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स्टेट मेरिट में 33वीं रैंक वाला टीएसपी से बाहर, 277 रैंक तक के 98 अभ्यर्थी अपने क्षेत्र में करेंगे नौकरी

भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा/बागीदौरा आरपीएससी की वरिष्ठ अध्यापक विज्ञान परीक्षा-2016 में टीएसपी क्षेत्र के मूल...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 09, 2018, 06:20 AM IST

भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा/बागीदौरा

आरपीएससी की वरिष्ठ अध्यापक विज्ञान परीक्षा-2016 में टीएसपी क्षेत्र के मूल निवासियों का चयन स्टेट मेरिट में होने के बाद भी बीकानेर निदेशालय ने उन्हें नाॅन-टीएसपी क्षेत्र आवंटित कर दिया। जबकि कम अंक वालों को टीएसपी क्षेत्र आवंटित किया गया है। इस गड़बड़ी से स्टेट मेरिट में 33वीं, 59वीं और 67वीं रैंक लाने वाले अभ्यर्थियों को अब टीएसपी क्षेत्र में पोस्टिंग नहीं मिल पाएगी। वहीं उनसे काफी पीछे 277वीं रैंक तक के 98 अभ्यर्थियों को टीएसपी में जगह दे दी गई है। हालांकि विभाग इसके पीछे तर्क आवेदन के दौरान सामान्य श्रेणी चुनने को दे रहा है। लेकिन आवेदन से लेकर चयन तक टीएसपी के विशेष मूल निवास प्रमाण पत्र संलग्न करने के बाद भी नाॅन टीएसपी में नाम डाल देने की गलती को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। राज्य मेरिट में 33वीं रैंक हासिल करने वाले यश ठाकोर को भी जिले से बाहर नौकरी करनी पड़ेगी। उनका दावा है कि आरपीएससी ने बीकानेर निदेशालय को भेजी सभी चयनितों की सूची में टीएसपी दर्शाया है, लेकिन निदेशालय में गड़बड़ी हुई है। ऐसा ही हाल 59वीं रैंक वाले सांगवाड़ा डूंगरपुर के सुरेशचंद्र पाटीदार व 67वीं रैंक वाले परतापुर गढ़ी के निलेश जैन का है। उन्हें भी अपने जिले में पोस्टिंग नहीं मिल पाएगी। अभ्यर्थियों का तर्क है कि 2014 की भर्ती में कई अभ्यर्थियों का सामान्य वर्ग (स्टेट मेरिट) में चयन हुआ था, पर फिर टीएसपी क्षेत्र में ही नियुक्ति मिली। तो इस बार ऐसा क्यों नहीं हुआ। काउंसलिंग सूची जारी होने के बाद शनिवार व रविवार का अवकाश होने से कार्यालय बंद रहे। ऐसे में कहीं सुनवाई संभव नहीं हुई। अब सोमवार को उदयपुर में काउंसलिंग है।

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