--Advertisement--

रामदेवरा का 634वां मुख्य मेला शुरू

मैं पूनम सिंह राठौड़ अपने साथी गोपालसिंह तंवर के साथ बाबा के रामदेवरा मंदिर के मुख्य द्वार पर खड़ा हूं। अलसुबह घड़ी...

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2018, 05:50 AM IST
Pokran - रामदेवरा का 634वां मुख्य 
 मेला शुरू
मैं पूनम सिंह राठौड़ अपने साथी गोपालसिंह तंवर के साथ बाबा के रामदेवरा मंदिर के मुख्य द्वार पर खड़ा हूं। अलसुबह घड़ी में 2.30 बजे रहे हैं। हर तरफ बाबा के जयकारों से भीड़ में उत्साह बढ़ता ही जा रहा है। पांच किलोमीटर लंबी कतारों में खड़े लाखों भक्त है। ऐसी भीड़ है कि यहां पर पैर रखने को जगह भी नहीं बची है। भक्तों के चेहरे कम सफेद रंग की पताकाएं और ध्वजाएं ही ध्वजाएं दिखाई दे रही है। एक-एक पल एक-एक घंटे सा प्रतीत हो रहा हे। क्योंकि सभी को बाबा के दर्शन का इंतजार है। अभिजित मुहूर्त में 3.10 बजे बाबा का अभिषेक किया गया। समाधि पर चादर चढ़ाने के बाद 3.20 बजे मंगल आरती शुरू होते ही चहुंओर बाबा के जयकारे गूंज उठे। निज मंदिर में बच्चे, युवा, महिलाएं व बुजुर्ग हर कोई बाबा की समाधि के दर्शन को बेताब नजर आए। 10 बजे तक रामदेवरा कस्बे की 20 किलोमीटर की परिधि में लाखों लोग पहुंच गए। भीड़ इतनी कि कस्बे की हर गली व सड़क जाम हो गई। यह सिलसिला शाम 5 बजे तक तक अनवरत जारी रहा। मंदिर से कस्बे के बाहर तक 5 किलोमीटर लंबी कतारों में श्रद्धालु बीते 48 घंटों से खड़े है। तेज धूप में भूखे-प्यासे खड़े रहे, लेकिन थके न हारे। मेले में जैसलमेर, बाड़मेर समेत पूरे राजस्थान के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, बंगाल, हैदराबाद, कर्नाटक सहित देशभर से श्रद्धालु पहुंचे।

मेले में 10 साल में चार गुना बढ़े बाबा रामदेव के भक्त, समाधि के दर्शनार्थ पांच किलोमीटर कतारों में 48 घंटे खड़े रहे लाखों श्रद्धालु

अपार श्रद्धा: 20 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, 70% पैदल जातरू

रामदेवरा मेले में बीते दस सालों में पहली बार चार गुना श्रद्धालु बढ़े हैं। 2008 तक मेले में 4 से 5 लाख श्रद्धालु आते थे। इस मेले में अब तक 20 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। मेला 20 सितंबर तक चलेगा। मंदिर संचालकों के अनुसार हर साल दो से तीन लाख श्रद्धालु बढ़ रहे हैं। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं में 70% पैदल जातरू शामिल हंै। कोई 500 तो कोई 800 किमी पैदल सफर तय कर बाबा के दरबार में शीश नवाने पहुंच रहे हैं।

सेवा का जुनून: पग-पग पर भंडारा, पल-पल चाय-पानी की मनुहार

रामदेवरा मेले में हजारों श्रद्धालु यहां पुण्य कमाने आते हैं। वे बाबा के भक्तों को भगवान मानकर निस्वार्थ भाव से सेवा कर रहे हैं। मंदिर से दो किमी की परिधि में 300 से अधिक भंडोरे चल रहे हैं। इनमें 5 हजार कार्यकर्ता 24 घंटे लगातार श्रद्धालुओं को भोजन करवा रहे हैं। कतारों में खड़े भक्तों से विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता चाय-पानी की मनुहारें कर रहे हैं। 24 घंटे बाबा के भक्तों के साथ खड़े लोगों में सेवा का अनूठा जुनून है। इसी कारण किसी भी भक्त को कोई परेशानी नहीं हो रही है।

400 सेवादार, रोजाना 24 घंटे सफाई

हरियाणा के 400 सेवादार रामदेवरा में रोजाना 12 घंटे लगातार सफाई कर रहे हैं। रामदेव विकास जन जाग्रति ट्रस्ट से जुड़े कार्यकर्ता सुबह सात बजे सफाई में जुट जाते हैं। हाथों में झाडू लिए हर गली-सड़क की सफाई कर रहे हैं। दल प्रभारी कुलदीप गजरा ने बताया कि बाबा के मेले में सफाई कर पुण्य कमा रहे हैं। 10 दिनों से पूरी टीम सफाई की व्यवस्था संभाले हैं। इसके बदले में ग्राम पंचायत या ट्रस्ट से भोजन तक के पैसे नहीं लेते हैं।

मेले में चढ़ता है 10 टन प्रसाद, Rs. 8 करोड़ का नकद चढ़ावा

बाबा के मंदिर में मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु करीब 10 टन प्रसाद चढ़ाते हैं, वहीं 8 करोड़ रुपए नकद चढ़ावे में आते हैं। वहीं पूजन व अन्य सामग्री अलग है। रोजाना करीब 60 से 70 हजार श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करते हैं।

X
Pokran - रामदेवरा का 634वां मुख्य 
 मेला शुरू
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..