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यूरिया खाद की किल्लत, 15 गांवों के किसानों की फसल को हो रहा नुकसान

भास्कर संवाददाता | चिड़ियावासा रबीकी फसल के लिए यूरिया खाद की किल्लत होने लगी। यूरिया खाद नहीं मिलने से किसान...

Dainik Bhaskar

Jan 06, 2018, 07:00 AM IST
भास्कर संवाददाता | चिड़ियावासा

रबीकी फसल के लिए यूरिया खाद की किल्लत होने लगी। यूरिया खाद नहीं मिलने से किसान चिंतित नजर रहे हैं। भीमपुर लैम्पस में 10 हजार बोरी खाद की आवश्यकता हैं, लेकिन अब तक महज 520 बोरी खाद ही अाई है।

ऐसे में किसानों को फसल में डालने के लिए खाद नहीं मिल पा रही है। इस लैम्पस से भीमपुर, आसन और मोयावासा पंचायत के 15 गांवों के किसान जुड़े हुए हैं। खाद नहीं मिलने से किसानों में खासा आक्रोश है। किसान वजेंग मुखिया, देवेंग, धूला भाई, भोगजी भाई, नाथू भाई, भूरालाल, देवीलाल, हकरू, भैरा ने बताया कि वैसे ही माही का पानी समय पर नहीं मिलने से फसल देरी से हुई है और अब सही मौके पर खाद नहीं मिलने से फसल बर्बाद होने के कगार पर है।

आसन लैम्पस अध्यक्ष राजूभाई कलाल ने बताया कि 3 पंचायतों के 15 ग्रामों के किसानों और जमीन के अनुसार 10 हजार बोरी खाद की आवश्यकता है, पर मात्र 520 बोरी खाद ही मिली, जो बांट दी है। आगे मांग कर रखी है। खाद आने पर किसानों को दी जाएगी।

परतापुर.भगोरा,बोदिया और लोहारिया लैम्पस में यूरिया खाद नहीं मिलने से किसान परेशान हो रहे हैं। रोज सुबह लैम्पस में खाद लेने के लिए जाते हैं और शाम को निराश लौटते हैं। किसानों ने समय रहते खाद नहीं देने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

झूपेलमें खाद नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने लगाया गेट पर ताला

नवागांव.ग्रामपंचायत झूपेल लैम्पस में खाद नहीं मिलने से नाराज किसानों ने मुख्य गेट पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने दो दिन में खाद नहीं देने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।

कांतिलाल, धूलेश्वर, कमजी भाई, रकमा भाई, गट्टू भाई, प्रभु भाई, राजू भाई, कालू भाई, लक्ष्मण लाल, पूर्व सरपंच गौतम लाल, शांतिलाल, रकिया भाई ने बताया कि लंबे समय से खाद नहीं मिल रहा है। ऐसे में खेतों में फसल को नुकसान हो रहा है। वहीं दूसरी तरफ से लैम्पस व्यवस्थापक रायचंद माल ने बताया कि 320 किसानों के करीब 99 लाख रुपए की राशि बकाया है।

बकाया राशि के लिए सभी को नोटिस भी दिए उनके घर तक वसूली के लिए भी पहुंचे, लेकिन वसूली नहीं देने के कारण आगे से समिति हमें खाद नहीं दे पा रही है। समिति के 4 साल पूरे होने पर साख सीमा भी खत्म हो गई है। फिर से साख सीमा निर्धारित होते ही वापस क्रेडिट पर खाद दिया जाएगा।

परतापुर के पास भगोरा गांव में खाद के लिए लगी किसानों की भीड़।

नवागांव. झूपेल लेम्प्स में ताले लगे होने से किसानों को मायूस लौटना पड़ा।

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