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सैन्य क्षेत्र में स्थित दरगाह पर जाने देने के लिए कोर कमांडर को सौंपा ज्ञापन

पोकरण | शहर के आर्मी हैडक्वार्टर में सात सौ व आठ सौ वर्ष पुरानी एक दरगाह बादशाह पीर की काबिर जिलानी का स्थान आया हुआ...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 20, 2018, 06:00 AM IST

पोकरण | शहर के आर्मी हैडक्वार्टर में सात सौ व आठ सौ वर्ष पुरानी एक दरगाह बादशाह पीर की काबिर जिलानी का स्थान आया हुआ है। लेकिन इन दिनो चल रहे रमजान महीने के दौरान वहां पर कई लोग जियारत के लिए आते है लेकिन आर्मी के सेना द्वारा रोक जा रहा है। एडवोकेट सरवर खां मेहर ने जिला कलेक्टर व जोधपुर आर्मी के कोर कमांडर को ज्ञापन भेजकर बताया कि आर्मी के सेना द्वारा अकिदतमंदो को पीर दरगाह पर जियारत के लिए रोका जा रहा है। मेहर ने बताया कि जहां पर सदियों से सभी धर्मों के लोग दर्शन करने जाते है तथा सभी धर्मों की आस्था है। पीरबाबा का स्थान राजस्थान बोर्ड ऑफ मुस्लिम वक्फ की संपति राजस्थान सरकार में दर्ज है। एडवोकेट सरवरखां मेहर ने बताया कि सन् 2001 में सेना द्वारा पीर बाबा के आने वाले जायरीन को रोकने पर एक वाद न्यायालय राजस्थान वक्फ अधिकरण जयपुर में पीर बनाम रक्षा मंत्रालय के बीच वाद पेश किया गया था। इसमें न्यायालय द्वारा 11 दिसंबर 2001 निर्णय पारित करते हुए रक्षा मंत्रालय सेना को आदेश दिया कि पीर जहां दरगाह बनी है उस तीन बीघा जमीन पर आने जाने व धार्मिक कार्य में हस्तक्षेप नहीं करें । मेहर ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर दरगाह के नाम 3 बीघा भूमि दर्ज हुई जिसके खसरा नंबर 1193448 रकबा 3 बीघा दरगाह बादशाह पीर कादिर जिलानी राजस्थान बोर्ड ऑफ मुस्लिम वक्फ किस्म गैर मुमकिन दर्ज है। उसके बाद भी सेना द्वारा इस दरगाह पर जाने लिए रोका जा रहा है।

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