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परतापुर में 2 हजार उपभोक्ता नाले का गंदा पानी पीकर बुझा रहे प्यास

देश आजाद हुआ 70 साल से अधिक समय हो गया। इसके बाद राज्य में दोनों दलों की सरकार आई और गई, लेकिन किसी ने परतापुर के...

Danik Bhaskar | Apr 22, 2018, 04:55 AM IST
देश आजाद हुआ 70 साल से अधिक समय हो गया। इसके बाद राज्य में दोनों दलों की सरकार आई और गई, लेकिन किसी ने परतापुर के बाशिंदों को पीने का शुद्ध पानी मुहैया कराने में कभी रुचि नहीं ली। नतीजा यह है कि परतापुर के 2 हजार से अधिक के उपभोक्ता अभी नाले का पानी पीकर प्यास बुझा रहे हैं।

जिले का दूसरा सबसे बड़े कस्बे परतापुर में जलदाय विभाग की ओर से 4200 से अधिक घरों में नलों के जरिये पानी की सप्लाई की जा रही है। इसमें से 2 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं को कस्बे के एक नाले का पानी सप्लाई किया जा रहा है। इसी नाले में विभाग ने मोटर लगा रखी है, जो उपभोक्ताओं के घरों में पानी सप्लाई की जाती है। नाले में आसपास के लोग सारी गंदगी और कचरा तक डालते हैं। यहां तक की कुछ लोग तो शौच भी करते हैं। परतापुर कस्बा बड़ा होने के कारण यहां पर नए और पुराने कस्बे में दो भाग बनाकर पानी की सप्लाई की जा रही है। पुराने परतापुर में सतोरी मोहल्ला, मुख्य बाजार, चार खंभा, डबरगवाड़ा, सोनी, ब्राह्मण, दर्जी, बुनकर मोहल्ला, छतरी, लुहारवाड़ा, लखारवाडा़ और शीतला माता मंदिर क्षेत्र आता है, यहां इसी नाले में मोटर लगाकर जलदाय विभाग पानी की सप्लाई कर रहा है, जो लोग पीने को मजबूर हैं। नए परतापुर में बनी कॉलोनियों में विभाग ने भगोरा तालाब से पाइप लाइन डालकर बेड़वा में फिल्टर प्लांट लगाया है, जो 2200 से अधिक उपभोक्ताओं को पानी की सप्लाई की जाती है। इन उपभोक्ताओं को तो शुद्ध पानी मिल रहा है, लेकिन पुराने परतापुर में रहने वाले लोगों को नाले का गंदा पानी पिलाया जा रहा है। कस्बे की लीलादेवी, आशा कारोल, नानूनाथ रावल, पुष्पेंद्र जैन ने बताया कि नलों से पानी इतना कम आता है कि एक बाल्टी भरने में आधा घंट लग जाता है। जो पानी आता है, वो भी गंदा और बदबूदार है। गर्मी में गंदा पानी पीने से बीमार होने की आशंका बनी हुई है। टंकी के पास में ही रहने वाले विट्ठलनाथ रावल ने बताया कि एक तो नाले का गंदा पानी टंकी में भरा जा रहा है और ऊपर से आज तक इस टंकी की कभी साफ सफाई नहीं की गई। विभाग के कर्मचारी आकर सफाई की तारीख लिखकर चले जाते हैं।

पुराने परतापुर में इसी नाले का पानी टंकी में भरने बाद पानी की सप्लाई होती है।

नल में आ रहा गंदा और मटमैला पानी।

टंकी पर अंकित सफाई की तारीख 4 माह पुरानी

नाले से मोटर के जरिये जिस टंकी में पानी भरा जाता है, वहीं पानी पुराने परतापुर कस्बे में सप्लाई किया जाता है। इस टंकी पर सफाई करने की तारीख 1 जनवरी 2018 लिख रखी है, लेकिन टंकी के अंदर जाकर देखा तो गंदगी की भरमार थी।टंकी में काई जमी हुई है और कचरा भी पड़ा है।