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प्रतापगढ़। होली पर्व पर जिला जेल में गेर नृत्य करते बंदी।

प्रतापगढ़। होली पर्व पर जिला जेल में गेर नृत्य करते बंदी। छोटीसादड़ी | नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में होली पर घरों...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 04:05 AM IST
प्रतापगढ़। होली पर्व पर जिला जेल में गेर नृत्य करते बंदी।

छोटीसादड़ी | नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में होली पर घरों में विभिन्न व्यजंन बनाकर अपने मित्रों, रिश्तेदारों को खिलाए। नगर में शुभ मुहूर्त में होली चौक, हलवाई गली, मीणों का चौराहा, नई आबादी, गोदावरी बस्ती के पास किया। लोगों व बच्चों ने गोबर से बनाए बड़कुलाें की माला होलिका को पहनाई। कई जगहाें पर किसानों ने गेहूं की उमियों को होलिका में सेका। इसी प्रकार मलावदा, गोमाना, अचलपुरा, गणेशपुरा, अंबावली में होलिका दहन कर होली की शुभकामनाएं दी।

छोटीसादड़ी । बम्बोरी में होली जलाते लोग।

छोटीसादड़ी । बम्बोरी में होली जलाते लोग।

पीपलखूंट. होली उत्सव के तहत गेर नृत्य करते युवक-युवतियों की टोली।

पीपलखूंट. होली उत्सव के तहत गेर नृत्य करते युवक-युवतियों की टोली।

होलिका के अंगारों से अगले दिन जलाए घरों के चूल्हे

अरनोद |
गौतमेश्वर, मंडावरा, जाजली, साखथली थाना, विरावली, अचलावदा, मौहेड़ा सहित आसपास के गांवों में होली और धुलंडी मनाई गई। होलिका दहन के साथ ही दूसरे दिन शुक्रवार को धुलंडी मनाई गई। नई आबादी, इंदिरा पार्क, सदर बाजार, हरिजन मोहल्ला ओर रैदास मोहल्ला में 8 से 10 बजे के बीच पूजा अर्चना कर होलिका दहन किया गया। दूसरे दिन सवेरे होलिका के अंगारों से घर के चूल्हे जलाए गए।

पानी बचाने का दिया संदेश

मूंगाणा. क्षेत्र में धुलंडी पर युवाओं में रंगों को लेकर उत्साह देखा गया। होलिका दहन के साथ शुरू हुए ढूंढ़ोत्सव में भी लोग जम कर नाचते-गाते नजर आए। कस्बे के आदिनाथ जैन मंदिर मे ढूंढ़ोत्सव हुआ, होली खेली गई। पानी बचाने के संदेश के साथ लोगों ने सुखी होली और गुलाल का इस्तेमाल किया।

आदिवासी परंपराओं के साथ मनाई होली, नव विवाहित जोड़े ने होली के फेरे लगाए

बारावरदा | जिले के बारावरदा क्षेत्र के मधुरातालाब ग्राम पंचायत में होली के पर्व को आदिवासी परंपराओं के साथ मनाया गया। समाज के लोगों ने गैर नृत्य और होली के सात फेरे लगा कर अपनी बरसों पुरानी परंपरा का निर्वाह किया। जनजातीय क्षेत्र आदिवासी क्षेत्र में परंपराओं के साथ होली का पर्व मनाया गया। आदिवासी गैर नृत्य खेला गया जिसमें सभी आदिवासी समाज के लोगों ने ढोल नगाड़े और ताशों के ताल पर जम कर नृत्य किया। फाग गीत गाते हुए आदिवासी समाज के युवक युवतियों ने जम कर गैर खेले। पूर्वजों द्वारा मनाई जा रही परंपरा को जीवित रखते हुए आदिवासी समाज के लोगों ने नव विवाहित जोड़े को होली के फेरे लगवाए और होली उत्सव को धूम धाम के साथ मनाया।