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सिस्टम या दुकानदार से ले सकते है ईं-वे बिल, आज से लागू होगी व्यवस्था

दो राज्यों के बीच 50 हजार रुपए या इससे ज्यादा कीमत के माल का परिवहन करने के लिए एक फरवरी से पूरे देश में इंटर स्टेट...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 02:50 PM IST

दो राज्यों के बीच 50 हजार रुपए या इससे ज्यादा कीमत के माल का परिवहन करने के लिए एक फरवरी से पूरे देश में इंटर स्टेट ई-वे बिल व्यवस्था लागू होगी। हालांकि इंट्रा स्टेट (राज्य के भीतर) ई-वे बिल प्रदेश में लागू करने के लिए अभी कोई तारीख तय नहीं हुई है। वहीं ई-वे बिल को लेकर चल रहे असमंजस को दूर करने के लिए वाणिज्यिक कर विभाग ने भी सवाल और जवाब जारी किए हैं। इसके अलावा सेमीनार करके भी लोगों को ई- वे बिल के बारे में बताया गया है। यदि आम व्यक्ति दुकान से 50 हजार या अधिक कीमत का कोई सामान खरीद कर ले जा रहा है तो उसे भी ई-वे बिल लगेगा। यह बिल वह दुकानदार से ले सकता है या खुद एनआईसी सिस्टम पर जाकर सिटीजन के रूप में ई-वे बिल के लिए नामांकित होकर और लॉग-इन कर इसे जनरेट कर सकता है। वाहन से ही माल ले जा रहा है तो उसे ई-वे बिल के पार्ट-बी में अपने वाहन की जानकारी देना होगी। अधिकारियों ने बताया कि ई-वे बिल का सत्यापन कोई भी व्यक्ति पोर्टल के सर्च विकल्प पर बिल का नंबर, तारीख, जनरेट करने वाले उपयोगकर्ता की आईडी पर कर सकता है।

50 हजार से ज्यादा माल कहीं भी मंगवाने या भेजने वाले पर वाहन के साथ ई-वे बिल नहीं होने पर विभाग करेगा कार्रवाई

सक्रिय हो जाएगी एंटीविजन विंग

झालावाड़. हाइवे से गुजरते ओवरलोडिंग वाहन।

जीएसटी के तहत देशभर में 1 फरवरी से ई-वे बिल लागू करने के साथ वाणिज्यिक कर विभाग की एंटीविजन विंंग फिर सक्रिय हो जाएगी। फिर 50 हजार से ज्यादा माल कहीं भी मंगवाने या भेजने वाले पर वाहन के साथ ई-वे बिल नहीं होने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

ये जानना भी जरूरी : बिल गलत जारी हुआ है तो 24 घंटे में करना होगा निरस्त

प्रश्न-ई-वे बिल किसे जनरेट करना होगा ?

उत्तर-जो 50 हजार से अधिक मूल्य का माल परिवहन कर रहा है। जीएसटी में अनरजिस्टर्ड व्यक्ति पोर्टल पर रजिस्टर्ड कर ई-वे बिल जनरेट कर सकता है।

प्रश्न-ई-वे बिल से पहले क्या जरूरी है ?

उत्तर-ई-वे बिल सिस्टम में रजिस्टर्ड होना जरूरी है। टैक्स इन वाइस, बिक्री बिल, डिलीवरी चालान और ट्रांसपोर्टर आईजी व वाहन क्रमांक जिससे माल परिवहन होना है, यह जरूरी है।

प्रश्न-ई-वे बिल में क्या करना होगा ?

उत्तर-ई-वे बिल के पार्ट-बी में जाकर वाहन क्रमांक बदलना होगा। जितनी बार वाहन बदलेंगे, उतनी बार पार्ट-बी में बदलाव कर सकेंगे।

प्रश्न-ई-वे बिल किस तरह जनरेट होता है?

उत्तर- वेब आधारित सिस्टम, बल्क अपलोड सुविधा, एसएमएस, एंड्राइड एप, साइट- टू-साइट इंट्री गेशन सिस्टम और माल व सेवा कर सुविधा प्रोवाइडर व्यवस्था।

प्रश्न-क्या ई-वे बिल संशोधित हो सकता है ?

उत्तर- ई-वे बिल के पार्ट-ए में कोई बदलाव नहीं कर सकते हैं। केवल पार्ट-बी को ही अपडेट कर वाहन की जानकारी दे सकते हैं। बिल गलत जारी होने पर निरस्त कर दूसरा जारी कर सकते हैं, परंतु इसे 24 घंटे के भीतर ही निरस्त करना होगा।

प्रश्न-सिस्टम में लॉग-इन करने पर अलग-अलग संदेश आए तो क्या करें ?

उत्तर- अकाउंट ब्लाॅक करने का संदेश आए तो संभव है कि पांच-छह बार गलत यूजर नाम, पासवर्ड के चलते हो गया हो। थोड़ी देर बाद उपयोग करें। मोबाइल पर ओटीपी नहीं आए तो ओटीपी ई-मेल पर भी देख सकते हैं।

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