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एसआरके कॉलेज में एबीवीपी की हैट्रिक, देवगढ़ में एबीवीपी का खाता खुला, एनएसयूआई आमेट कॉलेज में ही जीत पाई

जिले में चारों राजकीय कॉलेजों में एबीवीपी का दबदबा बरकरार रहा है। जहां राजसमंद, देवगढ़ और भीम कॉलेज में एनएसयूआई...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 05:55 AM IST
जिले में चारों राजकीय कॉलेजों में एबीवीपी का दबदबा बरकरार रहा है। जहां राजसमंद, देवगढ़ और भीम कॉलेज में एनएसयूआई अपना खाता भी नहीं खोल पाई। राजसमंद कॉलेज में लगातार तीसरी बार एबीवीपी ने जीत कर हैट्रिक बनाई है। वहीं एनएसयूआई ने आमेट कॉलेज में अध्यक्ष पद प्रत्याशी ने जीतकर अपनी लाज बचाई। जबकि देवगढ़ कॉलेज में पहली बार एबीवीपी ने अपना खाता खोला। आमेट में संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी व एनएसयूआई प्रत्याशी को 144 बराबर मत मिले। इसमें पर्ची डाली गई। इसमें एबीवीपी प्रत्याशी विजयी हुई। जबकि भीम कॉलेज में चारों पदों पर एनएसयूआई के प्रत्याशी मत में सैकड़ा का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए।

राजसमंद एसआरके कॉलेज में एबीवीपी का दबदबा बरकरार रहा है। लेकिन इस बार एबीवीपी ने अपनी जीत को धमाकेदार बनाई है। अध्यक्ष के बीच मतों का अंतर कम रहा था, लेकिन शेष सभी तीनों पद उपाध्यक्ष, महासचिव व संयुक्त सचिव पदों पर हार-जीत का अंतर औसतन पौने चार सौ मतों का रहा। एबीवीपी अध्यक्ष पद प्रत्याशी किशन गुर्जर को 846 मत मिले। जबकि एनएसयूआई के करण सिंह देवड़ा को 585 मत मिले। एबीवीपी के किशन गुर्जर 261 मतों से विजय हुए। उपाध्यक्ष पद एबीवीपी के दिनेश कुमावत को 894 मत मिले। जबकि एनएसयूआई के धर्मेश खटीक को 524 मत मिले। एबीवीपी के दिनेश कुमावत 370 मतों से विजय हुए। महासचिव पद पर एबीवीपी के भरत सिंह राठौड़ को 899 मत मिले। जबकि एनएसयूआई के संजय पालीवाल को 523 मत मिले। एबीवीपी के भरत सिंह राठौड़ 376 मतों से विजय हुए। संयुक्त सचिव पद एबीवीपी की साक्षी श्रीमाली को 899 मत मिले। जबकि एनएसयूआई की ऋिषिका शर्मा को 531 मत मिले। एबीवीपी की साक्षी श्रीमाली 368 मतो से विजय हुई।

नारेबाजी में व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप

एसआरके कॉलेज के बाहर एबीवीपी व एनएसयूआई समर्थकों ने कॉलेज के बाहर जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान व्यक्तिगत नारेबाजी पर एनएसयूआई कार्यकर्ता उग्र हो गए। पुलिस ने सभी को दूर खदेड़ा।

जीत के बाद उड़ी नियमों की धज्जियां

राजसमंद कॉलेज में एबीवीपी के चारों प्रत्याशी की जीत के बाद लिंगदोह नियमों की धज्जियां उड़ी। एबीवीपी समर्थक नहीं माने। कॉलेज से ही विजय जुलूस निकाला।

भीम कॉलेज में चारों प्रत्याशी एबीवीपी के जीते, दिनभर गर्माता रहा माहौल

राजसमंद

देवगढ़ और भीम में एबीवीपी, आमेट में एनएसयूआई

एबीवीपी का पहली बार खाता खोल गहलोत बने अध्यक्ष, एनएसयूआई तीसरे स्थान पर रही

देवगढ़ | नगर के राजकीय कॉलेज में इस बार एबीवीपी और निर्दलीय वीएसएस के बीच सीधा मुकाबला हुआ। अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के प्रत्याशी ने पहली बार खाता खोला। जबकि उपाध्यक्ष पद पर वीएसएस और महासचिव पद एबीवीपी व संयुक्त सचिव पर वीएसएस के प्रत्याशी जीते। जबकि एनएसयूआई हार के बाद तीसरे स्थान पर रही। एनएसयूआई का खाता तक नहीं खुला। यहां तीन बार से वीएसएस और एनएसयूआई ही जीती है। पहली बार वीएसएस निर्दलीय के गजेंद्रसिंह, दूसरी बार एनएसयूआई के छोटूसिंह देवड़ा और गत साल वीएसएस निर्दलीय महावीर सालवी विजयी हुए थे। अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के चंदनसिंह को 184 मत, वीएसएस के प्रभुलाल गुर्जर को 167 मत मिले। एनएसयूआई के मनीष कुमार 97 मत लाकर तीसरे स्थान पर रहे।

संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी और एनएसयूआई प्रत्याशियों को बराबर मत मिले, पर्ची से फैसला

आमेट. हीरालाल देवपुरा राजकीय कॉलेज में अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई का प्रत्याशी विजयी हुआ। जबकि शेष तीनों उपाध्यक्ष, महासचिव और संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी के प्रत्याशी के विजयी हुए। जबकि संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी और एनएसयूआई के प्रत्याशियों को 144 मत मिलने से बराबर हो गए। चुनाव अधिकारी ने पर्ची डाली गई। इसमें एबीवीपी प्रत्याशी विजयी हुई। अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के कुलदीप खटीक को 151, एबीवीपी के मनीष लक्षकार को 122 और निर्दलीय भारतीय विद्यार्थी मोर्चा के पवन बलाई को 81 मत मिले। चुनाव निर्वाचन अधिकारी डा. नरेन्द्र कुमार साद ने विजयी प्रत्याशियों को शपथ दिलवाई। विजयी प्रत्याशियों को समर्थकों ने कंधे पर उठा लिया। भगवान जयसिंह श्याम मंदिर तक विजय जुलूस निकाला गया।

भीम कॉलेज में एबीवीपी ने चारों सीटों पर जीत का सिलसिला बरकरार रखा

भीम. सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय में चारों सीटों पर एबीवीपी ने अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखा है। एबीवीपी के अध्यक्ष पद पर नेहपाल सिंह को 234 मत प्राप्त हुए। जबकि एनएसयूआई के सुरेन्द्र सिंह को 73 मत ही मिले। एबीवीपी के नेहपाल सिंह 161 मत हासिल कर विजयी हुए। उपाध्यक्ष पद एबीवीपी के रूप सिंह को 211, एनएसयूआई के मोहित गहलोत को 76 मत मिले। महासचिव पद पर एबीवीपी के ओमप्रकाश सुथार को 229 मत मिले, जबकि एनएसयूआई की वर्षा कुमारी को 71 मत ही मिले। संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी के कैलाश सिंह चौहान को 232 मत और एनएसयूआई की विनीता चौहान को 68 मत मिले।

एसआरके कॉलेज में एबीवीपी की जीत का सिलसिला बरकरार रखते हुए अपनी हैट्रिक बनाई है। 2016 में एबीवीपी के ईश्वर पहाड़िया, 2017 में एबीवीपी के चेतन जोशी विजय हुए थे। वहीं 2018 में एबीवीपी के किशन गुर्जर ने विजय होकर हैट्रिक बनाई।

जीत के मतों का अंतर बढ़ा

एसआरके कॉलेज में एबीवीपी व एनएसयूआई के बीच हार-जीत के मतों का अंतर काफी बढ़ गया। जहां गत साल अध्यक्ष पद के लिए जहां 194 मतों का ही अंतर रहा था। इस बार अध्यक्ष पद के लिए हार-जीत का जीत का अंतर डेढ़ गुना अंतर बढ़कर 261 हो गया। वहीं तीनों पदों के तलिए औसतन 375 हार-जीत का अंतर आया।

एनएसयूआई ने संयुक्त सचिव की सीट भी गंवाई एसआरके कॉलेज में इस बार एनएसयूआई किसी भी सीट पर अपना खाता भी नहीं खोल पाई। वहीं गत साल भी एनएसयूआई को संयुक्त सचिव की सीट जीत कर ही संतोष करना पड़ा था। लेकिन इस बार तो संयुक्त सचिव की सीट भी एबीवीपी ने छीन ली है।

नाथद्वारा, एसएमबी कॉलेज के विजयी एबीवीपी प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ जीत का जश्न मनाते हुए।

नाथद्वारा. गर्ल्स कॉलेज के छात्रासंघ चुनाव में विजयी एबीवीपी की चारों प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ जश्न मनाते हुए।