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करोड़ों रुपए खर्च किए पर नहीं चले हैंडपंप

भास्कर संवाददाता | पोकरण (आंचलिक) पंचायतीराज विभाग व जलदाय विभाग द्वारा खुदवाए गए हैडपंपो अधिकांश क्षेत्रों...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 05, 2018, 06:15 AM IST

भास्कर संवाददाता | पोकरण (आंचलिक)

पंचायतीराज विभाग व जलदाय विभाग द्वारा खुदवाए गए हैडपंपो अधिकांश क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त व बंद पड़े हैं। वहीं जलदाय विभाग व पंचायतीराज विभाग द्वारा खर्च किए गए लाखों रुपए इन दिनों ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। पंचायतीराज विभाग व जलदाय विभाग द्वारा जहां एक आेर ग्रामीण इलाकों में पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए ग्रामीण इलाकों में करोड़ों रुपए खर्च कर हैड पंप खुदवाए जा रहे हैं, लेकिन इन दिनों अधिकांश जगहों पर हैड पंप क्षतिग्रस्त व खराब होने के कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। वहीं जलदाय विभाग व पंचायतीराज विभाग द्वारा करोड़ रुपए खर्च कर हैंडपंपों का निर्माण करवाया गया। लेकिन हैड पंप क्षतिग्रस्त होने के कारण ग्रामीणों को महंगेदामों पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है।

जलदाय विभाग व पंचायतीराज विभाग द्वारा द्वारा करोड़ों रुपए खर्च कर गांव व ढाणियों हैंडपंपों का निर्माण करवाया जाता है, लेकिन जलदाय विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा देखरेख नहीं करने के कारण अघिकांश हैड पंप क्षतिग्रस्त पड़े है। सूचित करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। एडवोकेट रसीद मेहर निवासी गोमट।

कागजों में खुदवाए जा रहे है हैड पंप

जलदाय विभाग व पंचायत समिति द्वारा क्षेत्र में मात्र में कागजों में ही हैंडपंपों की मरम्मत व खुदवाए जा रहे है। वहीं धरातल पर देखा जाए तो अधिकांश जगहों पर हैड पंप खराब व क्षतिग्रस्त पड़े है। इसको लेकर अभी तक न तो जलदाय विभाग ध्यान दे रहा है न ही पंचायत समिति। जिसके चलते करोड़ों रुपए हैड पंप मात्र कागजों में ही दिखाई दे रहे है। इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा स्थानीय प्रशासन को सूचित करने के बावजूद भी संबंधित विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिसके चलते ग्रामीणों दिनों दिन रोष बढ़ता जा रहा है।

अघिकांश जगहों पर क्षतिग्रस्त पड़े हैड पंप

उपखंड क्षेत्र में जलदाय विभाग व पंचायत समिति सांकड़ा द्वारा विभिन्न गांवों व ढाणियों में खुदवाए गए हैंडपंपों की समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण ये खराब पड़े हंै। इस कारण गांवों व ढाणियों में लंबे समय से पेयजल संकट गहराया हुआ है। उपखंड क्षेत्र के बाबपुरा, केरावा, मोतीसर, लूणाकल्ला, केलावा, भैसड़ा, चौक, सांकड़ा, डिडाणिया, पुरोहितसर, सतासर, मोरानी, लंवा सहित कई क्षेत्रों में जीएलआर व हैड पंप क्षतिग्रस्त पड़े है।

करोड़ों रुपए खर्च फिर भी ग्रामीण प्यासे, कागजों में सिमट रहे हैं हैड पंप

जलदाय विभाग के अधिकारी नहीं है गंभीर

उपखंड क्षेत्र में ग्रामीणों को पेयजल व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए जलदाय विभाग व पंचायत विभाग के अधिकारियों द्वारा विभिन्न जगहों पर खुदवाए व हैंडपंपों समय-समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण पिछले लंबे समय क्षतिग्रस्त होने के कारण ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पा रहा है। वहीं इस समस्याओं के संबंध न जो जलदाय विभाग के अधिकारी गंभीर है न ही प्रशासन। जिसके चलते ग्रामीणों को इस भीषण गर्मी में पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।

गांवों व ढाणियाें में पेयजल संकट से निजात दिलाने के कारण कई बार जलदाय विभाग व पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को लिखित व मौखिक रूप से कई बार अवगत करवाया गया। लेकिन अभी तक जलदाय विभाग के अधिकारियों द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जितेन्द्र विश्नोई निवासी खेतोलाई

हैंडपंप और जीएलआर देखने नहीं जाते अफसर

जलदाय विभाग व पंचायत विभाग द्वारा गांव व ढाणियाें में करोड़ों रुपए खर्च कर जीएलआर व हैंडपंपों का निर्माण करवाया गया। उसके बाद भी ग्रामीणों को पानी नसीब नहीं हो रहा है। दोनों विभाग द्वारा समय-समय पर निरीक्षण नहीं करने के कारण क्षेत्र में हैंडपंपों की दुर्दशा हो रही है। इस संबंध में जलदाय विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वाराें कोई ठोस कदम नहीं उठाने के कारण ग्रामीणों को पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है।

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