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परसोलिया में कलशयात्रा के साथ भागवत कथा शुरू

परसोलिया में सर्वेश्वर महादेव मंदिर जीर्णोद्धार के तहत गुरुवार से संगीतमय भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा से पहले...

Dainik Bhaskar

Feb 23, 2018, 07:10 AM IST
परसोलिया में कलशयात्रा के साथ भागवत कथा शुरू
परसोलिया में सर्वेश्वर महादेव मंदिर जीर्णोद्धार के तहत गुरुवार से संगीतमय भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा से पहले कलशयात्रा निकाली गई। कलशयात्रा में गंगा मैया के जयकारे गूंज रहे थे। कलशयात्रा का ड्रोन से पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।

कलशयात्रा पर पूरे रास्ते भर में ड्रोन से पुष्पवर्षा मेवाड़ा कलाल समाज के अध्यक्ष हरीश कलाल (सेनावासा) की ओर से की गई। कथा के पहले दिन व्यासपीठ से कथावाचक उत्तम स्वामी ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा पुण्यदायिनी है। इसको सुनने मात्र से मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। वेद, पुराण, उपनिषद में उल्लेखित मानव के लिए कल्याणकारी कार्यों को करने का संकल्प कथा दिलवाती है। मंदिर निर्माण में योगदान देने वालों को पीढिय़ां याद रखेंगी। उन्होंने आह्वान किया कि इस पावन कार्य में हर व्यक्ति अपनी भूमिका निभाएं। कथा प्रसंग में उन्होंने कहा कि बल हमेशा अहंकार दिलाता है। तन बल, धन बल, जन बल, नाम बल अहंकार बढ़ाता है और अहंकार परमात्मा की राह में सबसे बड़ा रोड़ा है। अत: सहज और सरल होना जरूरी है। वर्तमान समय में झूठ का बाजार खूब चलता है लेकिन सत्य के मार्ग वाला व्यक्ति कभी आहत नहीं होगा यह तय है। मनुष्य तन को पाना बड़े भाग्य की बात है पर सद कार्यों में अपने आप को लगाना बहुत जरूरी है। तभी मानव जीवन की सार्थकता सिद्ध होगी।

कथा के पूर्व पोथी पूजन मुख्य यजमान भारत वासिया व दैनिक यजमान लक्ष्मण लाल यादव द्वारा किया गया। इस अवसर पर शिला पूजन के यजमान मोहन सिंह सेनाला, भूपेंद्रसिंह सेनाला, वासुदेव बुनकर सेमलिया, ओम प्रकाश जी रोहिडा का शाल ओढ़ाकर व प्रशस्ति पत्र देकर अभिनंदन किया गया। कथा में श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेव भजन पर सभी भक्तगण झूम उठे। व्यासपीठ का अभिनंदन समिति संयोजक रमेश पंड्या, अध्यक्ष मेघराज पाटीदार, शंकर भाई त्रिवेदी, बालकृष्ण त्रिवेदी, हरीश कलाल, डॉ दिनेश भट्ट, दलजी पाटीदार, अशोक पाठक, मनोहर त्रिवेदी, बृजमोहन द्विवेदी, महिपाल पाटीदार, पंकज पारीक, प्रभजोत सिंह, जितेन भाई पाटीदार, रुपेश भाई पाटीदार, हीरालाल पंचाल, दिव्य भारत पंड्या, जमनालाल भट्ट, ललित पाटीदार, इंद्र शंकर झा सहित कई लोगों ने किया। विष्णु यज्ञ के तहत प्रथम दिन श्री यंत्र की ललिता सहस्रनाम से महापूजा की गई। कलश यात्रा के पूर्व जल, जीव, स्थल, क्षेत्रपाल, वरुण पूजन किया गया। प्रधान कलश खेमचंद पाटीदार के परिवार ने लिया। शिला पूजन में षोडशोपचार विधि से शिलाओं का पूजन किया गया। कथा के उपरांत कई श्रद्धालुओं ने विष्णु यज्ञ में कई श्रद्धालुओं ने मंदिर निर्माण के निमित्त दान की घोषणा की। मंगलाचरण आचार्य कीर्तिशभट्ट ने किया।

परसोलिया में गंगाजल कलशयात्रा में शामिल श्रद्धालु महिलाएं।

भास्कर संवाददाता| परतापुर

परसोलिया में सर्वेश्वर महादेव मंदिर जीर्णोद्धार के तहत गुरुवार से संगीतमय भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा से पहले कलशयात्रा निकाली गई। कलशयात्रा में गंगा मैया के जयकारे गूंज रहे थे। कलशयात्रा का ड्रोन से पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।

