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गांवों के लिए टैंकर का टेंडर होने के बाद भी पानी की सप्लाई नहीं

भीषण गर्मी को देखते हुए प्रतिवर्ष जलदाय विभाग द्वारा सरकारी टैंकरों के साथ साथ निजी टैंकरों से ग्रामीण क्षेत्रों...

Danik Bhaskar | May 17, 2018, 06:35 AM IST
भीषण गर्मी को देखते हुए प्रतिवर्ष जलदाय विभाग द्वारा सरकारी टैंकरों के साथ साथ निजी टैंकरों से ग्रामीण क्षेत्रों की सरकारी जीएलआर में पीने के पानी की सप्लाई करवाती है। ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में इस भीषण गर्मी में गहराने वाले पेयजल संकट से ग्रामीणों को राहत मिल सके। प्रतिवर्ष शुरू होने वाले टैंकर अप्रैल माह में ही शुरू हो जाते हैं। लेकिन हाल ही में मई महीना आधा गुजर जाने के बाद भी टैंकर सेवा शुरू नहीं होने के कारण क्षेत्र के गांवों में जहां पेयजल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है वहीं दूसरी ओर जलदाय विभाग के अधिकारियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में स्थानीय स्तर पर कई बार जनप्रतिनिधियों और नेताओं द्वारा ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर अधिकारियों से मांग कर चुके हैं, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी के टैंकरों की व्यवस्था को शुरू करवाने के लिए जिला स्तर पर टेंडर हुए थे। जिसमें ठेकेदारों द्वारा जलदाय विभाग द्वारा तय किए गए रुपए को काफी अधिक राशि भरी। इससे अधिकारियों द्वारा इस टेंडर का मूल्यांकन किया जा रहा है। इसके साथ ही इन ठेकेदारों द्वारा भरी गई रेटों में शुद्धिकरण कर टेंडर प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। इसके साथ ही अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया जा रहा है कि जल्द से जल्द टैंकरों से पीने के पानी की सप्लाई को शुरू किया जाएगा, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

पानी के अभाव में ग्रामीणों का जीना मुश्किल : क्षेत्र में गहराए पेयजल संकट के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में पीने का पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण ग्रामीणों की स्थित बद से बदतर हो गई है। जिसके चलते लोगों को महंगे दामों में पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। वहीं ग्रामीणों के साथ साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मवेशियों की स्थिति भी काफी दयनीय है। पीने के पानी के अभाव में इन दिनों मवेशी सूखी जीएलआर और पशु खेळियों के आस-पास भटक रहे हैं। इसके साथ ही कई स्थानों पर पीने के पानी के अभाव में मवेशियों की स्थिति मरणासन्न हो गई है।