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कुपोषण प्रबंधन संबंधी 2 दिवसीय प्रशिक्षण

एकीकृत कुपोषण प्रबंधन कार्यक्रम आई-मेम के लिए आशा सहयोगिनियों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रथम बैच का दो दिवसीय...

Danik Bhaskar | May 24, 2018, 06:05 AM IST
एकीकृत कुपोषण प्रबंधन कार्यक्रम आई-मेम के लिए आशा सहयोगिनियों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रथम बैच का दो दिवसीय प्रशिक्षण मंगलवार को आरसी जाट, कंसलटेंट गेन-इंडिया के सानिध्य में सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया। 22 मई से 23 मई तक 3 बैच में चलने वाले इस प्रशिक्षण पश्चात जून माह में एएनएम, चिकित्साधिकारियों और एल.एस को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। एनएचएम के डपलपमेंट पार्टनर युनिसेफ, गेन इंडिया, एसीएफ एवं टाटा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में इस प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। एनयूएचएम डीपीएम विजय सिंह, डॉ. सुरेश कुमार, एनआरएचएम बीपीएम सुरेन्द्र चौधरी, आशा कोर्डिनेटर उमेश पारीक तथा आशा फेसिलिटेटर गिरीराज व्यास प्रशिक्षण में उपस्थित रहे। बैच की ट्रेनिंग में बीसीएमओ डॉ. प्रकाश चौधरी एवं सीडीपीओ भैराराम द्वारा विजिट किया गया। आईएमएएम की ब्लॉक स्तरीय ट्रेनिंग मे बताया कि समुदाय आधारित एकीकृत कुपोषण प्रबंधन कार्यक्रम के माध्यम से 6 माह से 59 माह तक के चिह्नित बच्चों को कुपोषण मुक्त किया जाएगा। इससे पूर्व प्रदेश के 13 जिलों में संचालित समुदाय आधारित कुपोषण प्रबंधन कार्यक्रम (सीमेम) अत्यंत सफल रहा। जिसमें 9 हजार से अधिक कुपोषित बच्चों को कुपोषण के दंश से मुक्त किया गया था। इसी से प्रेरित होकर प्रदेश के चयनित जिलों एवं सीमेम जिलों के चयनित ब्लाॅकों में आई-मेम संचालित होगा। फील्ड कार्मिक ‘एएए‘ एएनएम, आशा सहयोगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को स्वास्थ्य सुधार के प्रति सशक्त कर उनके सहयोग से जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सूचकांकों में त्वरित सुधार का प्रयास किया जाएगा। पोकरण खण्ड के चयनित गांवों में यह कार्यक्रम शुरू होगा। जिसके अंतर्गत आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा स्क्रीनिंग कर कुपोषित बच्चों की पहचान की जाएगी। फिर पोषण दिवसों का आयोजन कर इन बच्चों को नियमित पोषण व पूरक आहार की आपूर्ति दी जाएगी।