पोकरण

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खुदा की इबादत और पाकीजगी का महीना होता है रमजान

रोजेदार देश में अमन चैन की कर रहे हैं दुआ भास्कर संवाददाता | पोकरण (आंचलिक) रमजान माह के चलते उपखंड क्षेत्र...

Danik Bhaskar

Jun 10, 2018, 06:00 AM IST
रोजेदार देश में अमन चैन की कर रहे हैं दुआ

भास्कर संवाददाता | पोकरण

(आंचलिक) रमजान माह के चलते उपखंड क्षेत्र में इन दिनों काफी रौनक दिखाई दे रही है। बाजारों में उल्लास व भीड़ का माहौल बना हुआ है।

इन दिनों में उपखंड क्षेत्र के मस्जिदों व मागिदों पर अकीदतमंदों की भीड़ देखी जा रही है। वहीं उपखंड क्षेत्र के बाजारों में भी रेडिमेड गारमेंट्स, हाथठेलों पर मुस्लिम महिलाओं की भीड़ देखी जा रही है। इसके साथ ही वहां के दुकानदारों ने मुस्लिम समाज से जुड़ी किताबें दुकान के आगे सजाकर बैठें।

वहीं मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा उत्साह के साथ खरीदते नजर आ रहे है। क्षेत्र के बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं कुरान शरीफ, टोपी, स्कार्फ, तस्बीह, मक्का मदीना के फरमान, कलमें, नमाज और दुआओं की किताबों की खरीददारी में मशरूफ है। मदरसा जामियातुर रसीद बड़ली के इनाम मेहर ने रमजान माह के बारे में बताया कि यह माह बुराइयों से तौबा कर खुदा की इबादत और पाकीजगी का महीना माना जाता है। रमजान में रोजे रखने से बुराइयों से निजात मिलती है। मेहर बताया कि रमजान माह के पवित्र महीने के चलते रोजे, नमाज और कुरान की तिलावत के मुबारक महीने को अकीदत के साथ मनाया जा रहा है। इसी प्रकार गोमट निवासी डॉ. मरियम मेहर ने बताया कि रमजान माह के चलते मुस्लिम समाज द्वारा अपने घरों तथा मस्जिदों में भी रंग रोगन कर किया जा रहा है।

डॉ. मेहर ने बताया कि रमजान महीने में एक नेकी के बदले 70 नेकी मिलती है। इसलिए इस महीने का पूरा अहतराम करते हैं, ताकि अधिक से अधिक नेकियां कमाई जा सके। इस मुबारक महीने में कुरान नाजीलल अवतरित हुआ था। इस बात की अहमियत को देखते हुए सादा कुरान शरीफ के साथ युवाओं में तर्जुमा या अनुवाद वाले कुरान पढ़ते हैं।

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