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आश्रम से छुड़वाई 25 बच्चियां उदयपुर भेजी, विरोध पर महिला सिपाहियों ने बाल खींचे, घसीटकर बस तक ले गईं

बालिका गृह में कम जगह बता कार्रवाई; छुड़वाई बालिकाएं और परिजन बोले- हमें आश्रम से कोई आपत्ति नहीं है

Dainik Bhaskar

Jul 10, 2018, 06:14 AM IST
रासमंद. बच्ची के बाल खींचती महिला सिपाही। रासमंद. बच्ची के बाल खींचती महिला सिपाही।

राजसमंद. शहर में आध्यात्मिक गोमुख सेवा समिति के आश्रम से छुड़वाई 67 में से 25 किशोरियों को सोमवार शाम समिति के आदेश पर पुलिस ने जबरन उदयपुर शिफ्ट करवा दिया। बच्चियां यहां से जाने को तैयार नहीं हुई तो महिला पुलिसकर्मियों ने इन्हें थप्पड़ तक जड़ दिए। सिपाही इन्हें बाल पकड़कर बस तक ले गईं। बच्चियों के परिवार वालों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया तो जाप्ते ने सड़क पर लाठियां पीटकर इन्हें भी खदेड़ दिया। उल्लेखनीय है कि आश्रम के अवैध संचालन की शिकायत पर राजसमंद बाल कल्याण समिति ने बच्चियों को छुड़वाया था। बच्चियां और अभिभावक समिति की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। इनका कहना है कि वे आश्रम में ही रहना चाहते हैं।

आध्यात्मिक गोमुख सेवा समिति आश्रम से छुड़वाई 67 बालिकाओं का मामला: सुभाषनगर के पास पीर बावजी स्थानक के सामने होटल राजमहल में संचालित आध्यात्मिक गोमुख सेवा समिति के आश्रम से 4 जुलाई को 67 बच्चियों को मुक्त करवाया था। राजसमंद बाल कल्याण समिति ने इन्हें पन्नाधाय बालिका गृह में रखा था। बालिका गृह में क्षमता से ज्यादा बच्चियां होने का हवाला देते हुए इनमें से 25 को उदयपुर के बालिका गृह में भेजने के आदेश मिले थे।

बच्चियों के साथ महिला सिपाहियों की ऐसी संवेदनहीनता: समिति अध्यक्ष भावना पालीवाल के आदेश पर शाम पांच बजे राजसमंद डीएसपी राजेंद्र सिंह राव, महिला थानाधिकारी नानालाल जाप्ते के साथ सादी वर्दी धारी महिला कांस्टेबल को लेकर आसरा विकास संस्थान के पन्नाधाय बालिका गृह पहुंचे। बच्चियों को उदयपुर ले जाने का आदेश बताते हुए इन्हें बस में बैठने को कहा। बच्चियों ने वहां ले जाने का विरोध किया तो महिला सिपाहियों ने इन्हें जबरन बस में बैठाने का प्रयास शुरू कर दिया। इस पर बच्चियों ने शोर कर दिया। आसपास के बड़ी संख्या में लोग इकट्‌ठा हो गए। इस बीच बालिका गृह के बाहर खड़े बच्चियों के परिजनों ने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। ये बस के आगे लेट गए। इस पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर इन्हें हटा दिया। इस बीच करीब एक घंटे तक हंगामा होता रहा। महिला सिपाहियों का कहना है कि बच्चियों ने उनके हाथ पर काटा। इसके बाद उन्हें सख्ती दिखाई।

पुलिस ने बच्चियों से कोई जबरदस्ती नहीं की : पुलिस ने बच्चियों से कोई जबरदस्ती नहीं की। बाल कल्याण समिति ने बच्चियों को उदयपुर शिफ्ट करने के लिए मदद मांगी। इसलिए पुलिस मौके पर मौजूद रही।- मनोज कुमार, एसपी, राजसमंद

बाल कल्याण समिति अध्यक्ष के खिलाफ की नारेबाजी : सोमवार को देवथड़ी स्थित किशोर न्याय बोर्ड में न्यायपीठ लगाई। इसमें बच्चियों के माता-पिता से जरूरी दस्तावेज मांगे। जैसे ही बाल कल्याण समिति अध्यक्ष भावना पालीवाल किशोर न्याय बोर्ड परिसर पहुंची बच्चियों के अभिभावकों ने पालीवाल के खिलाफ नारेबाजी की। इस पर भावना पालीवाल ने राजनगर थाने में शिकायत की। शिकायत पर राजनगर थाने से द्वितीय थानाधिकारी प्रेमसिंह चूंडावत मय जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और अभिभावकों से समझाइश की।

