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सांकड़ा गांव में तीन हजार की आबादी लेकिन एक भी राष्ट्रीयकृत बैंक नहीं

भास्कर संवाददाता | पोकरण (आंचलिक) जैसलमेर जिले में अपनी पहचान रखने वाला सांकड़ा गांव पिछले लंबे समय से...

Danik Bhaskar | Jul 11, 2018, 06:15 AM IST
भास्कर संवाददाता | पोकरण (आंचलिक)

जैसलमेर जिले में अपनी पहचान रखने वाला सांकड़ा गांव पिछले लंबे समय से राष्ट्रीयकृत बैंक की कमी का दंश झेल रहा है। ऐसे में ग्रामीणों को अपने छोटे-मोटे कार्य के लिए पोकरण उपखंड मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इस कारण उन्हें आर्थिक व शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों द्वारा कई बार मांग उठाने के बाद भी सांकड़ा क्षेत्र में कोई राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा नहीं खोली गई है।

सांकड़ा ग्राम पंचायत काफी बड़े भू-भाग में फैला हुआ है। इसके साथ ही यह गांव आस-पास में सात पंचायतों से भी घिरा हुआ है। इसमें लूणा, नेड़ान, सनावड़ा, चौक, जैमला, जालोड़ा पोकरणा और माधोपुरा गांव शामिल हंै। इन गांवों में होने वाले सभी सरकारी व गैर सरकारी कार्यों का सारा लेन-देन पोकरण स्थित राष्ट्रीयकृत बैंक एसबीबीजे व एसबीआई में किया जाता है। जिसके चलते इन ग्राम पंचायतों में होने वाले कार्यों के दौरान मजदूरों को दिए जाने वाला भुगतान भी चैक के माध्यम से होता है। जिसे लेने के लिए लोगों को उपखंड मुख्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है।