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प्रेग्नेंट महिला को साइकिल पर हॉस्पिटल ले जाते रास्ते डिलिवरी, नवजात की मौत

मामले में जहां महिला ने अपने नवजात को खो दिया वहीं उसकी भी हालत गंभीर बनी हुई है।

Dainik Bhaskar

Nov 17, 2017, 07:00 AM IST
मामेर पीएचसी तक प्रसूता को साइकिल पर ले जाते परिजन। मामेर पीएचसी तक प्रसूता को साइकिल पर ले जाते परिजन।

उदयपुर. कोटड़ा इलाके में सड़क सुविधा के अभाव में एक बार फिर जननी सुरक्षा पर सवाल खड़ा करने का मामला सामने आया जब प्रसव पीड़ा होने पर प्रसूता को साइकिल पर अस्पताल ले जाना पड़ा। इस मामले में जहां महिला ने अपने नवजात को खो दिया वहीं उसकी भी हालत गंभीर बनी हुई है। ऐसा ही मामला दो दिन पहले भी हुआ था जहां प्रसूता को झोली में अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही प्रसव हो गया था। दोनों ही मामले बेड़ाधर पंचायत के राजस्व गांव आंबा के हैं।


- आंबा गांव निवासी सीता पत्नी कांति कपासिया को प्रसव पीड़ा होने पर साधन के अभाव में परिजन गुरुवार को दोपहर तीन बजे साइकल पर लेकर मामेर पीएचसी के लिए निकले। मामेर पीएचसी यहां से करीब 20 किमी दूर है। - ऊबड़-खाबड़ पथरीले गड्ढे युक्त मार्ग पर प्रसूता दर्द से कराहती रही। आधा रास्ता भी पार नहीं हुआ कि प्रसव पीड़ा अधिक होने पर ग्रामीणों की मदद से रास्ते में ही प्रसव कराने का प्रयास किया गया। इसमें महिला ने मृत बच्चे को जन्म दिया। यहां से परिजन महिला को वापस घर लेकर चले गए, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

कई बार दिए ज्ञापन, नहीं हो रही सुनवाई

इन्हीं हालातों को लेकर हम आए दिन सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। इसी मांग के चलते बुधवार को उपखंड अधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन भी सौंपा था। सुविधाओं के अभाव में ग्रामीणों को परेशान होना पड़ रहा है।
सोहनलाल परमार, समाजसेवी

सड़क नहीं है तो अन्य सुविधाएं कैसे पहुंचेंगी। सुविधाओं के अभाव में ऐसी घटनाएं यहां आए दिन होती हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं देता।
बाबूलाल खोखरीया , पूर्व सरपंच, बेड़ाधर

रास्ते में प्रसव होने से नहीं मिला मातृत्व सुरक्षा का लाभ

- इसी तरह दो दिन पहले आंबा निवासी इंदिरा देवी पत्नी मुकेश पारगी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे झोली में डाल कर मामेर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए रवाना हुए। करीब छह किमी चलने पर किस्मत से एक जीप मिल गई। इसमें अस्पताल जाने लगे, लेकिन दर्द अधिक होने पर परिवार की महिलाओं ने जीप में प्रसव करवाया।

- इसके बाद परिवार वाले मां और बच्चे को मामेर अस्पताल ले गए, जहां मौजूद चिकित्सक ने रास्ते में प्रसव होना बताकर मातृ सुरक्षा के तहत किसी भी तरह का लाभ मिलने से मना कर दिया। इसके बाद परिजनों ने महिला का गुजरात ले जाकर इलाज कराया।

आंबा निवासी इंदिरा देवी। आंबा निवासी इंदिरा देवी।
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मामेर पीएचसी तक प्रसूता को साइकिल पर ले जाते परिजन।मामेर पीएचसी तक प्रसूता को साइकिल पर ले जाते परिजन।
आंबा निवासी इंदिरा देवी।आंबा निवासी इंदिरा देवी।
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