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हैल्पलाइन 181 पर छह माह में साढ़े पांच लाख से ज्यादा शिकायतें, जयपुर अव्वल

इस हैल्पलाइन पर केवल फोन करके शिकायत दर्ज करवानी होती है। यह सुविधा निशुल्क है। शिकायत के साथ न तो कोई दस्तावेज...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 02, 2018, 06:05 AM IST

इस हैल्पलाइन पर केवल फोन करके शिकायत दर्ज करवानी होती है। यह सुविधा निशुल्क है। शिकायत के साथ न तो कोई दस्तावेज देने की जरूरत है और ना ही किसी प्रकार का आवेदन करने की जरूरत। इसलिए लोगों ने फोन करके इस हैल्पलाइन पर खूब शिकायतें दर्ज करवाईं। एडवोकेट संदीप कलवानिया का कहना है कि लोगों के छोटे-छोटे कामों को भी अधिकारी अटकाए रखते हैं। लोग बड़ी उम्मीद के साथ इस हैल्पलाइन पर शिकायत करते हैं। अधिकारियों को तय समय में निस्तारण करना चाहिए।

10 जिलों में शिकायतों की संख्या 20 हजार से अधिक, जयपुर में 61 हजार

विनोद मित्तल | जयपुर

जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पिछले साल अगस्त में शुरू की गई सीएम हैल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराने के मामले में जयपुर जिला अव्वल है। दूसरे स्थान पर भरतपुर और तीसरे स्थान पर दौसा है। 10 जिले ऐसे हैं जहां से शिकायतों की संख्या 20 हजार से अधिक है। हैल्पलाइन शुरू होने के बाद से अब तक देखें तो हर रोज 3 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज हो रही है।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पिछले साल 15 अगस्त को इस हैल्पलाइन का उद्घाटन किया था। इसके बाद इस साल फरवरी में आयोजित कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री को कहना पड़ा कि यह हैल्पलाइन कलेक्टर्स का काफी समय ले रही है। इसमें बदलाव की जरूरत है। आखिर बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी? इसको जानने के लिए जन अभियोग निराकरण विभाग से हैल्पलाइन पर आने वाली समस्याओं की जानकारी मांगी गई तो सामने आया कि 15 अगस्त 2017 से लेकर 8 फरवरी 2018 तक 5,62,514 शिकायतें दर्ज हो गई थी। इतनी अधिक शिकायतें होने से कलेक्टर का समय इनके निस्तारण और मॉनिटरिंग में ही बीत रहा था। हालांकि विभाग ने दावा किया कि इनमें से 4,70,810 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया और इस दिन तक 91,704 शिकायतें पेंडिंग थीं। सूचना उपलब्ध कराने की अवधि को देखे तो सामने आता है कि प्रतिदिन 3160 शिकायतें दर्ज हो रही है। सबसे कम शिकायत डूंगरपुर जिले से पहुंची है। इस जिले से 3385 ही हैल्पलाइन पर दर्ज हुई।

फैक्टचैक

जनता की शिकायतों के समाधान के लिए पिछले साल 15 अगस्त से शुरू हुई हैल्पलाइन पर शिकायतों की भरमार, कलेक्टर परेशान

टॉप 10 जिले

जिला शिकायतें पेडिंग

जयपुर 61278 9346

भरतपुर 36932 4147

दौसा 31626 4003

अलवर 28183 5601

जोधपुर 27921 5800

नागौर 23943 2530

अजमेर 23048 3991

भीलवाड़ा 22478 4012

बाड़मेर 21876 4077

सवाई माधोपुर 20257 2792

सीएम हैल्पलाइन पर शिकायत के बाद वह निस्तारित हो जाती हैं, इसलिए लोगों का भरोसा बढ़ा है। यही कारण है जिले में शिकायतों की संख्या अधिक है। हम हर सोमवार संपर्क पोर्टल पर आने वाली शिकायतों और बिजली, पानी, सड़क की शिकायतों की समीक्षा करते हैं। - नरेश कुमार शर्मा, कलेक्टर, दौसा

हम टाइम लाइन के अनुसार काम करते हैं। हम सप्ताह में 4 दिन जनसुनवाई करते हैं। साथ ही रात्रि चौपाल में भी शिकायतें सुनी जाती है। कोई मेरे ऑफिस में शिकायत लेकर आता है, तो मुझसे कभी भी मिल सकता है। इसलिए जिले से शिकायतों की संख्या कम है। - राजेंद्र भट्ट, कलेक्टर, डूंगरपुर

इसलिए है शिकायतों की अधिक संख्या

यहां सबसे कम शिकायतें

जिला शिकायतें पेडिंग

डूंगरपुर 3385 469

बांसवाड़ा 4571 934

सिरोही 4672 906

प्रतापगढ़ 5135 814

राजसमंद 6178 1355

जैसलमेर 7367 1523

झालावाड़ 10249 1361

जालौर 10382 1873

चूरू 10543 2230

चित्तौडगढ़ 10826 1780

हैल्पलाइन में क्या बदलाव करें, बताएगी कमेटी

हैल्पलाइन में क्या बदलाव किया जाए। इसके लिए सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया था। बदलावों को लेकर मंथन चल रहा है। आने वाले समय में जन सुविधाओं की जरूरत के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है। फिलहाल हैल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण के लिए 4 लेवल पर अफसरों की जिम्मेदारी तय है।

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