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रामदेवरा के गांव और ढाणियों में पानी का संकट, टैंकरों से पानी खरीदने की मजबूरी

भास्कर संवाददाता | रामदेवरा रामदेवरा ग्राम पंचायत के आस-पास की ढाणियों और राजस्व गांवों में स्थित जीएलआर में...

Danik Bhaskar | May 08, 2018, 06:30 AM IST
भास्कर संवाददाता | रामदेवरा

रामदेवरा ग्राम पंचायत के आस-पास की ढाणियों और राजस्व गांवों में स्थित जीएलआर में पानी की आपूर्ति नहीं होने से आमजन को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। कस्बे के आसपास छितराई हुई ढाणियों व छोटे गांवों में पानी नहीं होने के कारण हाहाकर मचा हुआ है। इन ढाणियों में जीएलआर तो है लेकिन पानी की पाइपलाइन से पानी की सप्लाई नहीं की जा रही है। रामदेवरा में कुंडलियों की ढाणी, सोहनसिंह की ढाणी समेत वीरमदेवरा, एकां, मावा सहित राष्ट्रीय हाइवे के पास स्थित सभी ढाणियों में पानी की सप्लाई कई दिनों से बंद है। कस्बे में पोकरण बीएसएफ के पास से आने वाली पाइप लाइन में पिछले एक माह से पानी की सप्लाई नहीं होने और इस वर्ष मानसून में कम बारिश होने के कारण ग्रामीणों के साथ पशुधन के लिए भी पानी की किल्लत ग्रामीणों के लिए भारी परेशानियां खड़ी कर रही है।

पोकरण. ग्राम पंचायत भीखोड़ाई जूनी के राजस्व ग्राम गोरालिया से करमूरों मेघवालों की ढाणी तक पानी की पाइप लाइन गई हुई है। करमूरों मेघवालों की ढाणी में जीएलआर भी बनी हुई है। लेकिन इस लाइन में लगभग 30 अवैध कनेक्शन है। इस कारण करमूरों मेघवालों की ढाणी तक पानी नहीं पहुंच रहा है। पानी के लिए दर दर की ठोकरें खानी पड़ती है। पानी की विकट समस्या है। पानी के टैंकर फलसूंड या राजमथाई करीब 15 किलोमीटर दूरी से मंगवाने पड़ते हैं। ग्रामीण आम्बाराम व चनणाराम लीलड़ ने बताया कि इस अवैध कनेक्शनों के संबंध में उच्च अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ है। चनणाराम लीलड़ ने एसडीएम को ज्ञापन देकर अवैध कनेक्शन हटाने तथा करमूरों मेघवालों की ढाणी तक पानी पहुंचाने की मांग की।

अधिकारियों और ठेकेदारों को आमजन की परवाह नहीं

चहेतों के घरों टैंकर भेजने का आरोप

रामदेवरा ग्राम पंचायत के ढाणियां तो क्या राजस्व गांवों में भी पानी कि भारी किल्लत के कारण ग्रामीणों का पशुधन भी काल ग्रस्त हो रहा है। जलदाय विभाग की तरफ से पानी के टैंकरों से हो रही जलापूर्ति भी मात्र खानापूर्ति साबित हो रही है। पानी के टैंकरों के द्वारा जहां पहुंच वाले लोगों तक तो पानी पहुंच जाता है। लेकिन विभाग के अधिकारियों के द्वारा पानी के टैंकरों से जलापूर्ति में भी पूरी तरह से लापरवाही बरती जा रही है।

भास्कर संवाददाता | रामदेवरा

रामदेवरा ग्राम पंचायत के आस-पास की ढाणियों और राजस्व गांवों में स्थित जीएलआर में पानी की आपूर्ति नहीं होने से आमजन को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। कस्बे के आसपास छितराई हुई ढाणियों व छोटे गांवों में पानी नहीं होने के कारण हाहाकर मचा हुआ है। इन ढाणियों में जीएलआर तो है लेकिन पानी की पाइपलाइन से पानी की सप्लाई नहीं की जा रही है। रामदेवरा में कुंडलियों की ढाणी, सोहनसिंह की ढाणी समेत वीरमदेवरा, एकां, मावा सहित राष्ट्रीय हाइवे के पास स्थित सभी ढाणियों में पानी की सप्लाई कई दिनों से बंद है। कस्बे में पोकरण बीएसएफ के पास से आने वाली पाइप लाइन में पिछले एक माह से पानी की सप्लाई नहीं होने और इस वर्ष मानसून में कम बारिश होने के कारण ग्रामीणों के साथ पशुधन के लिए भी पानी की किल्लत ग्रामीणों के लिए भारी परेशानियां खड़ी कर रही है।

पोकरण. ग्राम पंचायत भीखोड़ाई जूनी के राजस्व ग्राम गोरालिया से करमूरों मेघवालों की ढाणी तक पानी की पाइप लाइन गई हुई है। करमूरों मेघवालों की ढाणी में जीएलआर भी बनी हुई है। लेकिन इस लाइन में लगभग 30 अवैध कनेक्शन है। इस कारण करमूरों मेघवालों की ढाणी तक पानी नहीं पहुंच रहा है। पानी के लिए दर दर की ठोकरें खानी पड़ती है। पानी की विकट समस्या है। पानी के टैंकर फलसूंड या राजमथाई करीब 15 किलोमीटर दूरी से मंगवाने पड़ते हैं। ग्रामीण आम्बाराम व चनणाराम लीलड़ ने बताया कि इस अवैध कनेक्शनों के संबंध में उच्च अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ है। चनणाराम लीलड़ ने एसडीएम को ज्ञापन देकर अवैध कनेक्शन हटाने तथा करमूरों मेघवालों की ढाणी तक पानी पहुंचाने की मांग की।

पानी के लिए तरस रहे ग्रामीणों की जलदाय विभाग के अधिकारियों और ट्टूबवेलों पर ठेकेदारों को कोई परवाह नहीं। अधिकारियों को पानी की सप्लाई के बारे में पूछने पर यह कहा जाता है कि कार्य चल रहा है और पानी की सप्लाई के बारे में कोई जवाब नहीं दिया जाता है। जलदाय विभाग के ठेकेदारों को सूचित किया तो उनके द्वारा यह बताया की जाता है की गर्मी के मौसम में पानी की पाइप लाइन तो टूटती रहती है। जलदाय विभाग के ठेकेदारों के द्वारा जलदाय विभाग के लाइन मैन की भी नहीं सुनी जा रही है और पानी की सप्लाई को मनमर्जी से चालू और शुरू किया जा रहा है।