Hindi News »Rajasthan »Pokran» कागजों में सिमटी सरकार की बालिका संबल व ज्योति कार्ड योजना

कागजों में सिमटी सरकार की बालिका संबल व ज्योति कार्ड योजना

ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर बढ़ रही जनसंख्या व कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए भले ही सरकार ने महिलाओं के लिए...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 13, 2018, 06:05 AM IST

ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर बढ़ रही जनसंख्या व कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए भले ही सरकार ने महिलाओं के लिए कई योजनाएं संचालित की हो। लेकिन इन योजनाओं का प्रचार-प्रसार नहीं होने के कारण यह योजना कागजों तक सिमट कर रह गई है। इस योजना के प्रचार प्रसार नहीं होने के कारण जब से योजना शुरू हुई है तब से लेकर आज तक कोई महिलाओं ने आवेदन नहीं किए गए हैं। प्रदेश में निरंतर बढ़ती जनसंख्या, कन्या भ्रूण हत्या के कारण गड़बड़ाते लिंगानुपात, बाल विवाह को रोकने व परिवार की बेटियों के सर्वांगीण विकास एवं अच्छी शिक्षा दिलवाने आदि उद्देश्यों को लेकर राज्य सरकार ने वर्ष 2007-08 में मुख्यमंत्री बालिका संबल योजना की शुरू की थी। इसी प्रकार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा ज्योति कार्ड योजना शुरू की, लेकिन इस योजना का प्रचार प्रसार नहीं होने के कारण महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।

प्रचार-प्रसार नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को नहीं मिल रहा सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ

यह है योजनाएं

मुख्यमंत्री बालिका संबल योजना के अनुसार कोई भी दंपती जिसके पुत्र नहीं हो और दो पुत्रियां होने के बाद नसबंदी करवा ले ऐसे दंपती को मुख्यमंत्री बालिका संबल योजना के तहत आवेदन करने पर 10-10 हजार रुपए की राशि के यूटीआई म्यूचल फंड की सीसीपी योजना के अंतर्गत बांड भरे जाते हैं। बांड भरने के बाद बालिका की उम्र 18 वर्ष होने पर उसे यूटीआई म्यूचल फंड की 76 हजार 900 रुपए राशि दिए जाने का प्रावधान है। इसी प्रकार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग की ओर से ज्योति कार्ड योजना का केवल नसबंदी संबंधित महिलाओं को दिया जाता है। इस योजना के अनुसार दो बालिकाओं के बाद नसबंदी करवाने पर महिलाओं को स्नातकोत्तर स्तर तक की नि:शुल्क शिक्षा दिए जाने, आशा सहयोगिनी, एएनएम, जीएनएम के लिए निकाली जाने वाली भर्ती में वरीयता के आधार पर चयन, एएनएम, जीएनएम एवं बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रमों में वरीयता एवं निशुल्क शिक्षा के साथ सरकारी अस्पतालों में निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं आदि दिया जाना निर्धारित है।

2007 में वसंुधरा सरकार ने शुरू की थी योजना

राज्य सरकार ने वर्ष 2007-08 में मुख्यमंत्री बालिका संबल योजना तथा ज्योति कार्ड योजना शुरू की गई थी। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में इन योजना का प्रचार प्रसार नहीं होने के कारण ग्रामीण महिलाओं को आज भी इस योजनाओं के बारे जानकारी होने के कारण महिलाएं इन योजनाओं से वंचित है। जानकारी के अभाव में ग्रामीणों को इधर उधर भटकना पड़ रहा है।

ग्रामीण क्षेत्र में इन योजनाओं का प्रचार प्रसार नहीं होने के कारण लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा विभाग द्वारा अभी तक इस योजना का प्रचार प्रसार नहीं किया जा रहा है। दिनेश कुमार, फलसूंड

दो बालिकाओं पर नसबंदी करवाने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए बालिका संबल व ज्योति कार्ड योजना संचालित की है। दोनों योजनाएं संचालित की जा रही है। वहीं दो बालिकाओं पर अभी तक मेरे कार्यकाल में कोई भी दंपत्ति नसबंदी करवाने नहीं आया है। डॉ. प्रकाश चौधरी, ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी पोकरण

चिकित्सा विभाग द्वारा क्षेत्रों में इन योजनाओं का प्रचार प्रसार नहीं होने के कारण क्षेत्र की महिलाएं इस योजना से वंचित है तथा इस योजना का महिलाओं को लाभ नहीं मिल पा रहा है। मदनसिंह राठौड़, सांकड़ा

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Pokran

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×