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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चयन के नाम पर प्रधान और सीडीपीओ पर 50 हजार लेने का आरोप

परतापुर| गढ़ी क्षेत्र में प्रधान और सीडीपीओ समेत पांच जनों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का चयन कराने की एवज में 50 हजार...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 05:45 AM IST

परतापुर| गढ़ी क्षेत्र में प्रधान और सीडीपीओ समेत पांच जनों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का चयन कराने की एवज में 50 हजार रुपए की ठगी करने के को लेकर थाने में शिकायत की गई है।

पुलिस के अनुसार मामला महीनेभर पहले 1 मार्च को सामने आया था। मोर निवासी माणकलाल पुत्र बाबरिया ने इस संबंध में गढ़ी प्रधान लक्ष्मण डिंडोर, आईसीडीएस की सीडीपीओ कचरी आहरी, ग्राम पंचायत मोर के पूर्व सरपंच कमलकांत मीणा और वर्तमान सरपंच पति लालशंकर डायमा के खिलाफ थाने में परिवाद दिया। इसमें बताया कि चार साल पहले मोर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की भर्ती प्रक्रिया हुई। इसमें उसके बेटे महेश की मंगेतर सुनीता के लिए भी आवेदन किया था। तब सरपंच ने मुझे कहा कि प्रधान अपनी पार्टी का है। उनसे मिलकर चयन करवा देंगे। इसके लिए कुछ खर्चा करना पड़ेगा। फिर सरपंच ने प्रधान से मुलाकात करवाई, तो चयन के लिए 50 हजार रुपए देने की बात कही। इस पर पुत्रवधू की नौकरी के लिए वह रुपए देने को राजी हो गया। इसकी व्यवस्था कर प्रधान से संपर्क किया, तो प्रधान ने 25 हजार उन्हें, 15 हजार सीडीपीओ को और 10 हजार रुपए सरपंच को देने बताए। तब अपने ससुर लक्ष्मीचंद और रिश्तेदार वेणीचंद के साथ जाकर तीनों को बताए अनुसार राशि दे दी। साल भर बीतने पर भी जब चयन नहीं हुआ, तो प्रधान से संपर्क किया। इस पर प्रधान ने कहा कि चूंकि बेटे ने शादी ही नहीं की, इसलिए केवल सगाई के आधार पर चयन नहीं हो सकता। फिर बेटे को कुवैत से बुलाकर शादी भी करवा दी, लेकिन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का चयन गांव की किसी दूसरी महिला का कर दिया गया। अब यह कहकर प्रधान और सीडीपीओ टाल रहे हैं कि चिंता नहीं करना, आगे फिर भर्ती खुलेगी, तो पुत्रवधू का चयन कर देंगे।

राजीनामे की बात कही थी, फिर वापस ही नहीं लौटा: मामले में अनुसंधान अधिकारी एएसआई रायसिह का कहना है कि जांच के दौरान ही दोनों पक्षों से मालूम हुआ कि इनमें समझौता हो गया है। खुद परिवादी ने आकर कहा था कि उनमें राजीनामा हो गया, लेकिन कार्रवाई नहीं चाहने संबंधित लिखित में मांगने पर वह वापस नहीं लौटा।

माणकलाल के बेटे ने शादी ही नहीं की थी, इसलिए उसका चयन नहीं हुआ। रुपए लेने के आरोप झूठे हैं। -लक्ष्मण डिंडोर प्रधान गढ़ी

माणकलाल की पुत्रवधू 12वीं तक पढ़ी हुई है, जबकि चयनित महिला बीए बीएड है। नियमानुसार अधिक योग्यता वाले का चयन किया गया। उसकी पुत्रवधू का चयन नहीं हुआ, इसलिए झूठे आरोप लगा रहा है। -कचरी अहारी, सीडीपीओ गढ़ी

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