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सितंबर में पूरी होंगी 1500 करोड़ के दो पेयजल परियोजनाएं 600 गांवों की आठ लाख आबादी को मिलेगा नहरी पानी

Pokran News - तेरह साल के लंबे इंतजार के बाद अब दो बड़े पेयजल प्रोजेक्ट सितंबर तक पूर्ण होने के साथ ही 600 गांवों के 8 लाख आबादी को...

Dainik Bhaskar

May 14, 2018, 06:05 AM IST
सितंबर में पूरी होंगी 1500 करोड़ के दो पेयजल परियोजनाएं 600 गांवों की आठ लाख आबादी को मिलेगा नहरी पानी
तेरह साल के लंबे इंतजार के बाद अब दो बड़े पेयजल प्रोजेक्ट सितंबर तक पूर्ण होने के साथ ही 600 गांवों के 8 लाख आबादी को मीठा पानी मिलेगा। 1500 करोड़ के दो पेयजल प्रोजेक्ट का काम अंतिम चरण में है। इन दो परियोजनाओं से जिले की एक तिहाई आबादी की पानी की किल्लत सालों बाद खत्म हो जाएगी। हर गांव, ढाणी तक मीठा पानी मिल सकेगा। पोकरण-फलसूंड परियेाजना वर्ष 2005 में स्वीकृत हुई। बागुंडी हाइवे क्रॉसिंग का काम जल्द पूरा होने के बाद इस परियोजना से जुड़े गांवों तक मीठा पानी पहुंचेगा। इसके अलावा नर्मदा नहर से जड़े गुड़ामालानी-चौहटन व रामसर-शिव प्रोजेक्ट का दो साल से रुका काम अब फिर से शुरू होने वाला है। वन विभाग और एनएचएआई से एनओसी मिल गई है। इससे नर्मदा प्रोजेक्ट भी गति पकड़ेंगे।



दो जिलों की 7 लाख आबादी को मिलेगा मीठा पानी

आरडी नाचना से जुड़ी पोकरण-फलसूंड बालोतरा सिवाना लिफ्ट पेयजल परियोजना से बाड़मेर-जैसलमेर जिले के 600 गांवों को मीठा पानी मिलने का सपना 13 साल के लंबे इंतजार के बाद अब पूरा होने को है। 2005 में वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई। उस समय लागत 966.77 करोड़ थी। जबकि लगातार देरी के कारण 2011 में 1454 करोड़ पहुंच गई। दोनों जिलों के सैकड़ों गांवों में लोग खारा पानी पी रहे थे। जिसमें जैसलमेर जिले के 177 गांव, बाड़मेर जिले के 403 गांव व 3 कस्बे पोकरण, बालोतरा व सिवाना को मीठा पानी उपलब्ध करवाने की योजना है। 1500 करोड़ की पेयजल परियेाजना में करीब 1350 करोड़ खर्च किए जा चुके है। इस परियोजना से दो जिलों के 700 से ज्यादा गांव और 8 लाख से ज्यादा आबादी को मीठा पानी उपलब्ध होगा।

पोकरण-फलसूंड, बालोतरा-सिवाना से लाभांवित गांव-कस्बे

जिला तहसील गांव शहर आबादी

जैसलमेर पोकरण 177 पोकरण 2 लाख

बाड़मेर शिव 8 - 10 हजार

- बायतु 169 - 1.10 लाख

- पचपदरा 107 - 1.50 लाख

- - - बालोतरा 70 हजार

- सिवाना 58 - 1.11 लाख

- - 1 सिवाना 25 हजार

- गुड़ामालानी 44 - 60 हजार

कुल 2 563 3 7 लाख

2 साल बाद वन विभाग व एनएचएआई से मिली एनओसी, रुका हुआ काम शुरू

दो साल के लंबे इंतजार के बाद नर्मदा नहर से जुड़े चौहटन-गुड़ामालानी व रामसर-शिव पेयजल प्रोजेक्ट को अब हरी झंडी मिल गई है। वन विभाग और एनएचएआई की ओर से एनओसी नहीं मिलने के कारण काम अटका हुआ था। हाइवे ने 2 किमी. तक धोरीमन्ना कस्बे में पाइप लाइन के लिए आपत्ति जताई थी। अब नाले को तोड़कर उसके नीचे पाइप लाइन डलवाई गई है। वन विभाग ने चौहटन-रामसर क्षेत्र को ग्रीन क्षेत्र मानते हुए एनओसी नहीं दी थी। ऐसे में अब एनओसी मिलने से दो साल तक रुका हुआ काम फिर से शुरू हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत करीब 1300 किमी. पाइप लाइन डाली जानी है। सरहदी गांवों के लिए यह सबसे बड़ी पेयजल परियोजना है।

नर्मदा नहर परियोजना

गुड़ामालानी कस्बा समेत 177 गांवों को मिलेगा मीठा पानी

नर्मदा नहर आधारित पेयजल परियोजना गुड़ामालानी एचआर प्रोजेक्ट का काम लगभग पूर्ण हो गया है। इससे गुड़ामालानी कस्बा समेत कुल 177 गांवों को कलेक्टर योजना व चौहटन तहसील के 15 गांवों को मीठा पानी उपलब्ध करवाना है। इसको काम पूर्ण हो चुका है। 121 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में 83 किमी. पाइप लाइन डाली जा चुकी है। डीमड़ी में जीएसएस का काम समय पर पूर्ण हो गया तो सितंबर तक मीठा पानी मिल जाएगा। करीब डेढ़ लाख लोगों को इसका फायदा मिलेगा।


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सितंबर में पूरी होंगी 1500 करोड़ के दो पेयजल परियोजनाएं 600 गांवों की आठ लाख आबादी को मिलेगा नहरी पानी
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