कई पद रिक्त होने से शिक्षा रैंकिंग में प्रतापगढ़ अंतिम 33वें नंबर पर

Pratapur News - नए साल का आगाज शिक्षा विभाग के लिए अच्छा साबित नहीं हो रहा है। फरवरी में घोषित जनवरी माह की शिक्षा रैंकिंग में...

Feb 15, 2020, 10:55 AM IST

नए साल का आगाज शिक्षा विभाग के लिए अच्छा साबित नहीं हो रहा है। फरवरी में घोषित जनवरी माह की शिक्षा रैंकिंग में जिले को 33वीं यानि अंतिम रैंकिंग मिली है। गौरतलब है कि पिछले साल प्रतापगढ़ की गिरती शिक्षा रैंकिंग को लेकर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी से माध्यमिक, प्राथमिक सीबीईओ, पीईईओ एवं संस्था प्रधान शाला दर्पण पोर्टल पर स्कूल की गतिविधियों को ऑनलाइन कार्य करते हुए प्रविष्टियों को अपलोड किया। ऐसे में प्रतापगढ़ की रैंकिंग में सुधार का संदेश है। इसकी घोषणा राजस्थान कौंसिल ऑफ स्कूल एजुकेशन की जिला रैंकिंग में की गई है।

यह पद हंै रिक्त : {जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक {डाइट प्रिंसिपल {सहायक निदेशक {अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी के 4 पद {सीबीईओ पीपलखूंट धरियाबद और प्रतापगढ़ 3 पद {अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के पांचों ब्लॉकों में पद रिक्त हैं।

रैंकिंग सुधार के लिए प्रयासरत रहेंगे


शिक्षाधिकारियों के पद खाली होने से घटी रैंकिंग : शाला दर्पण फीडिंग पूरी तरह नहीं की

जिले के स्कूलों में कई पद रिक्त हैं। इस कारण स्कूलों की नियमित मॉनिटरिंग नहीं हो पाई। शाला दर्पण पोर्टल पूरी तरह अपडेट नहीं हो पाया। जिले के स्कूलों में समुदाय से राशि प्राप्त करने वाले स्कूलों की संख्या की फीडिंग शाला दर्पण पर पूरी तरह नहीं की। ज्ञान संपर्क पोर्टल में प्राप्त राशि शाला दर्पण में बहुत कम दर्ज हुई। स्कूलों ने फीडिंग कम की। बिजली, पानी की सुविधा से जुड़े स्कूल, अन्य 43 पेरामीटर वाले बिंदुओं को ब्लॉकों में पीईईओ की बैठक में अधिकारियों ने मॉनिटरिंग के साथ बैठक के दूसरे व तीसरे दिन भी नियमित रूप से समसा एमआईएस से शाला दर्पण पोर्टल को अपडेट कराते हुए फीडिंग नहीं करवाई। जिले में जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक, डाइट प्रिंसीपल, सहायक निदेशक, प्रतापगढ़ सहित धरियावद और छोटी सादड़ी में सीबीईओ, एसीबीओ प्रथम और द्वितीय सहित कई पद रिक्त हैं।


पड़ौसी जिला चित्तौड़ छठे पायदान पर : जिलावार शिक्षा रैंकिंग में जहां प्रतापगढ़ 33वें स्थान पर अाया है, वहीं पड़ौसी जिला चित्तौडगढ छठे स्थान पर पहुंच गया। वहीं नंबर 1 हनुमानगढ़, 2 पर चुरू, 3 पर जयपुर, 4 पर सीकर, 5 पर बारां, 7 पर झुंझुनू, 8 पर टोंक, 10 पर पाली, 11 पर गंगानगर, 12 पर डूंगरपुर, 13 पर दौसा, 14 पर भीलवाड़ा, 15 पर अलवर, 16 पर बीकानेर, 17 पर जोधपुर, 18 पर कोटा, 19 पर करौली, 20 पर अजमेर, 21 पर झालावाड़, 22 पर बूंदी, 23 पर सवाई माधोपुर, 24 पर बाड़मेर, 25 पर जालोर, 26 पर राजसमंद, 27 पर नागौर, 28 पर भरतपुर, 29 पर उदयपुर, 30 पर जैसलमेर, 31 पर बांसवाड़ा, 32वें नंबर पर धौलपुर जिला रहा।


रैकिंग गिरावट में ये रहे जिम्मेदार: रैकिंग सुधार को लेकर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षा विभाग की कार्ययोजना बनाई थी। इसमें सीडीईओ सहायक निदेशक, समसा एडीपीसी, समसा एपीसी प्रथम, एपीसी द्वितीय, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, डाइट के वरिष्ठ व्याख्याता, सीबीईओ, प्रतापगढ के सीबीईओ, समसा कार्यक्रम अधिकारी, जिला एमआईएस, समसा के सहायक अभियंता और ब्लॉकों के कनिष्ठ अभियंता जिम्मेदार रहे।


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