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सुविवि में दूसरी बार एबीवीपी से एससी और एमपीयूएटी में चौथे साल भी एनएसयूआई से ओबीसी उम्मीदवार जीता

सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में लगातार दूसरी बार एबीवीपी और एमपीयूएटी में चौथे साल एनएसयूआई ने जीत दर्ज की है। सुविवि...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 05:55 AM IST
सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में लगातार दूसरी बार एबीवीपी और एमपीयूएटी में चौथे साल एनएसयूआई ने जीत दर्ज की है। सुविवि में कांटे की टक्कर के बाद लगातार दूसरी बार एबीवीपी ने केंद्रीय छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया। हिमांशु बागड़ी ने निर्दलीय प्रत्याशी सुखदेव डांगी को 783 वोट से हराया। डांगी को पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मयूरध्वज, भवानी शंकर बोरीवाल और एबीवीपी से अध्यक्ष पद के दावेदार निखिलराज राठौड़ के समर्थन के बावजूद बागड़ी ने उन्हें हराया। सुविवि के केंद्रीय छात्रसंघ अध्यक्ष के लिए 7476 वोट पड़े, जिसमें से हिमांशु बागड़ी को 3556 और सुखदेव डांगी को 2773 वोट मिले। वहीं एनएसयूआई प्रत्याशी महेश रोत को सिर्फ 781 वोट मिले। 209 वोट नोटा डले। जबकि 157 वोट निरस्त हुए। सुविवि में जातिगत समीकरण देखें तो लगातार दूसरी बार अनुसूचित जाति वर्ग के प्रत्याशी को ही जीत मिली। गत वर्ष एबीवीपी से भवानी शंकर बोरीवाल (खटीक) और इस वर्ष हिमांशु बागड़ी (खटीक) जीते हैं। एमपीयूएटी में पिछले चार वर्ष से लगातार एनएसयूआई और ओबीसी वर्ग से जाट प्रत्याशी एमपीयूएटी से जीतता आ रहा है। इस वर्ष जहां विकास गोदारा ने जीत हासिल की। वहीं गत वर्ष मणिराम चौधरी अध्यक्ष बने थे। उससे पहले 2016 में श्रवण भाकर और 2015 में रामनारायण जाट केंद्रीय छात्रसंघ अध्यक्ष रहे थे। सभी प्रत्याशी जाट हैं।

भास्कर की खबर सही : लॉ कॉलेज के परिणाम पर हाईकोर्ट में सुनवाई आज

सुविवि के संघटक लॉ कॉलेज में बुधवार को चुनाव परिणाम जारी हो सकते हैं। लॉ कॉलेज में एक प्रत्याशी ईश्वर अहीर के नामांकन में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर हाईकोर्ट जोधपुर में याचिका लगी हुई है। मामले में बुधवार को सुनवाई होनी है। इस संबंध में भास्कर ने सही खबर प्रकाशित की जबकि ज्यादातर मीडिया ने सुविवि के पूरे परिणाम पर ही रोक की खबर लगाई।



पुलिस के आगे झुके छात्रनेता...पपांच वर्ष में ऐसा पहली बार हुआ जब चुनावों के दौरान एसपी ने रूट मार्च किया हो। एसपी कुंवर राष्ट्रदीप ने मतदान के दिन भी रूट मार्च किया था। साथ ही पहले से ही छात्रनेताओं के साथ कानून व्यवस्था को लेकर सख्ती दिखाई थी, जिसका परिणाम रहा की चुनाव शांतिपूर्ण हुए। जीत के बाद हिमांशु बागड़ी ने एसपी के पांव छुए। एमजी में छात्राओं नें जीत की खुशी जाहिर की।

एनएसयूआई.. 4 साल से हार, 2 बार तीसरे स्थान पर, इस बार जमानत जब्त

सुविवि में एनएसयूआई का प्रदर्शन खराब रहा है। इस वर्ष महेश रोत मात्र 781 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। नियमानुसार कुल डाले वैध वोटों के लिए आवश्यक वोट नहीं पड़ने के चलते रोत की जमानत जब्त की जाएगी। पिछले चार साल से एनएसयूआई हारती आ रही है। आखिरी बार 2014 में हिमांशु चौधरी एनएसयूआई से अध्यक्ष पद पर जीते थे। उसके बाद 2015 में एनएसयूआई प्रत्याशी रौनक पुरोहित का नामांकन खारिज हो गया। वहीं 2016 में एनएसयूआई प्रत्याशी कृष्णपाल सिंह चूंडावत तीसरे स्थान पर रहे। हालांकि 2017 में रौनक गर्ग ने अध्यक्ष पद के लिए कड़ा मुकाबला किया। मगर 2018 में एक बार फिर एनएसयूआई तीसरे स्थान पर रही।

एमजी : एबीवीपी से पार पाना मुश्किल, पायल जीती

एमजी में पिछले 8 में से 6 वर्ष एबीवीपी जीती। जबकि 1 बार निर्दलीय और 1 बार एनएसयूआई प्रत्याशी जीता है। पांच वर्ष से लगातार एबीवीपी जीतती आ रही है। वहीं पिछले 5 वर्ष में से 4 बार एबीवीपी का पूरा पैनल जीता है। 2017 में शिवानी सोनी, 2016 में डिम्पल भावसार और 2014 में पायल जैन का पूरा पैनल जीता था। वहीं 2015 में अध्यक्ष सुमन कलासुआ रही थी मगर पूरा पैनल एबीवीपी का नहीं जीत पाया था।

संभाग के 6 जिलों के 34 कॉलेजों में से 18 पर एबीवीपी का कब्जा, एनएसयूआई 7 पर, भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा का 9 सीटों पर दखल

6 जिले : 2 सरकारी विवि, 34 सरकारी कॉलेज





एमपीयूएटी

विकास गोदारा

(एनएसयूआई)

179 वोट से जीत


यूनिवर्सिटी 02

एबीवीपी 01

एनएसयूआई 01

कॉलेज 11 एबीवीपी 06

एनएसयूआई 03

बीपीवीएम 02

मीरा गर्ल्स

पायल कलासुआ

(एबीवीपी)

128 वोट से जीत


कॉलेज 7

एबीवीपी 6

एनएसयूआई 1


कॉलेज 6

एबीवीपी 4

एनएसयूआई 2

आर्ट्स कॉलेज

भाग्योदय सोनी

438 वोट से जीत



कॉलेज 4

बीपीवीएम -एनएसयूआई गठबंधन 4

एबीवीपी 0


कॉलेज 3

बीपीवीएम 3

साइंस कॉलेज

दीपक गुर्जर

89 वोट से जीत




कॉमर्स कॉलेज

अर्पित कोठारी

278 वोट से जीत

सीटीएई

आयुष व्यास

118 वोट से जीत