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पांच किलोमीटर रेलवे लाइन बिछाने पर नहीं दे रहे हैं जनप्रतिनिधि कोई ध्यान

पोकरण (आंचलिक)| जैसलमेर जिले का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन पोकरण है, लेकिन पोकरण में सभी ट्रेनों का ठहराव नहीं होने के...

Danik Bhaskar | Jul 11, 2018, 06:15 AM IST
पोकरण (आंचलिक)| जैसलमेर जिले का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन पोकरण है, लेकिन पोकरण में सभी ट्रेनों का ठहराव नहीं होने के कारण उपखंड पोकरण व भणियाणा के ग्रामवासियों के लिए बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। इस संबंध में अभी तक कोई भी जनप्रतिनिधि इस ओर कोई कार्रवाई करता नजर नहीं आ रहा है।

सामाजिक कार्यकर्ता प्रहलाद शर्मा ने बताया कि पोकरण रेलवे स्टेशन पर गाड़ियों का ठहराव नहीं होने के कारण आमजन को सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसके चलते यात्रियों को तकलीफों का सामना करना पड़ता है। शर्मा ने बताया कि पोकरण स्टेशन पर गाड़ियों का ठहराव नहीं होने से शहर सहित आस-पास क्षेत्र के ग्रामीणों को रामदेवरा जाकर वहां पर ट्रेनों में सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पोकरण व गोमट के बीच पांच किलोमीटर की दूरी होने के कारण यात्रियों को समय पर गोमट जाने के लिए कोई साधन नहीं है तथा गोमट जाने के लिए यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि पोकरण स्थित रेलवे स्टेशन पर अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए आवास व्यवस्था, रेल गाड़ियों की वाशिंग व्यवस्था, कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए चिकित्सा व्यवस्था होने के बाद भी पोकरण रेलवे स्टेशन पर गाड़ियों का ठहराव नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यहां से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में जवान अपने कार्य के लिए अपने गांव के लिए रेल यात्रा करते है। जिसके चलते यहां पर रेल गाड़ियों का ठहराव नहीं होने के कारण बीएसएफ व आर्मी के जवानों को भी बड़ी पेशानी होती है। शर्मा ने बताया कि रामदेवरा भैरव राक्षस गुफा से पोकरण तक अलग लाइन बिछाई जाती है तो सभी रेल गाड़ियों का पोकरण रेलवे स्टेशन हो सकता है तथा रेलवे विभाग की आय भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में लोक सभा सांसद, क्षेत्रीय विधायक, वित्त मंत्रालय के मंत्री को भी इस संबंध में कई बार लिखित व मौखिक रूप से सूचित करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रह है।