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प्राइवेट स्कूल की बसों में बच्चों को बंदरों की तरह भरकर ले जाते हैं : जिला प्रमुख

Pratapur News - भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा प्राइवेट स्कूल के वाहनों में बच्चों को बंदरों की तरह भरकर ले जाया जाता है, तो आप कोई...

Dainik Bhaskar

Mar 28, 2018, 05:55 AM IST
प्राइवेट स्कूल की बसों में बच्चों को बंदरों की तरह भरकर ले जाते हैं : जिला प्रमुख
भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा

प्राइवेट स्कूल के वाहनों में बच्चों को बंदरों की तरह भरकर ले जाया जाता है, तो आप कोई कार्रवाई क्यों नहीं करते। जिला परिषद की प्रशासन और स्थापना समिति की बैठक में जिला प्रमुख रेशम मालवीया ने बच्चों से जुड़े इस गंभीर मुद्दे को नजरअंदाज करने पर कड़ी नाराजगी जताई। बैठक में छह विभागों के काम काज की समीक्षा की गई। मालवीया ने परिवहन, यातायात और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मामले में तुरंत आवश्यक कार्यवाही करने के दिशा निर्देश दिए। सामाजिक सेवाएं एवं सामाजिक न्याय समिति के अध्यक्ष गाेविंद सिंह ने जिले में मलेरिया, डेंगू, वायरल व स्वाइन फ्लू जैसी बीमारियां फैलने व सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में झोला छाप डाॅक्टरों द्वारा किए जा रहे उपचार के मामलों की गहन जांच पड़ताल करने का मुद्दा उठाया। राव ने कहा कि ये लोग काैन हैं और कहां से डॉक्टर की डिग्री लाकर जनजाति क्षेत्र में गरीब आदिवासी लोगों का उपचार कर रहे हैं। महावीरपुरी ने देवदा सहित अन्य तालाबों में अतिक्रमण की समस्या बताई और अतिक्रमण हटवाने को कहा।

उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रमेश शर्मा ने बैठक में इतना ही बताया कि जिले में प्रति माह की 8, 18 और 28 तारीख को नेत्र रोग जांच और ऑपरेशन के शिविर आयोजित किए जाते हैं, वे जिले में कुपोषण और मौसमी बीमारियों पर अधिक कुछ नहीं कह पाए। बैठक में टीएडी की अतिरिक्त परियोजना अधिकारी अरुण डिंडोर, इंदिरा पंड्या, सोहनलाल, दरिया, जया, कनिता व मोहनलाल ताबीयार आदि मौजूद रहे।

जिला परिषद की प्रशासन और स्थापना समिति की बैठक में परिवहन और शिक्षा विभाग के अधिकारी रहे निशाने पर

बैठक में मौजूद जिला प्रमुख रेशम मालवीया, जनप्रतिनिधि, विभागों के अधिकारी।

भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा

प्राइवेट स्कूल के वाहनों में बच्चों को बंदरों की तरह भरकर ले जाया जाता है, तो आप कोई कार्रवाई क्यों नहीं करते। जिला परिषद की प्रशासन और स्थापना समिति की बैठक में जिला प्रमुख रेशम मालवीया ने बच्चों से जुड़े इस गंभीर मुद्दे को नजरअंदाज करने पर कड़ी नाराजगी जताई। बैठक में छह विभागों के काम काज की समीक्षा की गई। मालवीया ने परिवहन, यातायात और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मामले में तुरंत आवश्यक कार्यवाही करने के दिशा निर्देश दिए। सामाजिक सेवाएं एवं सामाजिक न्याय समिति के अध्यक्ष गाेविंद सिंह ने जिले में मलेरिया, डेंगू, वायरल व स्वाइन फ्लू जैसी बीमारियां फैलने व सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में झोला छाप डाॅक्टरों द्वारा किए जा रहे उपचार के मामलों की गहन जांच पड़ताल करने का मुद्दा उठाया। राव ने कहा कि ये लोग काैन हैं और कहां से डॉक्टर की डिग्री लाकर जनजाति क्षेत्र में गरीब आदिवासी लोगों का उपचार कर रहे हैं। महावीरपुरी ने देवदा सहित अन्य तालाबों में अतिक्रमण की समस्या बताई और अतिक्रमण हटवाने को कहा।

उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रमेश शर्मा ने बैठक में इतना ही बताया कि जिले में प्रति माह की 8, 18 और 28 तारीख को नेत्र रोग जांच और ऑपरेशन के शिविर आयोजित किए जाते हैं, वे जिले में कुपोषण और मौसमी बीमारियों पर अधिक कुछ नहीं कह पाए। बैठक में टीएडी की अतिरिक्त परियोजना अधिकारी अरुण डिंडोर, इंदिरा पंड्या, सोहनलाल, दरिया, जया, कनिता व मोहनलाल ताबीयार आदि मौजूद रहे।

शिक्षण संस्थान का रजिस्ट्रेशन एक और उसके नाम पर स्कूलें अनेक

बैठक में ये मुद्दा उठाया गया कि निजी शिक्षण संस्थान के एक ही रजिस्ट्रेशन पर स्कूलों की कई शाखाएं खोल दी जाती हैं। क्या ये नियम विरुद्ध नहीं है? जिला प्रमुख ने इस मामले को दिखवाने को कहा। साथ ही गोविंद सिंह राव और महावीर पुरी ने निजी स्कूलों द्वारा अधिक फीस लेने और फीस निर्धारण नहीं करने और फीस निर्धारण करवा कर उसकी सूचना सार्वजनिक करवाने की मांग उठाई। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) प्रेमजी पाटीदार ने कहा कि इस मामले में सख्त निर्देश दिए जाएंगे, फिर कार्यवाही भी करेंगे।

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