परतापुर

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भागवत कथा में संत ने दी सीख - अर्थ को परमार्थ में लगाएं

परतापुर| गढ़ी उपखंड के परसोलिया के सर्वेश्वर महादेव मंदिर के जीर्णोद्धार निमित्त करवाई जा रही भागवत कथा में...

Dainik Bhaskar

Feb 26, 2018, 06:15 AM IST
भागवत कथा में संत ने दी सीख - अर्थ को परमार्थ में लगाएं
परतापुर| गढ़ी उपखंड के परसोलिया के सर्वेश्वर महादेव मंदिर के जीर्णोद्धार निमित्त करवाई जा रही भागवत कथा में रविवार को कथावाचक उत्तम स्वामी ने अर्थ को परमार्थ में लगाने की सीख दी।

कथावाचक ने कहा कि ईश्वर की कृपा से व्यक्ति जो धन कमाता है उसे निश्चित ही परमार्थ में लगाना चाहिए, अन्यथा वह धन मलिन हो जाता है। जिन्होंने स्वयं का सोचा, उनको अधिक समय तक याद नहीं किया जाता। परमात्मा के काम के लिए जो धन निकले, वह उसकी श्रेष्ठ गति है। तन मन धन से सेवा कार्य में लगना हमेशा से स्तुति करने योग्य रहा है। भाव जगत को श्रेष्ठ करना बहुत जरूरी है। अंतर्मन शुद्ध नहीं है तो बाहर की भव्यता कितनी भी हो, वह अर्थहीन होगी। संत की महिमा का बखान करते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा से जीवन में शांति और आनंद बढ़ता है। लोग जब पाप कर्मों में लिप्त होते हैं तो वह जीवन का नाश ही करते हैं। उत्तम स्वामी ने कथा में 1100 प्रकार के नरक के बारे में भी चर्चा की। कथा प्रसंग में रविवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया।

परसोलिया के सर्वेश्वर महादेव मंदिर परिसर में भागवत कथा, व्यासपीठ का पूजन किया

कथावाचक उत्तम स्वामी

सत्संग में यह अपनाने के लिए किया प्रेरित




इन्होंने भी लिया कथा का लाभ

कथा सुनने के लिए रविवार को डूंगरपुर कलेक्टर राजेंद्र भट्ट, राज्यसभा सांसद हर्षवर्धनसिंह, इनकम टैक्स ऑफिसर वेदप्रकाश मित्तल समेत बांसवाड़ा डूंगरपुर के लोगों ने भाग लिया। समारोह के दौरान शिलापूजन से जुड़े सभी यजमानों को मान वंदना पत्र सौंपकर सम्मानित किया। संचालन डॉ. पीयूष पंड्या ने किया। कथा के दौरान बीच बीच में दुनिया छूटे तो छूटने दें, हमें काम है ईश्वर से, दुनिया रूठे तो रूठने दें, हमें काम है ईश्वर...। हर वेश में तू, तेरे नाम अनेक, तू एक ही है...। भजन की प्रस्तुतियां देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया।

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भागवत कथा में संत ने दी सीख - अर्थ को परमार्थ में लगाएं
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