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विद्यालयों में अग्निशमन तो लगा दिए लेकिन इसे चलाने की विधि पता नहीं

भास्कर संवाददाता पोकरण | (आंचलिक) उपखंड क्षेत्र के कई विद्यालयों में लगाए गए अग्निशमन यंत्रों को जब लगाया गया था...

Danik Bhaskar | May 05, 2018, 06:15 AM IST
भास्कर संवाददाता पोकरण | (आंचलिक)

उपखंड क्षेत्र के कई विद्यालयों में लगाए गए अग्निशमन यंत्रों को जब लगाया गया था तब से लेकर आज दिन तक कभी यह चैक नहीं किया गया कि वो सही है या नहीं। जानकारी के अनुसार जब मिड डे मील शुरू किया गया था उस समय सर्व शिक्षा अभियान के तहत विभाग ने लगभग सभी विद्यालयों में अग्निशामक यंत्र दिए थे। कुछ विद्यालयों ने अपने स्तर पर भी खरीदे थे, लेकिन जब से यंत्र विद्यालयों में लगाए गए थे तब से लेकर आज तक कुछ विद्यालयों के अलावा इनको कभी रिफिल नहीं करवाया गया और न ही इनका कभी उपयोग करके देखा गया। इसके चलते विभाग के लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी इसका उपयोग नहीं लिया जा रहा है।

विभाग द्वारा विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र तो दे दिए गए, लेकिन कई अध्यापक व अध्यापिकाओं को तो ये भी पता नहीं की इनका उपयोग भी कैसे करना है। विभाग द्वारा इससे संबंधित कभी कोई कार्यशाला इत्यादि आयोजित करके ये नहीं बताया गया की अग्निशामक यंत्रों का उपयोग कैसे किया जाता हैं। विभाग द्वारा विद्यालयों में लगाए गए अग्निशमन यंत्रों पर आधी अधूरी जानकारी लिखी हुई है। विद्यालयों में लगे अग्निशमन यंत्रों पर उनको कब रिफिल करवाना है या कितने समय बाद एक्सपायर हो जाएंगे अंकित नहीं है। न ही यह लिखा है कि यह कब भरा गया था। सिर्फ मेन्यूफेक्चरिंग का वर्ष लिखा है। कुछ पर तो सीरियल नंबर तक नहींं है। ऐसे में किसी को क्या पता चले कि इनको कब रिफिल करवाया गया और आगे कब करवाना है।

विभाग नहीं दे रहा है ध्यान : इस बारे में विभाग के अधिकारी नही दे रहे कोई ध्यान। उनके रख-रखाव की बात तो बहुत दूर अधिकारियों को यहां तक पता नहीं की विद्यालयों में भी अग्निशामक यंत्र लगे हुए है। अधिकारियों की लापरवाही के चलते विद्यालय स्टाफ द्वारा भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। विद्यालयों में मिड डे मील का खाना रसोई में गैस पर बनाया जाता है। इस दौरान यदि आगजनी की कोई घटना हो जाती है तोे अग्निशमन यंत्रों के सही नहीं होने पर यदि सही भी हो तो कइयों को तो इसका उपयोग करना भी नहीं आता। एेसे में कितना बड़ा नुकसान हो जाए इसका कोई अंदाज नहीं लगया जा सकता।