• Home
  • Rajasthan News
  • Pokran News
  • रामदेवरा में भादवा मेला दो माह बाद, बाजार में मिलावटी व डुप्लीकेट खाद्य सामग्री की बिक्री
--Advertisement--

रामदेवरा में भादवा मेला दो माह बाद, बाजार में मिलावटी व डुप्लीकेट खाद्य सामग्री की बिक्री

भादवा में आयोजित होने वाला बाबा रामदेव के मेले में अभी दो महीने है लेकिन मिलावटी खाद्य सामग्री बेचने वाले गिरोह...

Danik Bhaskar | Jul 06, 2018, 06:20 AM IST
भादवा में आयोजित होने वाला बाबा रामदेव के मेले में अभी दो महीने है लेकिन मिलावटी खाद्य सामग्री बेचने वाले गिरोह मेले से दो माह पहले ही सक्रिय हो गए हैं। छोटे ठेले चालकों के से लेकर बड़े बड़े दुकानदारों के पास भी इन दिनों मिलावटी और नकली खाद्य सामग्री देखने को मिल रही है। । लेकिन विभागीय अधिकारी इन दुकानदारों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

भादवा मेले के शुरू होने से दो माह पहले से ही यात्रियों और संघों की आवाजाही शुरू हो जाती है। इसी के चलते मिलावटी खाद्य सामग्री का व्यापार भी जोर पकड़ने लगता है। हाल ही में कई मिलावटी खाद्य सामग्री मिलते जुलते नामों से चल रही है। जिसे बेच कर इन दिनों दूरदराज से आने वाले यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। यही नहीं बड़ी-बड़ी कंपनियों के नाम से मिलते-जुलते और सस्ते मिनरल वाटर से आम आदमी को पता ही नहीं चलता है कि अनजाने में वे अपने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। वहीं दूसरी ओर विभागीय अधिकारियों द्वारा भी इन डुप्लीकेट खाद्य सामग्री के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

पोकरण. भादवे मेले से पूर्व धड़ल्ले से बिक रही है डुप्लीकेट खाद्य सामग्री।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी पहुंच रहा है मिलावटी सामान

शहर के साथ साथ इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रों में तो और भी बुरा हाल है। लोगों को इस बारे में जानकारी तक नहीं है कि खाद्य सामग्री बेचने के लिए फूड लाइसेंस भी जरूरी होता है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी फूड लाइसेंस जारी करते हैं। जिन दुकानदारों के सेंपल सही नहीं निकलते उनके खिलाफ पीएफ एक्ट 7/16 के तहत कार्रवाई की जाती है। ऐसे अपराध के लिए जुर्माना और सजा दोनों का प्रावधान है, लेकिन इसके बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित दुकानों पर नकली और मिलावटी खाद्य सामग्री के साथ साथ डुप्लीकेट पैकिंग की खाद्य सामग्री भी धड़ल्ले से बेची जा रही है। फिर भी प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।



बिना लाइसेंस की दुकानों में बिक रही है खाद्य सामग्री

उपखण्ड मुख्यालय में बिना फूड लाइसेंस के खाद्य एवं पेय पदार्थों की अनेक दुकानें चल रही है। जिसका परिणाम यह है कि इन दुकानों पर घटिया किस्म की खाद्य एवं पेय सामग्री बिक रही है। शहर में फूड लाइसेंस बनाने का कार्य चिकित्सा विभाग द्वारा किया जाता है। नियमानुसार प्रत्येक खाद्य सामग्री बेचने वाले दुकानदारों को फूड लाइसेंस बनवाना पड़ता है। खाद्य सामग्री बेचने वाली दुकानों की जांच चिकित्सा विभाग के खाद्य इंस्पेक्टर द्वारा बाकायदा की जाती है। बावजूद इसके बाजार में मिलावटी, घटिया और स्वास्थ्य के प्रतिकूल वस्तुएं बिक रही हैं।