पानी की सप्लाई शुरू कर पशुओं को राहत पहुंचाई जाए।

पांच वर्षों से सूखी पड़ी है पानी की जीएलआर : पोकरण ग्राम पंचायत ऊजलां के राजस्व गांव बड़ली मांडा स्थित मेघवालों की ढाणी में दस वर्ष पूर्व बनी जीएलआर में पिछले पांच वर्ष से पानी नहीं आ रहा है। जिसके कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण नाथुराम ने बताया कि बड़ली मांडा में पेयजल सप्लाई के लिए आने वाली पाइप लाइन में 30 अवैध कनेक्शन हो रखे हैं। जिसके कारण गांव में बनी जीएलआर में पिछले पांच वर्षों से पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि जीएलआर में पानी की सप्लाई नहीं होने के संबंध में कई बार ग्रामीणों द्वारा जलदाय विभाग के अधिकारियों को सूचित किया गय है। लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अधिकारियों के उदासीन रवैये के चलते ग्रामीणों को मजबूरन 900 रुपए देकर पानी का टैंकर मंगवाना पड़ रहा है। वहीं यह टैंकर भी मात्र तीन दिनों में खत्म हो जाते हैं। ऐसे में महंगे दामों में पानी की आपूर्ति करना अब ग्रामीणों के बूते से बाहर होता जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द पेयजल सप्लाई को सुचारू कर ग्रामीणों को राहत पहुंचाई जाए।

पोकरण (आंचलिक) | ग्राम पंचायत खेतोलाई में बना पशु कुंड में पानी नहीं होने के कारण वहां पर विचरण कर रहे पशुओं के हाल बेहाल हो रहे हैं। वहीं पशुओं को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलने के कारण इस भीषण गर्मी में पशुओं के हाल बेहाल हो रहे हैं। ग्रामीण जितेन्द्र विश्नोई ने बताया कि ग्राम पंचायत खेतोलाई में पशुओं के लिए बना पशु कुंड में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं आने के कारण पशुपालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विश्नोई ने बताया कि इस भीषण गर्मी में पानी नहीं आने से पशुओं के साथ-साथ पशुपालकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि खेतोलाई गांव में पशु बाहुल्य अधिक होने के कारण वहां पर पर्याप्त मात्रा की पानी की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि संबंध में जलदाय विभाग के एक्सईएन को सूचित किया गया लेकिन उनके द्वारा एक बार पानी के टैंकर भेजकर इतिश्री कर दी। विश्नोई ने बताया कि इस पशु खेळी में पानी आते ही दो घंटे में खत्म हो जाता है। पानी के अभाव में कई पशु पशुखेळी के पास मंडरा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस भीषण गर्मी में पशु कुंड में पानी रहना बहुत जरूरी है। नहीं तो पशु मरने की स्थित में आ जाएंगे। उन्होंने जलदाय विभाग के अधिकारियों को जल्द से जल्द पशु कुंड में पानी की सप्लाई शुरू कर पशुओं को राहत पहुंचाई जाए।

पांच वर्षों से सूखी पड़ी है पानी की जीएलआर : पोकरण ग्राम पंचायत ऊजलां के राजस्व गांव बड़ली मांडा स्थित मेघवालों की ढाणी में दस वर्ष पूर्व बनी जीएलआर में पिछले पांच वर्ष से पानी नहीं आ रहा है। जिसके कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण नाथुराम ने बताया कि बड़ली मांडा में पेयजल सप्लाई के लिए आने वाली पाइप लाइन में 30 अवैध कनेक्शन हो रखे हैं। जिसके कारण गांव में बनी जीएलआर में पिछले पांच वर्षों से पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि जीएलआर में पानी की सप्लाई नहीं होने के संबंध में कई बार ग्रामीणों द्वारा जलदाय विभाग के अधिकारियों को सूचित किया गय है। लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अधिकारियों के उदासीन रवैये के चलते ग्रामीणों को मजबूरन 900 रुपए देकर पानी का टैंकर मंगवाना पड़ रहा है। वहीं यह टैंकर भी मात्र तीन दिनों में खत्म हो जाते हैं। ऐसे में महंगे दामों में पानी की आपूर्ति करना अब ग्रामीणों के बूते से बाहर होता जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द पेयजल सप्लाई को सुचारू कर ग्रामीणों को राहत पहुंचाई जाए।