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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक साल में 234 फाइलों की जांच की, उपायुक्त व उनका निजी सचिव 1 माह से फरार

भास्कर संवाददाता. पोकरण/नाचना उपनिवेशन विभाग के अधिकारियों की ओर से नाचना क्षेत्र की बेशकीमती जमीन को नियमों...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 06:25 AM IST

भास्कर संवाददाता. पोकरण/नाचना

उपनिवेशन विभाग के अधिकारियों की ओर से नाचना क्षेत्र की बेशकीमती जमीन को नियमों के विरुद्ध जमीन आवंटन के मामले में पिछले एक साल से एसीबी की टीम जांच कर रही है। शिकायतकर्ता आलू खां की शिकायत पर गत 14 अप्रैल को टीम ने नाचना उपनिवेशन कार्यालय पहुंचकर 234 फाइलों को अपने कब्जे में लिया। उपनिवेशन कार्यालय में एसीबी की इस कार्रवाई से अधिकारियों में हड़कंप मच गया था। वहीं एक माह पूर्व 15 अप्रैल को एसीबी के अधिकारियों द्वारा उपनिवेशन कार्यालय के उपायुक्त उपनिवेशन अरुण शर्मा, उनके पीए सुआलाल के साथ साथ तहसीलदार के निवास स्थान व कार्यालय पर छापा मारा। जांच के दौरान एसीबी ने तहसीलदार को गिरफ्तार किया गया। वहीं डीसी अरुण शर्मा तथा उनके पीए सुआलाल पिछले एक माह से फरार चल रहे हैं।पूरे मामले की सच्चाई को जांचने के लिए इन दिनों भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की स्पेशल टीम नाचना में रुकी है और फरवरी 2014 से अक्टूबर 2016 के मध्य किए गए भूमि आवंटन के कागजात की जांच कर रही है। इसके साथ ही टीम ने मामले को परिवाद संख्या 80/2018 के तहत दर्ज कर जांच शुरू की। टीम द्वारा पूर्व में जब्त की गई 234 फाइलों के मालिकों के साथ साथ फाइलों में शामिल 500 गवाहों से भी पूछताछ कर उनके बयान लिए जा रहे हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की स्पेशल टीम में जोधपुर ग्रामीण भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के सीआई अनिल शर्मा, चेतनराम, ओमप्रकाश पालीवाल, अमीन खां नाचना शामिल है।

जांच के दाैरान 234 अावंटियों और 500 गवाहों से भी एसीबी ने की पूछताछ

हजारों बीघा जमीन का कर दिया आवंटन

जानकारी के अनुसार उपनिवेशन विभाग नाचना में उपायुक्त उपनिवेशन अरुण शर्मा और उनके निजी सहायक सुआलाल के साथ साथ अन्य अधिकारियों ने आपसी सांठ गांठ कर हजारों बीघा जमीन नियमों के विरुद्ध जाकर आवंटित कर दी। नियमों में अनियमितता के चलते शिकायतकर्ता आलू खां द्वारा एसीबी के एसपी अजय लांबा के समक्ष पेश होकर इस मामले के संबंध में जानकारी दी। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एबीसी ने आवंटन की 234 फाइलों को कार्यालय से जब्त किया। वहीं एक माह पूर्व डीसी अशोक शर्मा के बीकानेर वाले घर से 130 फाइलों को बरामद किया। वहीं अभी तक इस संबंध में पूर्ण जानकारी नहीं मिल पाई है कि अधिकारियों द्वारा कितने बीघा जमीन का आवंटन कर दिया।

एसीबी की टीम एक वर्ष से जुटी है मामले के खुलासे में

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जैसलमेर के अधिकारियों द्वारा 14 अप्रैल 2017 को मामले की जांच में जुटी थी। वहीं इस पूरे मामले की जांच को एक वर्ष से अधिक का समय हो गया है, लेकिन अभी तक फर्जी आवंटन के मामले का खुलासा नहीं हो पाया है। वहीं टीम द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है तथा उनके द्वारा किए गए फर्जी आवंटन की जांच में जुटे हुए हैं।

जनप्रतिनिधियों के नाम के खुलासे की संभावना

उपनिवेश क्षेत्र नाचना में इन दिनों भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो टीम द्वारा की जा रही खोजबीन में कई जनप्रतिनिधियों के नाम उजागर होने की संभावनाएं दिखाई दे रही है। जहां एक ओर टीम के सदस्य फाइलों के आवेदनकर्ताओं के साथ साथ गवाहों के भी बयान दर्ज कर रहे हैं। वहीं इन दिनों एसीबी की टीम द्वारा किए जाने वाले कार्यों से जनप्रतिनिधियों की सांस अटकी हुई है।

उपायुक्त शर्मा के बीकानेर आवास से जांच एजेंसी ने जब्त की थी 130 फाइलें

उप और पीए के सभी निवास स्थानों को किया सीज

एसीबी की टीम द्वारा 15 अप्रैल को की गई कार्रवाई के दौरान उन्होंने उपायुक्त उपनिवेशन अशोक शर्मा और निजी सहायक सुआलाल की पूरी संपत्ति को सीज कर दिया है। इसमें डीसी अशोक शर्मा के नाचना कार्यालय के साथ साथ लक्ष्मणगढ़, कोटा और जयपुर में बने मकानों को सीज कर दिया गया है। वहीं पीए सुआलाल के नाचना स्थित क्वार्टर को भी एसीबी ने सीज कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने तत्कालीन पीए वर्तमान में उपनिवेशन आयुक्त कार्यालय बीकानेर में कार्यरत सुआलाल विजय की छापे मारी में 16 संपत्तियां को सीज किया।

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