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15 दिनों में श्रीजी के दर्शनों को पहुंचते हैं करीब दो लाख वैष्णव

इन दिनों गुजराती वैष्णव दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ रही है। दीपावली पर्व के बाद 15 दिनों तक चलने वाले सीजन में करीब 2...

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 08:20 AM IST
Nathdwara - in 15 days shreeji39s views are reached about two lakhs vaishnav
इन दिनों गुजराती वैष्णव दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ रही है। दीपावली पर्व के बाद 15 दिनों तक चलने वाले सीजन में करीब 2 लाख से अधिक वैष्णव, धार्मिक दर्शनार्थियों की आवक और 100 करोड़ के व्यापार की उम्मीद की जा रही है। नाथद्वारा के व्यापारियों, मंदिर से जुड़े सेवकों, ग्वाल बालों के लिए साल भर में दीपावली सबसे बड़ा सीजन है।

100 करोड़ का टर्न ओवर : श्रीजी मंदिर में मनोरथ करवाने, प्रसाद लेने, बाजार से तस्वीर, पिछवाई, शृंगार और अन्य खरीदारी सहित होटल, ट्रांसपोर्टेशन से 15 दिन के सीजन में 100 करोड़ के टर्नओवर की आशा की जा रही है। इसमें तस्वीर, पिछवाई और पेंटिंग से 5 करोड़, शृंगार सामग्री के 3 करोड़, होटल, रेस्टारेंट और खान- पान में 10 करोड़ और सबसे अधिक प्रसाद और मंदिर में मनोरथ पर व्यापार की उम्मीद है।

कृष्ण से जुड़ी बिकती हैं सामग्री : दीपावली के सीजन में भगवान कृष्ण और श्रीनाथजी से जुड़ी तस्वीरें, पेंटिंग और पिछवाई की बिक्री होती है।

15 सालों में आया बूम, पहले एक लाख पहुंचते थे दर्शनार्थी

त्यौहारी सीजन में 15 सालों में विशेष बूम देखने को मिला है। 15 वर्ष पहले जहां सीजन भर में धार्मिक दर्शनार्थियों की संख्या 1 लाख के करीब रहती थी, वह अब बढ़कर दोगुनी हो गई है। उसी आधार पर त्यौहारी व्यापार भी बढ़ते-बढ़ते 100 करोड़ तक जा पहुंचा। शहर में धीरे-धीरे श्रीजी की तस्वीरों, पिछवाई, छवि और लालन के शृंगार का व्यापार करोड़ों में पहुंच गया। वर्तमान में करीब 500 परिवार तस्वीरों और चित्रकारी व्यापार से जुड़े हुए है। शृंगार में 700 परिवार रोजगार चला रहे है। अभी तस्वीरों का सालाना 15 करोड़ का व्यापार होता है। शृंगार से सालाना 7 करोड़ का व्यापार का अनुमान रहता है। दुकानदार प्रसाद को वैष्णवों, दर्शनार्थियों को विक्रय कर अपना व्यापार चलाते है। अनुमान के अनुसार प्रसाद का व्यापार सालाना 15 करोड़ तक का है।

मंदिर में प्रतिमाह आता है 1 करोड़ का चढ़ावा

श्रीजी मंदिर में विभिन्न जगहों पर लगी दान पेटियों को प्रति गुरुवार को खोली जाती है। प्रतिमाह करीब 1 करोड़ रुपए से अधिक की राशि नगद भेंट प्राप्त होती है। इसके अलावा मनोरथ और से भी भेंट राशि से मंदिर को आय होती है।

द्वारकाधीश मंदिर में हर रोज पांच हजार दर्शनार्थी पहुंच रहे

राजसमंद | राजसमंद जिले के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की खासी भीड़ आ रही है। श्रीजी मंदिर के दर्शन के साथ कांकरोली स्थित द्वारकाधीश मंदिर में भी दिनभर पर्यटकों की रेलमपेल लगी है। इसी प्रकार चारभुजा मंदिर, हल्दीघाटी और कुंभलगढ़ में भी सैलानियों की धूम है। पुष्टिमार्गीय परंपरा की तृतीय पीठ कांकरोली स्थित द्वारकाधीश मंदिर में सुबह मंगला के दर्शनों से लेकर अंतिम शयन तक दिनभर होने वाले आठ दर्शनों के समय मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र सहित देशभर से आने वाले सैलानियों की रेलमपेल रहती है। द्वारकाधीश मंदिर के अधिकारी भगवतीलाल पालीवाल ने बताया कि दीपावली के बाद से बाहर से आने वाले दर्शनार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि हर साल दीपावली के बाद लाभ पंचमी तक दर्शनार्थियों की खासी भीड़ रहती है। हल्दीघाटी संग्रहालय के संस्थापक डॉ. मोहन श्रीमाली ने बताया कि दीपावली के बाद सैलानियों की संख्या दुगुनी हो गई है। अमूमन दिनों में औसत डेढ़ से दो हजार सैलानी हल्दीघाटी संग्रहालय देखने आते है। दीपावली के बाद इनकी संख्या दोगुनी हो गई है।

चारभुजा में दर्शनार्थियों की भारी भीड़ रह रही

चारभुजा | चारभुजा कृष्णधाम में इन दिनों दीपावली की छुट्टियों में गुजराती वैष्णवों का बूम सा आया है। मंदिर में सुबह से देर शाम तक वैष्णवों की कतारें लगी रहती है।

श्रीजी मंदिर में दर्शनों को पहुंचे वैष्णव

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