उदयपुर में सीडब्ल्यूसी ने बुलाई बैठक, किशोरियों को शिफ्ट करने पर विचार: राजसमंद सीडब्ल्यूसी के निर्देश पर 25 किशोरियों को उदयपुर भेजने के बाद सोमवार रात को यहां की सीडब्ल्यूसी की आपात बैठक हुई। सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष प्रीति जैन, सदस्य बीके गुप्ता सहित अन्य सदस्य कार्यालय पहुंचे। देर रात तक बच्चियों को शिफ्ट नहीं किया जा सका।

परिजन बोले- क्या अपराध किया है जो पुलिस ऐसी ज्यादती कर रही है
बच्चियों के परिजनों ने बस के आगे खड़े होकर डीएसपी राजेंद्र सिंह से सवाल पूछा कि बच्चियों को किस आदेश पर ले जाया जा रहा है। इस पर डीएसपी ने बाल कल्याण समिति का आदेश दिखाया तो परिजनों ने कहा कि ऐसा क्या अपराध कर दिया है कि पुलिस इस प्रकार घसीटते हुए बच्चियों को ले जा रही है।

राज्य बाल आयोग अध्यक्ष चतुर्वेदी आज लेंगी बैठक: राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी सोमवार देर रात को आयोग के सदस्य एसपी सिंह, उमा रत्नू, सीमा जोशी, साधना सिंह के साथ नाथद्वारा पहुंची। रात्रि विश्राम के बाद वे मंगलवार सुबह साढ़े ग्यारह बजे कलेक्ट्री में बैठक लेंगी।

बच्चियां चिल्लाई तो परिजन और मोहल्लावासी इकट्‌ठा हो गए: बच्चियों से जबरन बस में बैठाने पर बच्चियों चिल्लाहट करीब एक घंटे तक चलती रही। इस पर परिजन और शहरवासी भी इकट्‌ठा हो गए ओर विरोध-प्रदर्शन किया। इस पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर हटा दिया।

पुलिस, परिजनों के बीच हुई खींचतान:बच्चियों को लेकर बस के उदयपुर के लिए रवाना होने के दौरान परिजन विरोध-प्रदर्शन करते हुए बस के आगे बैठ गए। इस पर पुलिस ने घेराबंदी कर बल प्रयोग करते हुए हटाने का प्रयास किया। पुलिस और परिजनों के बीच पांच मिनट तक खींचतान हुई।

एक घंटे तक चला हंगामा
बच्चियां बोलीं, पुलिस ने हमारे बाल खींचे, मारपीट की:
बस में बैठी बच्चियों ने अभिभावकों और मीडिया से कहा कि पुलिस ने उनके बाल पकड़ कर घसीटते हुए गाड़ी में बैठाया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके बाल खींच कर धक्का दिया। बच्चियों ने महिला सिपाहियों पर संवेदनहीनता दिखाने का आरोप लगाया।

सिपाही बोलीं, बच्चियों ने हाथ पर काटा, इसलिए सख्ती की: जाप्ते के साथ आठ महिला सिपाही शामिल थीं। बच्चियां बस में बैठने को तैयार नहीं हो रही थीं। हालात ऐसे बने कि एक लड़की को बाहर निकालने के लिए तीन-तीन महिला सिपाहियों को मशक्कत करनी पड़ी। महिला सिपाहियों का कहना है कि बच्चियों ने उनके हाथ पर काटा।

पुलिस कार्यवाही पर विरोध जताते परिजन। पुलिस कार्यवाही पर विरोध जताते परिजन।
माैके पर घंटों चलता रहा हंगामा। माैके पर घंटों चलता रहा हंगामा।
आश्रम से इस तरह ले जाई गईं छात्राएं। आश्रम से इस तरह ले जाई गईं छात्राएं।
बच्चियों को बस तक ले जाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया। बच्चियों को बस तक ले जाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया।
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रासमंद. बच्ची के बाल खींचती महिला सिपाही।रासमंद. बच्ची के बाल खींचती महिला सिपाही।
पुलिस कार्यवाही पर विरोध जताते परिजन।पुलिस कार्यवाही पर विरोध जताते परिजन।
माैके पर घंटों चलता रहा हंगामा।माैके पर घंटों चलता रहा हंगामा।
आश्रम से इस तरह ले जाई गईं छात्राएं।आश्रम से इस तरह ले जाई गईं छात्राएं।
बच्चियों को बस तक ले जाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया।बच्चियों को बस तक ले जाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया।
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