Hindi News »Rajasthan »Pratapur» जीवन में सुख और दुख अतिथि के समान होते हैं : कमलेश शास्त्री

जीवन में सुख और दुख अतिथि के समान होते हैं : कमलेश शास्त्री

परतापुर। बनकोड़ा में चल रही रामकथा के पांचवें दिन मंगलवार को महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। कथा से...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 14, 2018, 06:45 AM IST

परतापुर। बनकोड़ा में चल रही रामकथा के पांचवें दिन मंगलवार को महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। कथा से पूर्व पौथी पूजन राजीव व्यास को मिला। इसके बाद शिव आराधना, सरस्वती आराधना कर राम स्तुति हुई। कथाकार कमलेश शास्त्री ने सुख और दुख की महत्ता को समझाया। कलयुग में मानव के पास समय नहीं रहेगा। भगवान को पाने का सर्वोच्च साधन प्रेम ही है। कर्म और कृपा ईश्वर को अनुभूत करने के साधन हैं। हमारी मेहनत से हम ईश्वर को प्राप्त नहीं कर सकते। ईश्वर की कृपा ही हमें ऊपर उठाते हैं। मनुष्य का तन, मन और धन सब कुछ तेरा है। मानव को अपने भीतर की बुराइयां देखनी चाहिए। मानव की आदत दूसरों की बुराइयां देखने की होती है। इससे उसका जीवन हमेशा दुखमय होता है। भागवत कथा से हमें प्रेम का भाव जागृत होता है। कथा के मध्य भजनों पर श्रद्धालु जमकर थिरके।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Pratapur

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×