कलशयात्रा पर पूरे रास्ते भर में ड्रोन से पुष्पवर्षा मेवाड़ा कलाल समाज के अध्यक्ष हरीश कलाल (सेनावासा) की ओर से की गई। कथा के पहले दिन व्यासपीठ से कथावाचक उत्तम स्वामी ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा पुण्यदायिनी है। इसको सुनने मात्र से मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। वेद, पुराण, उपनिषद में उल्लेखित मानव के लिए कल्याणकारी कार्यों को करने का संकल्प कथा दिलवाती है। मंदिर निर्माण में योगदान देने वालों को पीढिय़ां याद रखेंगी। उन्होंने आह्वान किया कि इस पावन कार्य में हर व्यक्ति अपनी भूमिका निभाएं। कथा प्रसंग में उन्होंने कहा कि बल हमेशा अहंकार दिलाता है। तन बल, धन बल, जन बल, नाम बल अहंकार बढ़ाता है और अहंकार परमात्मा की राह में सबसे बड़ा रोड़ा है। अत: सहज और सरल होना जरूरी है। वर्तमान समय में झूठ का बाजार खूब चलता है लेकिन सत्य के मार्ग वाला व्यक्ति कभी आहत नहीं होगा यह तय है। मनुष्य तन को पाना बड़े भाग्य की बात है पर सद कार्यों में अपने आप को लगाना बहुत जरूरी है। तभी मानव जीवन की सार्थकता सिद्ध होगी।

कथा के पूर्व पोथी पूजन मुख्य यजमान भारत वासिया व दैनिक यजमान लक्ष्मण लाल यादव द्वारा किया गया। इस अवसर पर शिला पूजन के यजमान मोहन सिंह सेनाला, भूपेंद्रसिंह सेनाला, वासुदेव बुनकर सेमलिया, ओम प्रकाश जी रोहिडा का शाल ओढ़ाकर व प्रशस्ति पत्र देकर अभिनंदन किया गया। कथा में श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेव भजन पर सभी भक्तगण झूम उठे। व्यासपीठ का अभिनंदन समिति संयोजक रमेश पंड्या, अध्यक्ष मेघराज पाटीदार, शंकर भाई त्रिवेदी, बालकृष्ण त्रिवेदी, हरीश कलाल, डॉ दिनेश भट्ट, दलजी पाटीदार, अशोक पाठक, मनोहर त्रिवेदी, बृजमोहन द्विवेदी, महिपाल पाटीदार, पंकज पारीक, प्रभजोत सिंह, जितेन भाई पाटीदार, रुपेश भाई पाटीदार, हीरालाल पंचाल, दिव्य भारत पंड्या, जमनालाल भट्ट, ललित पाटीदार, इंद्र शंकर झा सहित कई लोगों ने किया। विष्णु यज्ञ के तहत प्रथम दिन श्री यंत्र की ललिता सहस्रनाम से महापूजा की गई। कलश यात्रा के पूर्व जल, जीव, स्थल, क्षेत्रपाल, वरुण पूजन किया गया। प्रधान कलश खेमचंद पाटीदार के परिवार ने लिया। शिला पूजन में षोडशोपचार विधि से शिलाओं का पूजन किया गया। कथा के उपरांत कई श्रद्धालुओं ने विष्णु यज्ञ में कई श्रद्धालुओं ने मंदिर निर्माण के निमित्त दान की घोषणा की। मंगलाचरण आचार्य कीर्तिशभट्ट ने किया।

कथावावक की परतापुर से परसोलिया तक शोभायत्रा

कलश यात्रा से पहले कथावाचक उत्तम स्वामी को बग्घी में बैठाकर परसोलिया मे शोभायात्रा निकाली में बैंड बाजे के साथ साथ बड़ी संख्या में महिलाएं श्रीफल लेकर व कलश में गंगाजल भरकर पूरे गांव का भ्रमण करती हुई और सर्वेश्वर मंदिर पहुंची। इसके पूर्व उत्तम स्वामी जी का परतापुर के आशापुरा मंदिर, पुराने बस स्टैंड, जवाहर कॉलोनी में पारीख परिवार द्वारा पुष्पाहार पहनाकर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में व्यासपीठ पर मेवाड़ा कलाल समाज के अध्यक्ष हरीश कलाल की ओर से कथावाचक उत्तम स्वामी का शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया और भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन की प्रतिमा भेंट की गई। कार्यक्रम का संचालन डॉ पीयूष पंड्या ने किया।

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