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अरथूना में 11 माह में विकास का एक काम नहीं हुआ, पंचायत के खाते से सचिव मंगवाता रहा घरेलू सामान, बिल बाउचर गायब

ग्राम पंचायत अरथूना में सरपंच और सचिव ने 11 माह में 66 लाख का भुगतान कर दिया, जिसमें गड़बड़ी का मामला सामने आया है।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 05, 2018, 06:15 AM IST

ग्राम पंचायत अरथूना में सरपंच और सचिव ने 11 माह में 66 लाख का भुगतान कर दिया, जिसमें गड़बड़ी का मामला सामने आया है। पंचायत समिति में सचिव ने वर्ष फरवरी में पदभार संभाला था। इस दौरान पंचायत के बैंक खाते में 15 लाख 14 हजार 55 रुपए बैलेंस था। इसके बाद भी पंचायत के खाते में भुगतान आता रहा।

इन 11 माह में इसमें से कुल 66 लाख 30 हजार 196 रुपए का अलग-अलग फर्म को भुगतान किया। जिसका ग्राम पंचायत में किसी भी प्रकार का बिल बाउचर नहीं है। साथ ही इस समय में कोई भी विकास कार्य ग्राम पंचायत में नहीं हुआ है। पहले का कोई भुगतान भी शेष नहीं है। ऐसे में यह सामने आया कि सचिव द्वारा भुगतान फर्जी तरीके से किया गया है। पिछले साल महावीर स्टोर अरथूना को 7 मार्च 017 को 247 नंबर के चेक से 50 हजार का भुगतान किया। 10 अप्रैल 017 काे 286 नंबर के चेक से समय सेनिटेशन परतापुर को 49 हजार 850 रुपए का भुगतान किया गया। ऐसे कई चेक सचिव की ओर से दिए गए हैं। जिस फर्म को सचिव द्वारा भुगतान किया गया है, उनमें से कुछ फर्म संचालकों ने बताया कि हमने तो इसकी एवज में सामान दिया है। कुछ ने बताया कि पहले का बकाया था, वो भुगतान किया गया है। कुछ संचालकों का कहना है कि सचिव के घर सामान दिया था, उसका पैसा लिया है। उधर, पूर्व में कार्यरत सचिव का कहना है मेरे समय का कोई बकाया नहीं था।

भास्कर की पड़ताल में सामने आया सच

समय सेनिटेशन परतापुर को किए भुगतान के संबंध में प्रोपाइटर ने बताया कि मैंने सचिव के घर चल रहे काम के वक्त 2 लाख 50 हजार का सामान दिया था। इसकी एवज में ग्राम पंचायत का चेक दिया गया।

गड़बड़ी के मामले में इनके जवाब

1. सरपंच धूलाराम खराड़ी- पहले से बकाया चल रहा था, उसका भुगतान किया है। किसी भी प्रकार का गलत भुगतान नहीं किया गया है।

2. बहादुर ताबियार पूर्व सचिव- मैंने फरवरी 17 को चार्ज दिया था। इसके पहले का कोई भी भुगतान बाकी नहीं था। जो भी कार्य कराए थे, उसका भुगतान पहले ही कर दिया गया था।

2. जगदीश सुथार तत्कालीन सचिव अरथूना- मैंने जो भी भुगतान किया है, उसकी एवज में काम कराया है। कोई गलत नहीं किया है। समय सेनिटेशन को चेक दिया है वह हमारा कोई दूसरा मामला है। मैंने घर के लिए कोई सामान नहीं लिया है।

3. भूपेन्द्र श्रीमाली मौजूदा सचिव- मैंने नवंबर माह में अरथूना का चार्ज संभाला है। पूर्व सचिव द्वारा किए गए भुगतान के बारे में कोई जानकारी नहीं है। न ही भुगतान के कोई बिल मुझे दिए गए हैं।

पंचायत की राशि सरकारी राशि हैं। इसके लिए व्यक्तिगत निर्णय या मनमर्जी नहीं की जा सकती। इस मामले में कमेटी का गठन कर जांच कराई जाएगी। जो होगा सच वो सामने आएगा। दोषी होने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -डाॅ. जगदीश गुर्जर विकास अधिकारी पंचायत समिति अरथूना

जिस फर्म से सचिव द्वारा किए गए भुगतान की जानकारी ली तो गड़बड़ी का सच सामने आया

महावीर स्टोर अरथूना को 7 मार्च को 50 हजार का भुगतान किया तो इसके प्रोपाइटर ने बताया कि मैंने तो बिल काट दिए है। सामान दिया है या नहीं, यह तो सचिव ही बता देगा।

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