• Hindi News
  • Rajasthan
  • R Mandi
  • बजट से किसान मायूस, बोले-फसल का मेहनताना भी नहीं मिल रहा, सरकार जिंसों का समर्थन मूल्य बढ़ाए तो मिले
--Advertisement--

बजट से किसान मायूस, बोले-फसल का मेहनताना भी नहीं मिल रहा, सरकार जिंसों का समर्थन मूल्य बढ़ाए तो मिलेगी राहत

बढ़ती महंगाई ने किसानों की हालत खस्ता कर दी है। किसानों को फसलों में मुनाफा तो दूर, लागत निकालना भी मुश्किल हो गया...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 02:50 AM IST
बजट से किसान मायूस, बोले-फसल का मेहनताना भी नहीं मिल रहा, सरकार जिंसों का समर्थन मूल्य बढ़ाए तो मिले
बढ़ती महंगाई ने किसानों की हालत खस्ता कर दी है। किसानों को फसलों में मुनाफा तो दूर, लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। बजट के बाद भास्कर से चर्चा में किसानों ने अपनी पीड़ा यू बयां की।

कृषि उपजमंडी में जिंस बेचने आए राजपुरा के किसान कल्याणलाल व बजरंग ने बताया कि हर चीज महंगी हो रही है, लेकिन किसानों की फसलों के दाम कम हो रहे हैं। महंगा बीज, डीजल आदि खर्च करने बावजूद फसल की लागत भी नहीं निकल रही है। नालोदिया के किसान सत्यनारायण धाकड़ ने बताया कि फसल से पूरे परिवार की उम्मीद जुड़ी रहती है, लेकिन कभी मौसम की मार तो कभी कम भाव के कारण किसान लगातार कर्ज में जा रहे हैं। हर साल नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में बच्चों के भविष्य की चिंता भी बनी रहती है। देवलीखुर्द के कैलाश ने बताया कि एक-एक मजदूर 400-400 रुपए में मिलते हैं। जब फसल तैयार होती है तो लागत भी नहीं निकलती। ऐसे में किसानों के परिवार भी परेशान हैं। राजपुरा के कन्हैयालाल ने कहा कि सरकार को फसलों का समर्थन मूल्य अधिक करना चाहिए।

रामगंजमंडी. अपनी पीड़ा बताते मंडी में जिंस बेचने आए राजपुरा गांव के किसान।

कर्मचारियों को भी निराशा बजट को बताया खानापूर्ति

राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के पूर्व अध्यक्ष मोहनलाल चौधरी ने कहा कि बजट में कर्मचारियों को भी निराश किया गया है। आयकर की सीमा नहीं बढ़ाई गई है। निवेश की सीमा बढ़ाई जाती तो उस राशि से विकास कार्यों को भी गति मिलती। कांग्रेस पंचायतीराज संगठन के प्रदेश महामंत्री एडवोकेट जमील मोहम्मद ने कहा कि बजट में केवल खानापूर्ति की गई है। युवा व किसानों का बजट में कोई ध्यान नहीं रखा गया। बजट मध्यम वर्ग की कमर तोड़ने वाला है।

इधर, चित्तौड़ सांसद जोशी ने बताया राहत का बजट

रावतभाटा|
भाजपा के चित्तौडगढ़ सांसद सीपी जोशी ने चौथे आम बजट को ग्रामीण, किसान, युवा, बुजुर्ग, महिलाओं का विशेष ध्यान रखने वाला बताया। किसानों की बेहतरी के लिए 11 लाख करोड़ रुपए कृषि ऋण के रूप में वितरित करने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार का लक्ष्य जैविक कृषि को बढ़ावा देते हुए कृषि उत्पादों का निर्यात 100 अरब डाॅलर तक पहुंचाना है। रबी के साथ खरीफ फसल का न्यूनतम लागत मूल्य उत्पादन लागत का डेढ़ गुना किया जाएगा। इसी प्रकार ग्रामीण महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत 2 करोड़ कनेक्शन और दिए जाने का लक्ष्य रखा है। गरीबों के लिए निशुल्क डायलिसिस का प्रावधान किया है।

X
बजट से किसान मायूस, बोले-फसल का मेहनताना भी नहीं मिल रहा, सरकार जिंसों का समर्थन मूल्य बढ़ाए तो मिले
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..