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कूलर चालू करते चपेट में आए पूर्व सैनिक की मौत, चार घायल

जोधपुर डिस्कॉम के अफसरों की लापरवाही टेकरा गांव के लोगों पर भारी पड़ गई। यहां के कुछ घरों में पिछले करीब एक सप्ताह...

Danik Bhaskar | Jun 10, 2018, 06:00 AM IST
जोधपुर डिस्कॉम के अफसरों की लापरवाही टेकरा गांव के लोगों पर भारी पड़ गई। यहां के कुछ घरों में पिछले करीब एक सप्ताह से करंट दौड़ रहा था। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों को भी की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे भी अचानक घरों में हाई वोल्टेज करंट फैल गया। इसी दौरान अपने घर में कूलर चालू कर रहे पूर्व सैनिक मूलसिंह को भी करंट लग गया। इनके अलावा भी कुछ घरों में आधा दर्जन लोग भी चपेट में आकर घायल हो गए। सभी को निकटवर्ती जैसलमेर जिले के पोकरण अस्पताल ले जाया गया। जहां पूर्व सैनिक मूलसिंह पुत्र प्रयागसिंह ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जबकि गंभीर घायल सुमेरसिंह पुत्र माधुसिंह, ओमसिंह पुत्र बच्चनसिंह, प्रेमसिंह पुत्र नखतसिंह आदि का उपचार चल रहा है।

इधर, गुस्साए ग्रामीण पोकरण अस्पताल में एकत्रित होकर प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख का मुआवजा, एक परिजन को सरकारी नौकरी व लापरवाह अधिकारियों को हटाने की मांग की। ग्रामीणों ने मांगें पूरी नहीं होने तक शव उठाने से मना कर दिया। इस पर जोधपुर से डिस्कॉम के जोनल चीफ इंजीनियर अविनाश सिंघवी तथा एसई यूएस चौहान सहित कई अफसर वहां पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की। देर शाम डिस्कॉम की ओर से जांच के बाद मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपए का मुआवजा देने और टेकरा एक्सईएन एचआर परिहार व सहायक अभियंता भंवरलाल विश्नोई को जांच तक हटाने का आश्वासन दिया, तब ग्रामीणों ने शव उठाया।

जांच रिपोर्ट आने तक एक्सईएन और एईएन को छुट्टी पर भेजा

शव नहीं उठा कर दिनभर मांगो ंपर अड़े रहे ग्रामीण, शाम को बनी मांगों पर सहमति

हादसे के बाद पोकरण अस्पताल में दोपहर 1 बजे से लोग एकत्रित होना शुरू हो गए। ग्रामीणों ने 5 लाख मुआवजा, एक परिजनों को सरकारी नौकरी व लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई के साथ ही वहां लगे ठेकेदार के कर्मचारियों को हटाकर डिस्कॉम के 2 कर्मचारी व एक लाइनमैन को लगाने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा जब तक उनकी पांच सूत्री मांगें नहीं मानी जाती, वे शव नहीं उठाएंगे। ग्रामीणों के तीखे तेवर देख कर डिस्कॉम अधिकािरयों के हाथ-पांव फूल गए। जब स्थानीय अधिकारियों से बात नहीं बनी तो जोधपुर से उच्चाधिकािरयों का मौके पर भेजा गया। उनसे एक घंटे की वार्ता के बाद मांगों पर सहमति बनी।

भास्कर न्यूज | बाप

जोधपुर डिस्कॉम के अफसरों की लापरवाही टेकरा गांव के लोगों पर भारी पड़ गई। यहां के कुछ घरों में पिछले करीब एक सप्ताह से करंट दौड़ रहा था। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों को भी की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे भी अचानक घरों में हाई वोल्टेज करंट फैल गया। इसी दौरान अपने घर में कूलर चालू कर रहे पूर्व सैनिक मूलसिंह को भी करंट लग गया। इनके अलावा भी कुछ घरों में आधा दर्जन लोग भी चपेट में आकर घायल हो गए। सभी को निकटवर्ती जैसलमेर जिले के पोकरण अस्पताल ले जाया गया। जहां पूर्व सैनिक मूलसिंह पुत्र प्रयागसिंह ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जबकि गंभीर घायल सुमेरसिंह पुत्र माधुसिंह, ओमसिंह पुत्र बच्चनसिंह, प्रेमसिंह पुत्र नखतसिंह आदि का उपचार चल रहा है।

इधर, गुस्साए ग्रामीण पोकरण अस्पताल में एकत्रित होकर प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख का मुआवजा, एक परिजन को सरकारी नौकरी व लापरवाह अधिकारियों को हटाने की मांग की। ग्रामीणों ने मांगें पूरी नहीं होने तक शव उठाने से मना कर दिया। इस पर जोधपुर से डिस्कॉम के जोनल चीफ इंजीनियर अविनाश सिंघवी तथा एसई यूएस चौहान सहित कई अफसर वहां पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की। देर शाम डिस्कॉम की ओर से जांच के बाद मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपए का मुआवजा देने और टेकरा एक्सईएन एचआर परिहार व सहायक अभियंता भंवरलाल विश्नोई को जांच तक हटाने का आश्वासन दिया, तब ग्रामीणों ने शव उठाया।

मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपए मुआवजे का दिया आश्वासन

ग्रामीणों का आरोप

शिकायत करने पर पुलिस कार्रवाई की धमकी दे देते थे डिस्कॉम अधिकारी

ग्रामीणों ने बताया कि गांव के कुछ घरों में पिछले 5-6 दिन से हल्का करंट दौड़ रहा था। रोजाना कोई ना कोई करंट की चपेट में आ रहा था। इस बारे में डिस्कॉम में कई बार शिकायत भी की, लेकिन अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया। सरपंच प्रतिनिधि शैतानसिंह, कांग्रेस नेता कुंभसिंह, दिलेरसिंह धोलिया, नखतसिंह, रूपसिंह, राणीदान सिंह, उम्मेदसिंह, सांवतसिंह, चैनसिंह, गिरधारीसिंह, गंगासिंह, करणी सिंह व बन्नेसिंह ने बताया कि जब भी अधिकारियों से शिकायत की जाती तो वे पुलिस कार्रवाई करवाने की धमकी दे देते। पिछले 5 सालों के दौरान क्षेत्र में करंट से मौत होने का यह 8वीं घटना है।