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विस्थापितों को नहीं मिल रही जमीन, प्रशासन से चाहा दखल

माही एवं कडाणा विस्थापितों के लिए आवंटित भूमि पर स्थानीय किसानों ने अतिक्रमण कर दिया हैं। इसे हटाने और...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 07, 2018, 06:05 AM IST

माही एवं कडाणा विस्थापितों के लिए आवंटित भूमि पर स्थानीय किसानों ने अतिक्रमण कर दिया हैं। इसे हटाने और विस्थापितों को जमीन दिलाने के लिए हाईकोर्ट ने भी पुनर्वास के आदेश दिए हैं, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से पुनर्विस्थापित करने की कोई प्रक्रिया नहीं की जा रही। इस कारण विस्थापितों में नाराजगी है।

प्रशासन की ओर से भूमि आवंटन नहीं करने के कारण जमीन के लिए विवाद की स्थिति बन गई है। किसान वहां कब्जा कर खेती कर रहे हैं। अपनी इस समस्या को लेकर विस्थापित पुनर्वास समिति की ओर से कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया।

माही कडाना विस्थापितों ने अपने हक की भूमि से कब्जा हटवाने के लिए लगाई गुहार, सूची दी फिर भी नोटिस जारी कर दिया

कलेक्ट्रेट को ज्ञापन देने पहुंचे माही कड़ाना क्षेत्र के विस्थापित।

113 विस्थापितों की लिस्ट एसडीएम को दी थी

समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि भूमि आवंटन के लिए 113 विस्थापितों की लिस्ट एसडीएम कार्यालय बांसवाड़ा में 3 नवंबर 017 को दी थी। इसके बाद फिर उसी लिस्ट को एसडीएम तक पहुंचाया था। इसके बाद भी प्रशासन की ओर से लिस्ट नहीं देने का नोटिस जारी किया गया। इसे लेकर विस्थापितों ने कलेक्टर से हाईकोर्ट आदेशों की शीघ्र पालना कराने की मांग की।

गढ़ी के किसानों ने भी रखी अपनी मांगें

परतापुर. किसानों ने विस्थापितों को आवंटित कृषि भूमि पर से किसानों के किए कब्जे को नहीं हटवाने की मांग की। उन्होंने गढ़ी तहसीलदार को ज्ञापन देकर कहा कि पिछले कई वर्षों 80 गांवों के काश्तकार भूमि पर उनका कब्जा जहां खेती कर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। इस मौके पर जवाहरलाल कलासुआ, गजेंग पाटीदार, रमेश, रतन, नटवर, ललित प्रसाद सहित कई लोग मौजूद थे।

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