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बिना सर्वे अनास बांध का प्रस्ताव भेज बढ़ाया जनाक्रोश सीएम को बताऊंगा, आपको किया बदनाम : मालवीया

भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा जिला परिषद की साधारण सभा की मंगलवार को हुई बैठक में अनास बांध का मुद्दा फिर उठा।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 04, 2018, 06:10 AM IST

भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा

जिला परिषद की साधारण सभा की मंगलवार को हुई बैठक में अनास बांध का मुद्दा फिर उठा। पूर्व मंत्री और बागीदौरा विधायक महेन्द्रजीतसिंह मालवीया ने अनास बांध और हाईलेवल केनाल मुद्दे पर माही और जलसंसाधन विभाग के एसई से सवाल किए और कहा कि आपके विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को गलत जानकारी देकर घोषणा करवाई, जिससे जनाक्रोश जैसे हालात उत्पन्न हुए।

मुख्यमंत्री को बांध की घोषणा को वापस लेना पड़ा। अब मुख्यमंत्री बांसवाड़ा दाैरे पर आ रही है। ऐसे में इन अधिकारियों को उनके सामने खड़ा कर बताऊंगा कि यह है आपको बदनाम करने वाले। मंच से उतर हर मालवीया खुद माही और जलसंसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता जितेंद्र वर्मा के पास पहुंचे और पूछा कि वे ये बताएं कि क्या आपने अनास बांध बनने वाले क्षेत्र की खुद जाकर सर्वे की है। जब आप अनास बांध बनाने की बात कर रहे हो तो साथ में हाई लेवल केनाल बनाने की बात क्यों कर रहे हो। बांध बनाओगे तो केनाल बांध के पानी में डूब जाएगी। इस पर वर्मा कडाणा बांध और अनास बांध की ऊंचाई में अंतर बताने लगे। मालवीया ने कहा बांध का गलत ढंग से सर्वे होने और पूर्व सर्वे के आधार पर ही घोषणा से जनाक्रोश पनपा था। मालवीया ने कहा कि आप दो बातें मत करो कि हम एक हजार करोड़ का अनास बांध भी बनाएंगे और दो हजार करोड़ की अपर हाई लेवल केनाल भी बनाएंगे।

बांध-केनाल साथ कैसे

अनास बांध और हाईलेवल कैनाल एक साथ बनाने के प्रस्ताव के बारे में एसई जितेन्द्र वर्मा से जानकारी लेते मालवीया।

खांट : नहरों में पानी जरूरी

बैठक के दौरान पूर्व मंत्री और गढ़ी विधायक जीतमल खांट और जिला परिषद सदस्य और भाजपा जिला मंत्री गाेविन्दसिंह राव आमने-सामने हो गए। दोनों एक ही क्षेत्र है। खांट ने माही की नहरों में जल प्रवाह बंद करने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि 18 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में मक्का उगी हुई है। कृषि अधिकारी कह रहे है कि इस फसल को 6 बार सिंचित करना जरूरी है। फिर भी पानी बंद कर रहे। खांट की इस बात के उलट गोविंद सिंह राव ने कहा कि नहरों में पानी की मांग नहीं है। नहरों के पेवर लाइनिंग तकनीक से निर्माण करवाना जरूरी है क्योंकि जून माह में बारिश का दौर शुरू होने से काम नहीं हो पाएंगा। विभाग के एसई जितेंद्र वर्मा ने कहा कि किसानों ने पानी की मांग नहीं की है। गढ़ी विधायक की बात को काटने की घटना जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों में चर्चा का विषय बनी।

8 साल से ज्ञापन दे रहे, सुनवाई,नहीं, तीन बार जल चुकी फसल : खड़िया

माही-जलसंसाधन विभाग के अफसरों से पूछा सवाल

कुशलगढ़ प्रधान रमीला खड़िया ने रुंधे गले से कहा कि उनके पति हुरतींग खड़िया प्रधान थे तब से आठ सालों से ज्ञापन दिया लेकिन बिजली का तार नहीं हटाने से मक्का की फसल तीन बार जल गई। जबकि डिस्कॉम का कार्यालय पास ही है। एसई जीके पारीख ने चार से पांच दिनों में समस्या का निराकरण करने की बात कही। जिला प्रमुख ने 700 करोड़ की योजना के बावजूद गांवों में पानी सप्लाई नहीं होने का मुद्दा उठाया।

राव : पानी की मांग नहीं

स्कूलों का काम पूरा नहीं करने वालों पर एफआईआर

बैठक में पानी, बिजली और सड़क के मुद्दों पर तीनों विभागों के एसई जनप्रतिनिधियों के निशाने पर रहे। पूर्व मंत्री और गढ़ी विधायक जीतमल खांट ने भी पेंशनर्स को पेंशन नहीं मिलने पर नाराजगी जताई और रमसा के तहत विद्यालयों में ठेकेदारों द्वारा निर्माण नहीं करने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहा। उप जिला प्रमुख संगीता त्रिवेदी और जिला परिषद सदस्य इंदिरा पंड्या ने पालोदा, परतापुर में पानी की सप्लाई ठीक से नहीं होने की समस्या बताई। पीएचईडी के जेईएन,एईएन फोन तक नहीं उठाते हैं। परतापुर में पिछले पांच दिनों से पानी नहीं आ रहा है। बैठक में मंत्री धनसिंह रावत, संसदीय सचिव भीमा भाई कलेक्टर भगवती प्रसाद माैजूद नहीं थे।

मनरेगा में भुगतान नहीं एक्सएईएन से नाराजगी

प्रधान लक्ष्मण डिंडोर हरेंद्र निनामा, प्रज्ञा, मोती भूरिया,सुभाष तंबोलिया,शांता गरासिया ने मनरेगा में भुगतान नहीं होने का मुद्दा उठाया,तो सदन में माहौल गरमा गया। जिला प्रमुख रेशम मालवीया ने सीईओ हर्ष सावनसूखा से समाधान करने केा कहा। जिला प्रमुख ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भुगतान नहीं होेने पर विकास अधिकारियों से ये कहा कि आप कैसे भुगतान करोगे ये आप जानो। भुगतान हो जाना चाहिए। मनरेगा एक्सईएन बी.एल गुप्ता की कार्यशैली पर भी जनप्रतिनिधि नाराज थे। इन्हें हटाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।

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