निर्जला एकादशी पर देवालयों में दर्शनों को उमड़ी भीड़

Pratapur News - प्रतापगढ़ | मानव मात्र को दुखों से मुक्त करने हेतु एकादशी देविका प्रादुर्भाव हुआ मनुष्य वृत से व्रती को सुधार कर...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 08:00 AM IST
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प्रतापगढ़ | मानव मात्र को दुखों से मुक्त करने हेतु एकादशी देविका प्रादुर्भाव हुआ मनुष्य वृत से व्रती को सुधार कर देव और ब्रह्म पद प्राप्त कर सकता है। इसलिए व्रत विधान है वर्ष में 24 एकादशी होती है। जो नियम संयम से करने पर स्वास्थ, सुंदरता के साथ भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है। इस एकादशी का भीमसेनी एकादशी नाम हुआ जल का सेवन ना करने से निर्जला एकादशी नाम पड़ा। इस व्रत में मटकी में जल से भर कर उसमें पंख साथ में आम फल भगवान को अर्पण करें एवं गीला कपड़ा, छतरी, पादुका को अर्पण करें। दिन रात भजन करें और भोजन दान करें। इसमें जो नियम के पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ करें। शंका न करें अवश्य पुण्य लाभ होता है। यह बात केशवराय मंदिर में श्रीहरि शुक्ल ने कही मंदिर में निर्जला एकादशी के दिन दिनभर भजन कीर्तन हुए। मंदिर में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। समाज सेवी किशोर छाबड़ा ने बताया की मंदिर में शाम को आरती के साथ प्रसादी की गई। अाैर देर रात तक भजन कीर्तन का कार्यक्रम हुआ।

धरियावद । निर्जला एकादशी पर सुबह से देवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही है। श्रद्धालुओं ने व्रत रखा तथा शाम को चंद्र दर्शन के साथ पानी पीकर व्रत पुरा किया। इस अवसर पर ठाकुरजी का श्रृंगार किया गया। व्रत रखने वाले और अन्य श्रृद्धालुओं ने मंदिरों में बीजणी जो खजूर के पत्तों से पंखी, ऋतु फल, घरों में फलाहार के लिए बनी सामग्री के साथ जल से भरे कलश अर्पित किए। निर्जला एकादशी के उपलक्ष पर धरियावद नगर के रघुनाथजी मंदिर में पंडित चंद्रदास के नेतृत्व में भजन कीर्तन, सुंदरकांड़, रामायण पाठ सहित विभिन्न कार्यक्रम हुए। साथ ही नगर के स्वामीनारायण मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, कल्लाजी, वराह भगवान मंदिर, शिकारवाड़ी स्थित गायत्री शक्ति पीठ सहित आसपास के वैष्णव मंदिरों में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए। महिलाअाें ने मंदिरों सुंदरकांड, कथा अाैर कई श्रद्धालुओं द्वारा गाय को चारा भी डाला गया। वृत रखने वाली महिला मंदिरों में फल-फलों का राजा आम के साथ जल से भरी मटकियां चढ़ाकर भगवान के दर्शन किए।

प्रतापगढ़। केशवराय मंदिर में शृंगारित प्रतिमा (बाएं) निर्जला एकादशी पर मंदिर में भजन कीर्तन करते महिलाएं।

प्रतापगढ़ | मानव मात्र को दुखों से मुक्त करने हेतु एकादशी देविका प्रादुर्भाव हुआ मनुष्य वृत से व्रती को सुधार कर देव और ब्रह्म पद प्राप्त कर सकता है। इसलिए व्रत विधान है वर्ष में 24 एकादशी होती है। जो नियम संयम से करने पर स्वास्थ, सुंदरता के साथ भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है। इस एकादशी का भीमसेनी एकादशी नाम हुआ जल का सेवन ना करने से निर्जला एकादशी नाम पड़ा। इस व्रत में मटकी में जल से भर कर उसमें पंख साथ में आम फल भगवान को अर्पण करें एवं गीला कपड़ा, छतरी, पादुका को अर्पण करें। दिन रात भजन करें और भोजन दान करें। इसमें जो नियम के पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ करें। शंका न करें अवश्य पुण्य लाभ होता है। यह बात केशवराय मंदिर में श्रीहरि शुक्ल ने कही मंदिर में निर्जला एकादशी के दिन दिनभर भजन कीर्तन हुए। मंदिर में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। समाज सेवी किशोर छाबड़ा ने बताया की मंदिर में शाम को आरती के साथ प्रसादी की गई। अाैर देर रात तक भजन कीर्तन का कार्यक्रम हुआ।

धरियावद । निर्जला एकादशी पर सुबह से देवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही है। श्रद्धालुओं ने व्रत रखा तथा शाम को चंद्र दर्शन के साथ पानी पीकर व्रत पुरा किया। इस अवसर पर ठाकुरजी का श्रृंगार किया गया। व्रत रखने वाले और अन्य श्रृद्धालुओं ने मंदिरों में बीजणी जो खजूर के पत्तों से पंखी, ऋतु फल, घरों में फलाहार के लिए बनी सामग्री के साथ जल से भरे कलश अर्पित किए। निर्जला एकादशी के उपलक्ष पर धरियावद नगर के रघुनाथजी मंदिर में पंडित चंद्रदास के नेतृत्व में भजन कीर्तन, सुंदरकांड़, रामायण पाठ सहित विभिन्न कार्यक्रम हुए। साथ ही नगर के स्वामीनारायण मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, कल्लाजी, वराह भगवान मंदिर, शिकारवाड़ी स्थित गायत्री शक्ति पीठ सहित आसपास के वैष्णव मंदिरों में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए। महिलाअाें ने मंदिरों सुंदरकांड, कथा अाैर कई श्रद्धालुओं द्वारा गाय को चारा भी डाला गया। वृत रखने वाली महिला मंदिरों में फल-फलों का राजा आम के साथ जल से भरी मटकियां चढ़ाकर भगवान के दर्शन किए।

बाजारों में रही खासी भीड़

एकादशी के चलते नगर के सदर बाजार, नसिया मंदिर रोड़, अस्पताल के सामने सहित प्रमुख बाजारों में आसपास के ग्रामीणों को खासी भीड़ रही। सुबह से मंदिरों में दर्शन कर बाजार में भारी भीड़ के साथ खरीददारी करते दिखाई दिए।

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